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‘इन मूलभूत बातों पर विशेष ध्यान देकर सफलता की नई इबारत लिख सकते हैं पब्लिशर्स’
नीदरलैंड स्थित बी2बी पब्लिशर ‘AgriMedia BV’ के मैनेजिंग डायरेक्टर जीन पॉल रेपरॉन ने अपने इस कॉलम में पब्लिशर्स के लिए तमाम मूलभूत सिद्धांतों का जिक्र किया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
जीन पॉल रेपरॉन
मैनेजिंग डायरेक्टर, AgriMedia BV
मीडिया परिदृश्य लगातार तेजी से परिवर्तित हो रहा है और आगे बढ़ रहा है। ऐसे में पब्लिशर्स को तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ ऐसे मूलभूत सिद्धांत हैं, जो न सिर्फ पब्लिशर्स को इस दौर में अपना अस्तित्व बनाए रखने, बल्कि इस गतिशील माहौल में फलने-फूलने में मदद कर सकते हैं। एक छोटे बी2बी यानी बिजनेस टू बिजनेस पब्लिशर के रूप में हमें इन मूलभूत सिद्धांतों पर फोकस करने से काफी सफलता मिली है और अन्य पब्लिशर्स के लिए भी यह इसी तरह प्रभावी हो सकते हैं।
पारिस्थितिकी तंत्र: पाठकों को व्यापक अनुभव मिले, यह काफी महत्वपूर्ण है। इसमें इवेंट्स, मैगजींस, न्यूजलेटर्स समेत विभिन्न माध्यमों से कंटेंट प्रदान करना शामिल है। अपने ऑडियंस की तमाम आवश्यकताओं को पूरा करने वाला एक पारिस्थितिकी तंत्र (ईकोसिस्टम) बनाकर पब्लिशर्स अपने पाठकों को व्यस्त और निष्ठावान रख सकते हैं।
सही समय, सही कंटेंट और सही माध्यम: पाठकों तक पहुंचने के लिए सही माध्यमों की पहचान करना भी काफी महत्वपूर्ण है। आज इतने सारे माध्यम उपलब्ध हैं। ऐसे में पब्लिशर्स को यह पहचानना चाहिए कि उनके पाठक कौन सा माध्यम पसंद करते हैं और उन माध्यमों पर किस तरह का कंटेंट चाहते हैं।
सबस्क्रिप्शन के लायक कंटेंट: यह सुनिश्चित करने के लिए कि कंटेंट सब्सक्रिप्शन के लायक है, पब्लिशर्स को उच्च गुणवत्ता वाला और वैल्यूएवल कंटेंट तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, जिसके लिए पाठक भुगतान करने को तैयार हों। इसके लिए बेहतर एडिटोरियल टीम तैयार करके और गहन शोध करके यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि कंटेंट तथ्यपूर्ण हो और सत्यापित हो।
ऑडियंस का विस्तार: अपने पाठकों तक पहुंचना, उन्हें जोड़े रखना और नए पाठकों को बढ़ाना भी किसी भी पब्लिशर की सफलता का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू है। यह विभिन्न मार्केटिंग स्ट्रैटेजी जैसे पेड एडवर्टाइजिंग, सोशल मीडिया और एसईओ (SEO) के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।
फर्स्ट पार्टी डाटा को जुटाना: प्रत्येक यूजर्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ डेटाबेस तैयार करना पब्लिशर्स के लिए आवश्यक है। अपने पाठकों के बारे में डाटा एकत्रित कर पब्लिशर्स उनकी पसंद-नापसंद को समझ सकते हैं और अपने प्रॉडक्ट में उसी के आधार पर आवश्यक बदलाव कर सकते हैं। इस डेटा का इस्तेमाल कैंपेन को तैयार करने और कंटेंट बनाने के लिए भी किया जा सकता है।
ऐडवर्टाइजर्स का भी ध्यान रखें: ऐसे कॉमर्शियल तैयार करें जो पब्लिशर्स के मिशन से भी मेल खाते हों। यह पाठकों और विज्ञापनदाताओं के लिए न सिर्फ मूल्य जोड़ते हैं, बल्कि मार्केट की मांग को भी पूरा करते हैं। पब्लिशर्स अपने ब्रैंड और मिशन के साथ तालमेल बिठाने वाले कॉमर्शियल बनाकर, पाठकों और ऐडवर्टाइजर्स की अच्छी फॉलोइंग तैयार कर सकते हैं।
