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‘इन बड़ी वजहों से भारतीय मीडिया के लिए काफी व्यस्तताओं भरा रहने वाला है नया साल’
कहीं से नहीं लगता कि आने वाला साल किसी भी तरह से मीडिया सेक्टर के लिए बुरा हो सकता है। अच्छा सोचिए, अच्छा होगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
विष्णु शर्मा।।
मीडिया चैनल्स में लोग कब खुश होते हैं, जब कोई बड़ी खबर होती है, ताकि कई बार लाइव बुलेटिंस, ब्रेकिंग्स और बाद में चर्चा वाले शोज बनाकर ज्यादा से ज्यादा दर्शकों को आकर्षित किया जा सके। प्रिंट को भी अब उनकी बड़ी वेब खबरों पर मिलने वाले हिट्स के जरिये रेवेन्यू पर पड़ता असर साफ दिखने लगा है। ऐसे में अगर वर्ष 2023 का पूर्वानुमान लगाएं तो ये मानकर चलिए कि न्यूज मीडिया के लिए ये साल बेहतरीन जाने वाला है।
सबसे बड़ा न्यूज इवेंट है 2024 का लोकसभा चुनाव। तमाम राजनीतिक पार्टियों और सर्वे करवाने वाली एजेंसियों ने अभी से ‘वॉर रूम’ की तैनाती शुरू कर दी है। यानी 2023 के शुरू से ही ढेरों मीडिया वालों की जरूरत इन सबको पड़ने वाली है। अब सोचिए मीडिया हाउसेज क्या करेंगे, ‘आजतक‘ ने अभी से चुनाव आधारित नया यूट्यूब चैनल शुरू करने के लिए टीम का ऐलान कर दिया है। लगभग हर न्यूज चैनल, अखबार और वेबसाइट्स व यूट्यूब चैनल्स को 2024 के चुनावों के लिए बड़ी तादाद में पत्रकार चाहिए होंगे और इन सबकी भर्ती 2023 में ही होगी।
इस साल भी कई बड़े राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। शुरुआत शायद फरवरी में ही हो जाएगी, क्योंकि मार्च 2023 तक त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में चुनाव होने हैं और ये मानकर चलिए कि कम से कम त्रिपुरा के चुनावों में तो आपको देश का हर बड़ा पत्रकार फील्ड में दिखाई देगा। दरअसल, लेफ्ट फिर से त्रिपुरा को वापस लेना चाहेगा और सीएम बदल चुकी बीजेपी इसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहेगी।
मीडिया वालों को मुश्किल से डेढ़ दो महीने की छुट्टियां ही मिल पाएंगी कि कर्नाटक का चुनाव आ जाएगा। बीजेपी ने येदियुरप्पा को हटाकर जो नया प्रयोग किया था, उसकी परीक्षा इन चुनावों में होगी। कर्नाटक में कांग्रेस की भी पकड़ मजबूत है और देवेगौड़ा के साथ मिलकर सरकार बनाने का विकल्प भी। मुश्किल बीजेपी के साथ जी जनार्दन रेड्डी की ताजा बनी पार्टी भी कर सकती है, सो जितना मुकाबला रोचक होगा, मीडिया को उतना ही फायदा मिलेगा।
ऐसे ही रोचक मुकाबले अक्टूबर-नवंबर में चार राज्यों-एमपी, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम में होने हैं। मिजोरम को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में इतना कांटे का मुकाबला होना है कि और कोई खबर चलने वाली ही नहीं है। दिसंबर तक तेलंगाना का चुनाव भी होना है, ऐसे में बीजेपी की वहां लगातार बढ़त हिंदी पट्टी की मीडिया को व्यस्त रखने वाली है।
सबसे खास बात ये कि इन सभी नौ राज्यों के हर जिले में स्ट्रिंगर सबके पास होगा नहीं तो उनके लिए भी रास्ते खुलने वाले हैं, ऐसे में तमाम लोगों को स्थाई नौकरी मिलने के भी रास्ते खुल जाएंगे। इन सभी राज्यों में तब तक तमाम न्यूज चैनल्स भी चुनावों के चलते खुलेंगे। सो 2023 का साल मीडिया वालों के दोनों हाथों में लड्डू वाला है। हर राज्य के वरिष्ठ पत्रकारों को भी अतिरिक्त काम मिल जाएगा। इतना ही नहीं 2023 में ही बीएमसी और यूपी के निकाय चुनाव भी होने हैं। सोचिए, साल कितना रोमांचकारी होगा और अंत में पहुंचते-पहुंचते 2024 के चुनावों की रणभेरी बज जाएगी। जम्मू-कश्मीर में भी इस साल चुनाव हो सकते हैं।
