अतुल जी अखबार के भीतर संपादकीय स्वातंत्र्य के पक्षधर थे। उन्होंने जो कार्य संस्कृति विकसित की उसने विज्ञापन प्रसार और संपादकीय विभागों में समन्वय तो बनाया पर हर विभाग की अपनी स्वायत्तता भी बरकरार रखी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो