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लौट के मस्क टेस्ला आये : पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

मस्क की सोच कहीं ट्रंप की पॉलिटिक्स से टकराती रही है। ट्रंप का क्लाइमेट चेंज में क़तई विश्वास नहीं है बल्कि उन्होंने तो अमेरिका में कोयले के इस्तेमाल पर लगी रोक भी हटा दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago

मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार।

एलॉन मस्क दुनिया के सबसे अमीर आदमी हैं। पिछले नवंबर में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव जीता तो मस्क की ताक़त और बढ़ गई। पैसे के साथ साथ पावर भी उनकी मुट्ठी में थीं। उनकी कंपनियों के शेयर रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गए। अब पाँच महीने बाद कहानी बदल गई। Tesla की बिक्री गिर रही है। मुनाफ़ा कम हो रहा है। शेयर गिर रहे हैं तब जाकर मस्क को कहना पड़ा कि वो अमेरिकी सरकार के लिए काम कम करेंगे। Tesla पर ज़्यादा ध्यान देंगे।

टेक्नॉलजी में मस्क का काम शानदार रहा है। यही उनकी अमीरी का कारण है। बिज़नेस के पीछे सोच रही है, जैसे वो हमारी दुनिया को लेकर चिंतित हैं। उनका मानना रहा है कि पृथ्वी नष्ट हो सकती है। उसे बचाने के लिए पेट्रोल डीज़ल का इस्तेमाल बंद होना चाहिए। इसी सोच ने Tesla कार बनाई जो बिजली से चलती है। पृथ्वी नष्ट हो गई तो मानवता के पास दूसरे ग्रह पर रहने की तैयारी होना चाहिए। अंतरिक्ष में आने जाने का काम सरकारें करती थी। मस्क ने Space X के ज़रिए वहाँ क़दम रखा।

पहले रॉकेट एक बार लाँच होने के बाद ख़त्म हो जाता था। Space X ने ऐसे रॉकेट बनाएँ जो दोबारा इस्तेमाल हो सकते हैं जैसे हम विमान का इस्तेमाल करते हैं कुछ वैसा ही अंतरिक्ष में आने जाने के लिए रॉकेट का मतलब रॉकेट लैंड किया और फिर आप उस पर सवार हो गए।

मस्क की सोच कहीं ट्रंप की पॉलिटिक्स से टकराती रही है। ट्रंप का क्लाइमेट चेंज में क़तई विश्वास नहीं है बल्कि उन्होंने तो अमेरिका में कोयले के इस्तेमाल पर लगी रोक भी हटा दी है। डेमोक्रेट या लिबरल लोग Tesla जैसी गाड़ी ख़रीदते आएँ हैं। मस्क ट्रंप समर्थन करते हैं इससे Tesla की गाड़ियों में आग लगाने जैसी घटनाएँ भी हुई है। टैरिफ़ को लेकर भी मस्क सहमत नहीं है। इससे उनके बिज़नेस पर असर पड़ रहा है।

उनकी कारें चीन, जर्मनी और अमेरिका में बनती हैं। सारे कल पुर्ज़े अलग अलग देशों से आते हैं। टैरिफ़ वॉर से उनके सप्लाई चेन में गड़बड़ी होने की आशंका है।
इस सबके बीच Tesla को चीन की BYD कंपनी से चुनौती मिल रही है। 2024 में BYD ने पहली बार Tesla से ज़्यादा इलेक्ट्रिक कार बेचीं। BYD ने 43 लाख गाड़ियाँ बेचीं जबकि Tesla ने 18 लाख। टेक्नॉलजी में भी BYD आगे निकल रहा है जैसे वो टेक्नोलॉजी डेवलप कर रहा है जिससे पाँच मिनट की चार्ज में गाड़ी 450 किलोमीटर चल सकेगी।

Tesla 15 मिनट की चार्जिंग से 250 किलोमीटर तक ही पहुँच पायीं है। Tesla के ताज़ा रिज़ल्ट के मुताबिक़ उसकी बिक्री और मुनाफ़े में गिरावट आई है। ऐसी परिस्थिति में मस्क ने कहा कि वो सरकार के लिए हफ़्ते में एक या दो दिन ही काम करेंगे। ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद से उन्होंने DOGE यानी Department of Government Efficiency के लिए काम करना शुरू किया है। लक्ष्य तो एक ट्रिलियन डॉलर बचत का था लेकिन इसमें भी कोई भी बड़ी सफलता नहीं मिली है। 1 ट्रिलियन डॉलर बचत का लक्ष्य था जिसे घटाकर 150 बिलियन डॉलर पर लाया है। वो भी पूरा नहीं होता दिख रहा है। मस्क अब यह सब छोड़कर बिज़नेस पर ध्यान देंगे।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )


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