'परिवार, समाज या देश में कोई भी निर्णय लेने के लिए इन तीन बातों का ध्यान रखना चाहिए'

कर्म मनुष्य के अधिकार में है परंतु कर्म फल नहीं। अंतिम क्षण में मनुष्य काल के प्रभाव के समक्ष पराधीन है। अतः अपना विवेक खोना नहीं चाहिए।

Last Modified:
Thursday, 25 June, 2020
Life


सृष्टि के आरंभ से लेकर अब तक स्थानानुगामी काल (समय) निरंतर चलता आ रहा है। अर्थात हमारे कालमान के अनुसार भूमण्डल के किसी स्थान में दो दिन के बराबर एक द...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए