उनकी विरासत में चार चांद तब लगे, जब 2015 में उन्हें दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
आज यही सच है कि मीडिया का कारोबार बढ़ रहा है और सरोकार की पत्रकारिता हाशिए पर है। या यूं कहें कि अब साम्राज्य मीडिया का ही रहेगा तो कुछ गलत नहीं है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
पत्रकारिता के इतिहास में हमें पढ़ाया और बताया जाता है कि पत्रकारिता सोसायटी के लिए ‘वॉच डॉग’ की भूमिका में है लेकिन बदलते समय में अब सोसायटी पत्रकारिता के लिए ‘वॉच डॉग’ की भूमिका में आ गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
शुरुआती दौर में रेडियो सामान्य दिनचर्या का एक हिस्सा बना हुआ रहता था, वहीं देश और दुनिया से जोड़े रखने का भी यही एक माध्यम था। मोबाइल का दौर आया और रेडियो बाजार से गायब हो गए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
इस मौके पर वरिष्ठ प्राध्यापक व कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मानसिंह परमार तथा पत्रिका 'समागम' के संपादक मनोज कुमार भी मौजूद थे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
पत्रकारिता और मीडिया के मध्य की लक्ष्मण रेखा सिमट गई। पत्रकारिता समाज का आईना था, तो मीडिया समाज का न्यायाधीश बना हुआ है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
आज भी सवालों को उठाने वाली पत्रकारिता की धमक अलग से दिख जाती है, लेकिन ऐसा क्या हुआ कि हम सवालों से किनारा कर गए।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
‘मन की बात’ के जरिये ऑल इंडिया रेडियो का कायाकल्प हो गया। रेडियो के राजस्व में जितनी बढ़ोत्तरी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से हुई, वह अब तक के रिकॉर्ड को ध्वस्त करने वाला है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
2022 में सबसे ज्यादा विश्वसनीय बनकर उभरा तो प्रिंट मीडिया। प्रिंट मीडिया में भी अखबारों की भूमिका संजीदा रही।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
हिन्दुस्तान अपनी आजादी के 75वें वर्ष का उत्सव मना रहा है। साल के हिसाब से देखें तो 75वां वर्ष उम्रदराज होने का संदेश देता है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago