क्या आत्मदैन्य से मुक्त हो रहा है नया भारत: प्रो.संजय द्विवेदी

ऐसे समय में भारत के पास इन संकटों के निपटने के बौद्धिक संसाधन मौजूद हैं। भारत के पास विचारों की कमी नहीं है किंतु हमारे पास ठहरकर देखने का वक्त नहीं है।

Last Modified:
Monday, 24 November, 2025
profsanjay


प्रो.संजय द्विवेदी, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष। देश में परिवर्तन की एक लहर चल...
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