किताबी परिभाषा तो यह कहती है कि जीडीपी ग्रोथ रेट दो क्वार्टर में निगेटिव हो जाए यानी अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ने के बजाय सिकुड़ जाए तो मंदी आ गई है। उतनी बड़ी मंदी का अंदेशा अभी नहीं दिख रहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।