होम / विचार मंच / विकल्प ही अगर हिंदुत्व है तो फिर भाजपा क्यों नहीं- श्रवण गर्ग

विकल्प ही अगर हिंदुत्व है तो फिर भाजपा क्यों नहीं- श्रवण गर्ग

12 जून को प्रियंका गांधी ने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जबलपुर में 101 ब्राह्मणों के साथ प्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा का पूजन कर कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत की।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago

श्रवण गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार और स्तंभकार। 

कर्नाटक फतह के बाद विंध्य पार करते ही कांग्रेस इस नतीजे पर पहुंच गई कि नफरत का कोई बाजार अब कहीं मौजूद नहीं है, मोहब्बत की दुकानें ही चारों तरफ खुली हुई हैं। साथ ही यह भी कि भाजपा से मुकाबले के लिए अब जरूरत सिर्फ हिंदुत्व के उससे भी बड़े शो रूम्स खोलने की है। कर्नाटक में राहुल गांधी ने ‘नफरत के बाजार’ में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोली थी। नफरत के बाजार का प्रतीक वहां तब सत्तारूढ़ भाजपा सरकार को बताया गया था। 

राहुल की दुकान वहां चल भी निकली। कांग्रेस ने भारी बहुमत से ऐसी जीत हासिल की कि भाजपा ऊपर से नीचे तक हिल गई और ‘आजतक’ संभल नहीं पाई।

हिमाचल और पंजाब में हुई पराजयों में भी भाजपा ने कर्नाटक जैसा धक्का नहीं महसूस किया होगा! बारह जून को प्रियंका गांधी ने मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी जबलपुर में 101 ब्राह्मणों के साथ प्रदेश की जीवन रेखा मां नर्मदा का पूजन कर कांग्रेस के चुनावी अभियान की शुरुआत की। जबलपुर शहर में बजरंगबली की तीस-तीस फीट की गदा भी प्रतीक स्वरूप लगाई गई । कर्नाटक में राहुल गांधी ने भाजपा के बजरंगबली के नारे को मोहब्बत की दुकान की धर्मनिरपेक्षता से चुनौती दी थी।

जबलपुर में कांग्रेस भी बजरंगबली के चरणों में हाजिर हो गई! प्रियंका के साथ फोटो फ्रेम में मुख्यमंत्री पद के एकमात्र दावेदार 77-वर्षीय कमलनाथ ही थे। कमलनाथ के हिंदुत्व प्रेम और उसके सार्वजनिक प्रदर्शन से प्रदेश की जनता भली-भांति परिचित है। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में जीत के बावजूद साल भर बाद ही हुए 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस सिर्फ़ एक स्थान को छोड़ बाक़ी सभी (28) पर हार गई थी।  वह एक जगह कमलनाथ के चुनाव क्षेत्र छिन्दवाड़ा में उनके बेटे की जीत की थी।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ की कुल 65 लोकसभा सीटों में तब कांग्रेस को सिर्फ़ तीन प्राप्त हुईं थी जबकि तीनों ही राज्यों में हुकूमत कांग्रेस की थी। जिस समय प्रियंका गांधी जबलपुर के गौरी घाट पर नर्मदा की पूजा-अर्चना कर कांग्रेस के चुनावी हिंदुत्व के शो रूमका फ़ीता काट रहीं थीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह वहां से सिर्फ सवा सौ किलोमीटर दूर स्थित विजयराघवगढ़ के समीप हिनौता की राजा राम पहाड़ी पर भजन गा रहे थे: 'जपो री मेरी माई ,राम भजन सुखदायी। ये जीवन दो दिन का !’ शिवराज जानते हैं कि जीवन चाहे दो दिन का हो, सत्ता पांच साल तक खींची जा सकती है और इस चुनाव के बाद उन्हें पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनकर रिकॉर्ड कायम करना है।

साल के आखिर में 230 सीटों वाली विधानसभा के लिए होने वाले चुनावों में प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता के लिए यही तय करना बचा है कि किस पार्टी का हिंदुत्व उसे ज्यादा उजला दिखाई देता है! कर्नाटक में तो देवेगौड़ा का जनता दल (एस) भी मैदान में था पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में तो मुख्य मुकाबला सिर्फ दोनों दलों के हिंदुत्व के बीच ही होना है। छत्तीसगढ़ में तो कांग्रेस ने भाजपा की टक्कर में हिंदुत्व का बड़ा मॉल ही खोल दिया है। कांग्रेस मानकर ही चल रही है कि तीनों राज्यों के अल्पसंख्यक तो उसका ही साथ देने वाले हैं।

उनके पास कोई तीसरा विकल्प ही नहीं है। ऐतिहासिक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ और कर्नाटक चुनावों के बाद से जिस नई कांग्रेस के जन्म की प्रतीक्षा की जा रही थी वह लोकसभा चुनावों के बाद तक के लिए टल सकती है ! कांग्रेस ने इशारा कर दिया है कि कर्नाटक यात्रा का पहला पड़ाव था ,अंतिम नहीं। कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी भाजपा के इस भरोसे को नहीं तोड़ना चाहती होगी कि चुनावों को जीतने के लिए देश की सबसे पुरानी पार्टी को अगर रणनीति के तौर पर कट्टर हिंदुत्व का सहारा भी लेना पड़े तो उसमें कुछ अनैतिक नहीं होगा। जो प्रकट होता दिखाई देता है वह यह कि जिस बदली हुई कांग्रेस की बात राहुल गांधी लंदन, अमेरिका या वायनाड में करते हैं वह जबलपुर ,रायपुर और जयपुर में दिखने वाली कांग्रेस से मेल नहीं खाती ! भाजपा सब जगह एक जैसी दिखती है।

