आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने अपने कालखंड में हिंदी के विरुद्ध मुस्लिम नेताओं के बयानों को जिहाद बताया था। स्वाधीनता पूर्व हिंदी को दुर्बल करने के लिए मुसलमानों ने राजनीति की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।