काश, प्रो. कमल दीक्षित आज भी यही कहते- ‘मेरा शरीर बीमार है, मैं नहीं...’

साल दो हजार में जब ‘समागम’ का प्रकाशन संपादन शुरू किया तो हर अंक के साथ उनका हौसला बढ़ाने वाला फोन जरूर आता।

Last Modified:
Thursday, 11 March, 2021
kamaldixit5


मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. कमल दी...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए