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राजस्थान में बीजेपी व कांग्रेस दोनों पार्टियों के लिए गुटबाजी बड़ी समस्या: रजत शर्मा
अमित शाह को आमंत्रित किया गया लेकिन उन्होंने कहा कि पहले वसुंधरा राजे बोलेंगी, उसके बाद वह अपनी बात कहेंगे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
रजत शर्मा, एडिटर-इन-चीफ, इंडिया टीवी।
गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के उदयपुर में एक बड़ी जनसभा की। ये रैली वैसे तो मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर आयोजित की गई थी, लेकिन असल में बीजेपी ने इसे राजस्थान में विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के तौर पर इस्तेमाल किया। उदयपुर की रैली में मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सीपी जोशी, विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सांसद दिया कुमारी और बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया समेत राजस्थान बीजेपी के सभी बड़े नेता मौजूद थे।
पहले सीपी जोशी ने भाषण दिया। इसके बाद अमित शाह को आमंत्रित किया गया लेकिन अमित शाह ने कहा कि पहले वसुंधरा राजे बोलेंगी। उसके बाद वो अपनी बात कहेंगे। वसुंधरा ने कहा कि अशोक गहलोत के राज में राजस्थान की कानून व्यवस्था बिगड़ी है, तमाम राज्यों से कट्टरपंथी आ रहे हैं और राजस्थान का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कन्हैयाल लाल की हत्या का उदाहरण दिया। कहा, अशोक गहलोत की तुष्टीकरण की नीति के कारण यहां आतंकवाद बढ़ रहा है, इसलिए गहलोत की विदाई जरूरी है।
अमित शाह ने कहा, अगर गहलोत सरकार कन्हैया लाल को सुरक्षा देती, तो उसकी हत्या न होती। अमित शाह ने कहा, अशोक गहलोत की सरकार ने हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया, जब NIA ने हत्यारों को पकड़ लिया तो केस के ट्रायल के लिए अब तक राज्य सरकार ने फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं बनाया, इसीलिए अब तक कन्हैया लाल के हत्यारों को फांसी पर नहीं लटकाया जा सका।
इसका जवाब अशोक गहलोत ने ट्विटर पर दिया और कहा, अमित शाह झूठ बोल रहे हैं, लोगों को गुमराह कर रहे हैं। कन्हैया लाल के कातिलों को राजस्थान की पुलिस ने चार घंटे के भीतर पकड़ लिया था, लेकिन अमित शाह बताएं कि इस ओपन एंड शट केस में NIA ने चार्जशीट फाइल करने में इतनी देर क्यों की और अब तक हत्यारों को सजा क्यों नहीं मिली।
गहलोत ने कहा कि कन्हैया लाल के हत्यारे बीजेपी के सक्रिय सदस्य थे। दोनों ओर से भले ही आरोप प्रत्यारोप हों, हकीकत यही है कि बीजेपी ने राजस्थान में चुनावी कैंपेन शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राजस्थान में दो दौरे हो चुके हैं। गौर करने वाली बात ये है कि राजस्थान बीजेपी में पहले जो गुटबाजी दिख रही थी, मोदी के दौरे के बाद वो भले ही दिखाई न दे रही हो ! भले ही वसुन्धरा राजे सक्रिय हो गई हों लेकिन सतीश पूनिया, सीपी जोशी, गजेन्द्र सिंह शेखावत और राजेन्द्र राठौर जैसे नेता अंदर ही अंदर वसुन्धरा के खिलाफ हैं।
ये बीजेपी हाईकमान के लिए बड़ी समस्या है। इसी तरह की समस्या कांग्रेस में भी है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत के झगड़े से कांग्रेस आलाकमान परेशान है। दिल्ली में पार्टी हाईकमान ने राजस्थान कांग्रेस के नेताओं की 3 जुलाई को मीटिंग बुलाई है। सचिन पायलट दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं लेकिन मामला तीन जुलाई तक सुलझ पाएगा इसकी उम्मीद कम है क्योंकि अशोक गहलोत के पैर में चोट लग गई है। इसलिए इस बात की पूरी संभावना है कि वो तीन जुलाई की मीटिंग के लिए दिल्ली न आएं और अगर ऐसा हुआ तो मामला फिर लटक जाएगा।
(यह लेखक के निजी विचार हैं।)
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