भारतीय उच्चादर्शों को स्थापित करने वाले नायक हैं राम: प्रो.संजय द्विवेदी

वे समुद्र की तीन दिनों तक प्रार्थना करते हैं। विनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीति बोले राम सकोप तब भय बिनु होहिं न प्रीति। यह उनके धैर्य का उच्चादर्श है।

Last Modified:
Friday, 27 March, 2026
Ramayana values


प्रो.संजय द्विवेदी , माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष। राम का होना मर्यादाओं का होना...
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