1984 में हुए सिख दंगों के दौरान की गई उनकी आक्रामक रिपोर्टिंग से आलोक तोमर की एक ऐसी छवि बनी जो आज तक लोग याद रखते हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो