पत्रकारिता, संवेदनशीलता और हमारे समय के मूल प्रश्न : राणा यशवंत

इस तरह के जीवन से लेकर निजी स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों में शोषण वाली बेलगाम व्यवस्था हर जगह दिखती है। यह सख्त नियंत्रण और नियमन की माँग करती है।

Last Modified:
Thursday, 20 November, 2025
ranayashwant


राणा यशवंत, वरिष्ठ पत्रकार, कवि, लेखक। मधुबनी की एक हरिजन बस्ती में हाल के बिहार चुनावों के दौरान पहुँचा। दोपहर में महिलाएँ एक जगह बैठकर बतिया रही थी...
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