ग्राहक सेवा: पब्लिशर्स के लिए कस्टमर सर्विस यानी ग्राहक सेवा पर ध्यान देना भी काफी महत्वपूर्ण है। उत्कृष्ट ग्राहक सेवा के लिए पब्लिशर्स को व्यक्तिगत संपर्क, अच्छी पहुंच, वास्तविक समय और कई डिवाइसों पर कंटेंट की पहुंच के साथ उपयोग में आसान प्लेटफॉर्म प्रदान करना आवश्यक है, ताकि वे अन्य कंपनियों से प्रतिस्पर्धा कर सकें।
इन बुनियादी सिद्धांतों ने AgriMedia को इस चुनौतीपूर्ण मीडिया परिदृश्य में सफल होने में मदद की है। ऐसे एडिटर्स की नियुक्ति करके जो हमारे टार्गेट ग्रुप को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं और प्रासंगिक कंटेंट प्रदान करते हैं, हम एक मजबूत प्रतिष्ठा और पाठकों का एक विश्वसनीय आधार बनाने में सक्षम हुए हैं।
हमने टार्गेट कैंपेंस के माध्यम से अपने टार्गेट ऑडियंस का भी विस्तार किया है। अपने ऑडियंस का डाटा एकत्रित करने से हमें उनका पसंदीदा कंटेंट और न्यूजलेटर्स तैयार करने में काफी मदद मिली है, जिससे पाठकों का भरोसा और आधार बढ़ा है।
हमने अपने पाठकों के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए कॉमर्शियल कंटेंट के लिए अपनी वेबसाइट के द्वार भी खोलने का निर्णय लिया है। यानी हमने स्पष्ट रूप से बताया है कि कौन सा कंटेंट हमारी संपादकीय टीम द्वारा तैयार किया गया है और कौन सा कंटेंट हमारे बिजनेस पार्टनर्स द्वारा बनाया गया है। हमारा प्राथमिक बिजनेस मॉडल सबस्क्रिप्शन पर आधारित है, जो स्वतंत्र पत्रकारिता को एक मूल्यवान संपत्ति बनाता है।
कॉमर्शियल कंटेंट के लिए अपनी वेबसाइट के द्वार खोलते समय हमें यह भी ध्यान रखना था कि हमें अपने प्रॉडक्ट्स के मानकों को बनाए रखने के लिए प्रासंगिक और उच्च-गुणवत्ता वाला कंटेंट बनाने के लिए अपने बिजनेस पार्टनर्स का मार्गदर्शन करना चाहिए। बिजनेस पार्टनर्स के साथ सहयोग से हमें यह सुनिश्चित करने का मौका मिलता है कि उनके कंटेंट की क्वालिटी हमारे मानकों के अनुरूप हो। इससे न केवल हमारे पाठकों को लाभ होता है बल्कि हमारे ब्रैंड की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता भी बढ़ती है। इसके अलावा यह अतिरिक्त रेवेन्यू भी उत्पन्न कर रहा है।
आखिर में मैं यही कहना चाहूंगा कि आज के दौर में एक सफल पब्लिशर होने के लिए कई मूलभूत बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
नोट: बता दें कि देश में पत्रिकाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘द एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैगजींस’ (AIM) के प्रमुख इवेंट ‘इंडियन मैगजीन कांग्रेस’ (IMC) ने फिर दस्तक दी है। इस बार यह आयोजन नई दिल्ली के द ओबेरॉय होटल में 24 मार्च को आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में AgriMedia BV (www.agrimedia.nl) के मैनेजिंग डायरेक्टर जीन पॉल रेपरॉन बताएंगे कि आज के दौर में पब्लिशर्स को सफल होने के लिए किन बातों पर ज्यादा फोकस करना चाहिए।
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