गीता प्रेस, गोरखपुर न तो चंदा मांगती है, न तो विज्ञापन लेती है। जहां हर दिन की शुरुआत प्रार्थना से होती हो, कोई ऐसी संस्था का विरोध कैसे कर सकता है?
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समाचार4मीडिया ब्यूरो