2023 में ही भारत क्रिकेट वर्ल्ड कप को होस्ट करने जा रहा है। अक्टूबर-नवंबर के बीच ही वर्ल्ड कप होगा तो मानकर चलिए कि उससे पहले के दो महीने भी काफी व्यस्त रखने वाले हैं। तमाम तरह के नए रोजगार के मौके भी मिलेंगे। 2023 में G 20 की मीटिंग्स भी अलग- अलग शहरों में होनी तय हुई हैं। हर मीटिंग में देश-विदेश की मीडिया का बड़ा जमावड़ा होना तय मानिए।
कोरोना की वजह से कई तरह के आयोजन बंद थे, जिन पर मीडिया की नजरें रहती थीं, वर्ष 2023 से वो सब होने जा रहे हैं। सबसे पहले ग्रेटर नोएडा में 13 जनवरी से 18 जनवरी तक ऑटो एक्सपो लगेगा। फरवरी में वर्ल्ड बुक फेयर प्रगति मैदान में लगेगा। नई संसद का उद्घाटन भी 2023 में ही होगा। राम मंदिर में भी दर्शनार्थी अंदर प्रवेश कर सकेंगे और ये सब घटनाएं मीडिया के लिए माहौल गरम रखेंगी।
छह मई 2023 को प्रिंस चार्ल्स का राज्याभिषेक लंदन में होगा तो मानकर चलिए कि न्यूज रूम में वहां जाने वालों के लिए अभी से रेस चल रही होगी। एक हफ्ता तो इसे ही चलाएंगे न्यूज चैनल्स। एक और बड़ी घटना 2023 में होने जा रही है, भारत चीन को पीछे छोड़कर जनसंख्या के मामले में नंबर वन देश बन जाएगा। सोचिए, कितने हफ्तों पहले से मीडिया इस पर चर्चा करवानी शुरू करेगी और कोई आश्चर्य नहीं कि मोदी जी इस मौके पर जनसंख्या कानून या नई नीति का ऐलान करके मीडिया को और व्यस्त कर दें।
मीडिया को 2023 में बॉलीवुड भी काफी व्यस्त रखने वाला है। एक से एक चर्चित और विवादित फिल्में जो रिलीज होने वाली हैं, जिनमें शाहरुख खान की ‘पठान’ और कंगना रनौत की ‘इमरजेंसी’ भी शामिल हैं। प्रभास की ‘आदिपुरुष‘ भी नए लुक के साथ आएगी। सलमान खान की ‘टाइगर 3‘ और ‘किसी का भाई किसी का जान‘ भी आने वाली हैं। अजय देवगन की ‘भोला‘, विकी कौशल की ‘सैम बहादुर‘ और शाहरूख की ‘जवान‘ भी।
कुछ इंटरनेशनल घटनाएं भी भारत की मीडिया में जगह बनाएंगी। जैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश के चुनाव, प्रिंस चार्ल्स का राज्याभिषेक तो है ही। कुल मिलाकर इन सब खबरों और आयोजनों के चलते 2023 में भारतीय मीडिया काफी व्यस्त रहने वाली है। काफी गहमागहमी रहने वाली है, न केवल पॉलिटिकल रूप से बल्कि स्पोर्ट्स और फिल्मी क्षेत्र में भी। ऐसे में 2023 में जो मंदी की बात कही जा रही है, वो बिजनेस बीट के पत्रकारों को भी व्यस्त रखेगी। हालांकि, इतने व्यस्त हालात में जब इतने मीडियाकर्मियों की जरूरत हर बीट और डेस्क पर रहेगी तो मंदी की मार इस सेक्टर पर पड़ने के ज्यादा आसार नहीं हैं।
इन सब आयोजनों पर खर्च होने वाले बड़े धन में से विज्ञापन के रूप में मीडिया हाउसेज को भी हिस्सा मिलना ही है, ऐसे में उसका सीधा फायदा काम ही सही लेकिन मीडिया कर्मियों को भी मिलना है, सो कहीं से नहीं लगता कि आने वाला साल किसी भी तरह से मीडिया सेक्टर के लिए बुरा हो सकता है। अच्छा सोचिए, अच्छा होगा।
(यह लेखक के निजी विचार हैं। लेखक वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और इतिहासकार हैं।)
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