एक पत्रकार के लिए आत्मसम्मान सबसे बड़ी पूंजी होती है और जब किसी पत्रकार को अपनी यह पूंजी गंवानी पड़े या गिरवी रखनी पड़े तो उसकी मन:स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो