होम / विचार मंच / पाकिस्तान ने अब दुस्साहस किया तो भारी कीमत चुकाएगा: रजत शर्मा
पाकिस्तान ने अब दुस्साहस किया तो भारी कीमत चुकाएगा: रजत शर्मा
यद्यपि पाकिस्तान में उसके आतंकी अड्डे, वायु रक्षा प्रणाली तथा एयरबेस ध्वस्त हो गए, परंतु पश्चिमी मीडिया ने ऐसा भ्रम रच दिया मानो पाकिस्तान ने भारत को भारी क्षति पहुँचाई हो।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
रजत शर्मा , इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
पाकिस्तान की सेना ने उन आतंकवादी अड्डों को पुनः सक्रिय कर दिया है, जिन्हें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना ने नष्ट कर दिया था। ये आतंकी शिविर अब एक बार फिर पाकिस्तान की सेना की निगरानी और संरक्षण में संचालित हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, भारत में DRDO ने ड्रोन के माध्यम से मिसाइल प्रक्षेपण का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण की सफलता देखकर निश्चित रूप से पाकिस्तान की स्थिति संकटपूर्ण हो सकती है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर ने हाल ही में चीन की यात्रा की, जहाँ उन्होंने वहाँ के उपराष्ट्रपति तथा विदेश मंत्री से भेंट की।
बीजिंग में पाँव रखते ही उन्हें चीन की ओर से तीखी फटकार मिली, क्योंकि बलूचिस्तान में हो रहे हमलों में चीनी इंजीनियर मारे जा रहे हैं, जिससे चीन की चिंता गहराई है। भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा है कि भारतीय सेनाएं पूर्णतः सतर्क अवस्था में हैं, क्योंकि हमें भलीभांति ज्ञात है कि सीमा पार पाकिस्तान किस प्रकार की गतिविधियाँ संचालित कर रहा है। इस बात की पूर्ण संभावना है कि पाकिस्तान एक बार फिर दुस्साहस करेगा। जनरल आसिम मुनीर को यह भ्रांति है कि चार दिन की पराजयपूर्ण लड़ाई के बावजूद उन्हें किसी प्रकार का लाभ प्राप्त हुआ है।
जो पाकिस्तान कुछ समय पूर्व तक अंतरराष्ट्रीय मंच पर भीख का कटोरा लिए घूमता था, वही अब एक पहलवान की मुद्रा में आकर चुनौती देने का प्रयास कर रहा है। जो राष्ट्र वैश्विक दृष्टि में अप्रासंगिक हो चला था, उसे पश्चिमी मीडिया ने भारत जैसी क्षेत्रीय महाशक्ति के समकक्ष स्थापित करने का प्रयत्न किया। ट्रंप ने इस भ्रम को और गहरा कर दिया। 25 बार ‘सीज़फायर’ कराने का दावा किया, पाँच भारतीय विमानों को मार गिराने की बात भी जोड़ दी, और व्हाइट हाउस में जनरल मुनीर को भोज भी करा दिया। जिस पाकिस्तान को पूर्व में ट्रंप कोई महत्व नहीं देते थे, उसी को अब भारत के समकक्ष रखकर तुलनात्मक दृष्टि से प्रस्तुत किया जा रहा है।
पाकिस्तान को अब चीन से हथियार, तुर्की से ड्रोन एवं ऑपरेटर, और युद्धकाल में भारतीय सेना की रीयल टाइम खुफिया जानकारी प्राप्त हो रही है। पाकिस्तान की ओर से यह एक प्रॉक्सी वॉर (प्रतिनिधि युद्ध) के रूप में लड़ा गया। किसी भी सेना के लिए इससे अधिक और क्या अपेक्षित होगा? यद्यपि पाकिस्तान में उसके आतंकी अड्डे, वायु रक्षा प्रणाली तथा एयरबेस ध्वस्त हो गए, परंतु पश्चिमी मीडिया ने ऐसा भ्रम रच दिया मानो पाकिस्तान ने भारत को भारी क्षति पहुँचाई हो। जो सेना पहले पाकिस्तान के भीतर ही आलोचना की शिकार थी, वही अब अपनी ‘बहादुरी’ की गाथाएँ सुनाने में व्यस्त है।
अब पाकिस्तान के भीतर यह धारणा बन रही है कि ट्रंप और अंतरराष्ट्रीय मीडिया भारत के विरुद्ध वातावरण बना रहे हैं। चीन, पाकिस्तान की सेना का पालक बन गया है। पाकिस्तान को ऋण भी मिलने लगे हैं। ऐसे में यदि जनरल मुनीर का विवेक भ्रष्ट हो जाए, तो उसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं। हाँ, यह अवश्य सत्य है कि इस बार यदि पाकिस्तान ने कोई दुस्साहस किया, तो उसे उसकी अत्यंत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जो अनुभव और रणनीतिक ज्ञान प्राप्त किया है। वह पाकिस्तान को खंड-खंड करने के लिए पर्याप्त है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
टैग्स