होम / विचार मंच / डॉ. वैदिक बोले, सराहनीय हैं केंद्र की ये दो पहल, राज्य सरकार को भी देना चाहिए ध्यान

डॉ. वैदिक बोले, सराहनीय हैं केंद्र की ये दो पहल, राज्य सरकार को भी देना चाहिए ध्यान

भारत सरकार ने इधर दो उल्लेखनीय पहल की हैं। ये दोनों पहल सराहनीय हैं लेकिन देश के करोड़ों मजदूर के बारे में भी कुछ पहल शीघ्र होनी चाहिए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago

डॉ. वेद प्रताप वैदिक, वरिष्ठ पत्रकार ।।

भारत सरकार ने इधर दो उल्लेखनीय पहल की हैं। एक तो किसानों को संपत्ति कार्ड देने की घोषणा और दूसरा केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के हाथ में नोटों की गड्डी देना ताकि वे जमकर खर्च करें, त्यौहार मनाएं और बाजारों में खरीदी का दौरदौरा आ जाए।

देश के करोड़ों किसानों के पास अपने झोपड़े, मकान और खेती की जमीन भी है। उनकी कीमत चाहे बहुत कम हो, लेकिन उनके लिए तो वही सब कुछ है। उनका वह सब कुछ है लेकिन उनके पास ऐसा कुछ नहीं है, जो यह सिद्ध कर सके कि वे उसके मालिक हैं। सरकार यह काम पहली बार कर रही है कि कानूनी तौर पर उनकी संपत्ति पर उनका स्वामित्व स्थापित होगा। शुरू-शुरू में एक लाख किसानों को ये कार्ड मिलेंगे। ये किसान छह राज्यों के 750 गांवों में होंगे। धीरे-धीरे देश के सभी किसानों को यह सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। लेकिन इस किसान-लाभकारी योजना के मार्ग में कई बाधाएं हैं। सबसे पहले तो यही कि जब जमीनें नपेंगी तो पड़ौसियों से बड़ी तकरारें होंगी। फिर स्वामित्व को लेकर भाई-बहनों में झड़प हो सकती है। लेकिन यह भी सत्य है कि भारतीय खेती को हम बहुत उपजाऊ और आधुनिक बनाना है, बैंकों से कर्ज लेना है और कंपनियों से अनुबंध करना है तो स्वामित्व पर कानूनी मुहर जरूरी है। यह व्यवस्था भारतीय किसानों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध हो सकती है।

आजकल कोरोना महामारी की वजह से बाजार ठंडे पड़ गए हैं। बाजार तो हैं लेकिन खरीददार नहीं है। सरकार ने बाजारों में चमक लाने के लिए एक आकर्षक योजना की चूसनी लटकाई है। इसका आनंद सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही ले पाएंगे। सभी कर्मचारियों को 10-10 हजार रुपए अग्रिम मिलेंगे। यह कर्ज ब्याजमुक्त होगा। इसे दस किस्तों में लौटाना होगा। इसके अलावा कर्मचारियों को तीन साल में एक बार देश में यात्रा करने का जो भत्ता मिलता है, वह उन्हें बिना यात्रा किए ही मिलेगा लेकिन उन्हें उसका तीन गुना पैसा खरीदी पर लगाना होगा। उसकी रसीद भी देनी होगी। वे ऐसा माल खरीद सकेंगे, जिस पर 12 प्रतिशत या उससे ज्यादा जीएसटी देनी पड़ती है। इसका अर्थ क्या हुआ? यही न कि सरकार जितना पैसा देगी, उससे तीन गुना ज्यादा बाजार में आ जाएगा। उम्मीद है कि एक लाख करोड़ से ज्यादा रुपया बाजार में चला आएगा। यदि राज्य-सरकारें भी ऐसी पहल करें तो देश के बाजार चमक उठेंगे। केंद्र सरकार राज्यों की सरकारों को भी 12 हजार करोड़ रु. का कर्ज दे रही है और 25 हजार करोड़ रु. बुनियादी ढांचे पर खर्च करेगी।

ये दोनों पहल सराहनीय हैं लेकिन देश के करोड़ों मजदूर के बारे में भी कुछ पहल शीघ्र होनी चाहिए।

(साभार: http://www.drvaidik.in/ )


टैग्स कर्मचारी डॉ. वेद प्रताप वैदिक किसान केंद्र सरकार की पहल
सम्बंधित खबरें

गहरी खाई में क्यों गिरी टीम इंडिया की गाड़ी: नीरज बधवार

रिंकू को शुद्ध बल्लेबाज़ के रूप में टीम में रखा जाता है, लेकिन उन्हें सातवें क्रम पर तब भेजा जाता है जब या तो बहुत कम गेंदें बची होती हैं या साथ देने वाला कोई नहीं होता।

1 day ago

साहित्य से छंटती व्यक्तिगत विवादों की धुंध: अनंत विजय

क्या लेखक सत्ता की कांता होती है या गांव की सीमा पर भूँकता हुआ कुकुर ? प्रगतिशीलता के ध्वजवाहकों ने महिलाओं और साहित्यकारों पर घटिया टिप्पणी क्यों की थी?

2 days ago

टैरिफ पर टैरिफ नहीं चलेगा! पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद भी ट्रंप के पास टैरिफ़ लगाने के रास्ते हैं। पहले उन्होंने उसी कानून के तहत 10% टैरिफ़ लगा दिया, फिर 24 घंटे के भीतर बढ़ाकर 15% कर दिया। यह टैरिफ़ अस्थायी है।

2 days ago

भारत मंडपम में कांग्रेस विरोध, लेकिन भूल गए अपने फर्जीवाड़े: आलोक मेहता

हाल में एआई सम्मेलन के दौरान “चीनी मॉडल” को अपना बताने के आरोपों पर विश्वविद्यालय ने सफाई दी कि संबंधित रोबोट शैक्षणिक प्रयोग के लिए खरीदा गया था और प्रस्तुति में चूक हुई।

2 days ago

AI पर नियंत्रण करना भी बेहद आवश्यक: रजत शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत एआई में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है।

4 days ago


बड़ी खबरें

NDTV World की कमान अब सीनियर मीडिया प्रोफेशनल नवीन कपूर के हाथों में

अपनी इस भूमिका में वह ‘एनडीटीवी वर्ल्ड’ की संपादकीय दिशा का नेतृत्व करेंगे। नवीन कपूर को मीडिया के क्षेत्र में 25 साल से ज्यादा का अनुभव है।

6 hours ago

Publicis Groupe में जल्द बड़ी भूमिका में नजर आएंगे दिवाकर चंदानी

दिवाकर चंदानी वर्तमान में मेटा (Meta) में मीडिया और क्रिएटर पार्टनरशिप से जुड़े पद पर कार्यरत हैं। वह जुलाई 2017 से इस वर्टिकल से जुड़े हैं।

5 hours ago

जक्का जैकब ने News18 को कहा अलविदा, जल्द इस चैनल पर आएंगे नजर

जक्का जैकब को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

4 hours ago

SonyLIV में इस बड़े पद से अलग हुए सौगात मुखर्जी

ढाई दशक से ज्यादा के करियर में मुखर्जी विभिन्न संस्थानों में प्रमुख पदों पर काम कर चुके हैं।

9 hours ago

‘NDTV’ से जल्द अलग हो सकते हैं गौरव देवानी

गौरव देवानी ने दिसंबर 2023 में कंटेंट बिजनेस हेड के पद पर एनडीटीवी जॉइन किया था।

9 hours ago