होम / विचार मंच / नीतीश कुमार के पास अब मुसलमान वोट नहीं : समीर चौगांवकर

नीतीश कुमार के पास अब मुसलमान वोट नहीं : समीर चौगांवकर

मुस्लिम समुदाय को याद है कि सीतामढ़ी से जदयू के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा था कि इस चुनाव में यादव और मुसलमानों ने उन्हें वोट नहीं दिया। इसलिए वे उनका काम नहीं करेगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 months ago

समीर चौगांवकर, वरिष्ठ पत्रकार, लेखक।

अक्टूबर 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत मिला तो उसमें लालू के जंगल राज के साथ नीतीश की सेक्युलर छवि का बड़ा योगदान था। नीतीश ने पिछड़ों के बीच वंचित अति पिछड़ा वर्ग, दलितों के बीच हाशिए पर खड़े महादलित वर्ग और मुसलमानों के बीच पिछड़े पसमांदा समूह को अपने साथ जोड़ा था। पसमांदा मुसलमानों की लड़ाई लड़ने वाले अली अनवर नीतीश के करीबी नेता थे।

नीतीश कुमार की सफलता की एक बड़ी वजह यह भी रही कि उन्होंने मुसलमानों के बीच बरसों से दबे जाति के सवाल को आवाज दी। पसमांदा आंदोलन को वैधता प्रदान की। रंगनाथ मिश्र आयोग और सच्चर आयोग के सुझावों को मान्यता दी। अली अनवर जैसे नेता को राज्यसभा भेजा। जिनके राज्यसभा में भाषणों से संसद की बहसों में मुसलमानों की विविधता का पक्ष दर्ज हुआ।

2005 के विधानसभा चुनाव में जदयू के चार मुसलमान विधायक चुने गए थे। इससे उत्साहित नीतीश कुमार ने चारों विधायकों को बारी-बारी से मंत्री बनाया। इसका असर यह हुआ कि 2010 के विधानसभा चुनाव में जदयू के सात मुस्लिम विधायक बने और छह पर दूसरे स्थान पर रहे।

सीएसडीएस लोकनीति के सर्वेक्षण में 28 फीसद मुसलमानों ने कहा था कि बिहार में मुसलमानों के लिए जदयू ही सबसे अच्छी पार्टी है। जबकि राजद के लिए ऐसा सिर्फ 26.4 फीसद मुसलमानों ने कहा। उस समय मुसलमानों में नीतीश का ऐसा असर था कि पहली बार कोई मुस्लिम प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत गया। वे सबा जफर थे, जो अमौर से चुनाव जीते थे। बाद में वे जदयू में शामिल हो गए।

नीतीश को मुसलमानों के समर्थन की वजह थी। वह नीतीश ही थे जिन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव में पसमांदा जातियों को अति पिछड़ा श्रेणी में शामिल किया। उन्होंने भागलपुर दंगों का स्पीडी ट्रायल कराया। गरीब मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू की। स्थानीय निकाय और सरकारी नौकरियों में पसमांदा मुसलमानों को आरक्षण दिया।

नीतीश ने तमाम अवसरों पर बिहार से पाँच मुसलमानों को राज्यसभा भेजा और 16 मुसलमानों को विधान परिषद भेजा। आठ मुसलमानों को अपने मंत्रालय में जगह दी। इनमें बड़ी संख्या पसमांदा मुसलमानों की थी।

2009 के लोकसभा चुनाव और 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी प्रचार करने बिहार आना चाहते थे। लेकिन नीतीश ने यह कहकर कि हमारे पास एक मोदी है ही, दूसरे मोदी की जरूरत नहीं है, मोदी को बिहार आने नहीं दिया था। दरअसल नीतीश को अपने मुस्लिम वोट बैंक की चिंता थी।

2014 के लोकसभा चुनाव में नीतीश ने अपनी सेक्युलर छवि को बचाए रखने के लिए एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला किया और सिर्फ दो सीटों पर सिमट गए। 2015 में लालू के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और सरकार बनाई, लेकिन 2017 में भाजपा के साथ चले गए।

2020 के विधानसभा चुनाव में उनको मिलने वाले मुस्लिम वोट में भारी गिरावट हुई। नीतीश ने 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया और सभी हारे। अपनी सेक्युलर छवि बनाए रखने के लिए और मुसलमानों को संदेश देने के लिए मजबूरन नीतीश को बसपा के विधायक जमा खान को पार्टी में शामिल कराकर मंत्री बनाना पड़ा। सीएसडीएस लोकनीति के सर्वे के अनुसार 2020 में नीतीश को सिर्फ 5 फीसद मुसलमानों के वोट मिले।

नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के वक्फ बिल पर समर्थन करने पर उनके ही पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने नीतीश से दूरी बना ली। विधान परिषद सदस्य गुलाम गौस ने नीतीश पर नाराज होकर शेर पढ़ा, “मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, क्या मेरे हक में फैसला देगा।” एक और विधान परिषद सदस्य खालिद अनवर ने बिल का विरोध किया था। नीतीश के करीबी और शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद अफजल अब्बास ने भी नीतीश से दूरी बना ली।