भाजपा की चुनावी रणनीति और उसकी विचारधारा अलग-अलग नहीं नजर आती। आश्चर्यजनक लग सकता है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस को न तो बजरंग दल में कोई खोट नजर आती है और न ही ‘द केरला स्टोरी’ में ही कुछ भी आपत्तिजनक दिखाई पड़ता है। (छत्तीसगढ़ की एक महिला कांग्रेस विधायक ने हाल ही में एक धर्मसभा में हिंदू राष्ट्र की मांग करते हुए कहा कि जो जहां है , जिस गांव में है वहीं से हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प ले। हम हिंदू एक रहें तभी हिंदू राष्ट्र बन सकता है।)

भाजपा की ताकत को लेकर कमलनाथ, भूपेश बघेल और अशोक गहलोत जनता के मुकाबले ज्यादा डरे हुए हैं। राहुल गांधी स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के अपने भाषण में सत्ता के ‘फोर्स’ और जनता के ‘पॉवर’ के बीच का फर्क तो समझाते हैं पर जबलपुर में कांग्रेस जनता के धर्मनिरपेक्ष पॉवर के बजाय भाजपा के हिंदुत्व के फोर्स से ज्यादा प्रभावित हो जाती है। हिंदू-बहुल कर्नाटक के सफल प्रयोग ने न सिर्फ पीएम के कथित जादुई तिलिस्म को खारिज करते हुए संघ-भाजपा के कट्टर हिंदुत्व को भी ध्वस्त कर दिया, राष्ट्रीय विकल्प के रूप में कांग्रेस की उपस्थिति के प्रति एक नये किस्म की उम्मीदें भी बंधाई।

इन उम्मीदों की धर्मनिरपेक्ष बुनियादें सिर्फ इन कारणों से नहीं हिलने दी जानी चाहिए कि कमलनाथ, बघेल और गहलोत का उद्देश्य किसी भी तरह सिर्फ विधानसभा चुनावों को जीतना है। चुनावों में चूंकि अभी समय है इस नतीजे पर पहुंचने में कोई जल्दबाज़ी नहीं करना चाहिए कि राहुल गांधी भी भाजपा के हिंदुत्व के कार्ड के जरिए ही नरेंद्र मोदी को सत्ता से अपदस्थ करना चाहते हैं। कांग्रेस अगर इस तरह के किसी शार्ट कट का इस्तेमाल करेगी तो सफल नहीं हो पाएगी। मोदी या भाजपा की काट हिन्दुत्व नहीं हो सकती।

ऐसा होता तो कांग्रेस न तो हिंदू-बहुल हिमाचल में जीत पाती और न ही कर्नाटक में। राहुल गांधी को लोकसभा जीतना है और मोदी का लक्ष्य भी वही है। राहुल गांधी याद कर सकते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी की पराजय के लिए किन नेताओं को किन कारणों से सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र दिया था।

देश की जरूरत इस समय कर्नाटक वाली कांग्रेस है, दिल्ली वाली भाजपा नहीं। मतदाताओं को अगर असली हिंदुत्व और आरोपित हिंदुत्व के बीच ही चुनाव करने को कहा जाएगा तो फिर उन्हें भाजपा के साथ क्यों नहीं जाना चाहिए?

(यह लेखक के निजी विचार हैं।)


टैग्स
सम्बंधित खबरें

AI पर नियंत्रण करना भी बेहद आवश्यक: रजत शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत एआई में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है।

1 day ago

रामबहादुर राय-पत्रकारिता क्षेत्र में शुचिता और पवित्रता के जीवंत व्यक्तित्व

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वे शीर्ष नेताओं में थे। जब पत्रकारिता में आए तो शीर्ष पत्रकार बने। आज की भारतीय पत्रकारिता में उन सरीखे सम्मानित और सर्वस्वीकार्य नाम बहुत कम हैं।

1 day ago

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत: राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

2 days ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

3 days ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

3 days ago


बड़ी खबरें

पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक 'Revolutionary Raj' का भव्य लोकार्पण

शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी-टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों पर केंद्रित है। इसका भूमिका लेख (Foreword) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है।

1 hour ago

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

1 day ago

WBD डील पर Paramount को शुरुआती राहत, अमेरिका में एंटीट्रस्ट अवधि पूरी

Warner Bros. Discovery को खरीदनें को लेकर बड़ी कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है। अब देखना होगा कि आखिर यह डील किसके हाथ लगती है

1 day ago

OpenAI के CEO ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भारत को बताया AI का बड़ा केंद्र

पीएम मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली युवा हैं, जिनमें AI के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत है।

1 day ago