नीतीश के भरोसेमंद पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने साफ कर दिया है कि उनका संगठन “इदारा-ए-शरिया” नीतीश का विरोध करेगा। जदयू के मुस्लिम नेताओं को वक्फ बिल पर सांसद ललन सिंह के लोकसभा में संबोधन को लेकर आपत्ति है। मुस्लिम नेताओं का कहना है कि अब भाजपा और जदयू में कोई फर्क नहीं है।

एनडीए में रहने के बाद भी बिहार में मुसलमानों का एक वर्ग नीतीश कुमार को सेक्युलर मानता था और नीतीश के साथ जुड़ा हुआ था। पूर्व सांसद अली अनवर ने भी कहा है कि वह नीतीश के साथ इसलिए आए थे कि उनका मिजाज सेक्युलर था। पसमांदा मुसलमानों की लड़ाई लड़ने वाले अली अनवर को नीतीश कुमार और बिहार के मुसलमानों के बीच रिश्ते की कड़ी के रूप में देखा जाता रहा है।

मुस्लिम समुदाय को याद है कि सीतामढ़ी से जदयू के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा था कि इस चुनाव में यादव और मुसलमानों ने उन्हें वोट नहीं दिया, इसलिए वे उनका काम नहीं करेंगे। बंद मुट्ठी से जैसे रेत फिसल जाती है, वैसे ही नीतीश कुमार के हाथ से मुसलमान वोट फिसल गए हैं। सत्ता हाथ से फिसलती है या नहीं, चुनाव बाद साफ होगा।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )


टैग्स
सम्बंधित खबरें

PM मोदी की इजराइल यात्रा से किसे मिर्ची लगी: रजत शर्मा

दोनों देशों ने 27 समझौतों पर दस्तखत किए। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स और क्वांटम कंप्यूटिंग में नई टेक्नोलॉजी पर काम करेंगे, आपसी सहयोग बढ़ाएंगे।

23 hours ago

गहरी खाई में क्यों गिरी टीम इंडिया की गाड़ी: नीरज बधवार

रिंकू को शुद्ध बल्लेबाज़ के रूप में टीम में रखा जाता है, लेकिन उन्हें सातवें क्रम पर तब भेजा जाता है जब या तो बहुत कम गेंदें बची होती हैं या साथ देने वाला कोई नहीं होता।

5 days ago

साहित्य से छंटती व्यक्तिगत विवादों की धुंध: अनंत विजय

क्या लेखक सत्ता की कांता होती है या गांव की सीमा पर भूँकता हुआ कुकुर ? प्रगतिशीलता के ध्वजवाहकों ने महिलाओं और साहित्यकारों पर घटिया टिप्पणी क्यों की थी?

6 days ago

टैरिफ पर टैरिफ नहीं चलेगा! पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी ट्रंप के पास टैरिफ़ लगाने के रास्ते हैं। पहले उन्होंने उसी कानून के तहत 10% टैरिफ़ लगा दिया, फिर 24 घंटे के भीतर बढ़ाकर 15% कर दिया। यह टैरिफ़ अस्थायी है।

6 days ago

भारत मंडपम में कांग्रेस विरोध, लेकिन भूल गए अपने फर्जीवाड़े: आलोक मेहता

हाल में एआई सम्मेलन के दौरान “चीनी मॉडल” को अपना बताने के आरोपों पर विश्वविद्यालय ने सफाई दी कि संबंधित रोबोट शैक्षणिक प्रयोग के लिए खरीदा गया था और प्रस्तुति में चूक हुई।

6 days ago


बड़ी खबरें

न्यूज24 में रुपाली फर्नांडिस बनीं COO, संभालेंगी ब्रॉडकास्ट व डिजिटल ऑपरेशंस

BAG नेटवर्क ने बड़ी घोषणा करते हुए रुपाली फर्नांडिस को न्यूज24 ब्रॉडकास्ट इंडिया लिमिटेड का नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया है

12 hours ago

e4m ऑटोमोटिव मार्केटिंग अवॉर्ड्स 2026 का भव्य आयोजन, देखें विजेताओं की लिस्ट

ऑटोमोबाइल मार्केटिंग की दुनिया में शानदार काम करने वालों को सम्मानित करने के लिए आयोजित e4m ऑटोमोटिव मार्केटिंग अवॉर्ड्स का दूसरा संस्करण शुक्रवार, 27 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

22 hours ago

ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट को राइट्स इश्यू की मंजूरी, शेयर पूंजी बढ़ाने का प्रस्ताव भी पास

फिल्म प्रोडक्शन और कंटेंट बनाने वाली कंपनी ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट लिमिटेड (पूर्व नाम इंद्रा इंडस्ट्री लिमिटेड) ने शेयर बाजार को दो अहम जानकारियां दी हैं।

21 hours ago

HT Media में बड़ा बदलाव: मनहर कपूर ने छोड़ा पूर्णकालिक निदेशक का पद

एचटी मीडिया (HT Media Limited) में एक अहम बदलाव हुआ है। कंपनी के पूर्णकालिक निदेशक (Whole-time Director) मनहर कपूर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

21 hours ago

शेमारू एंटरटेनमेंट को बॉम्बे हाई कोर्ट से इस मामले में मिली बड़ी राहत

शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

21 hours ago