होम / विचार मंच / HUL की लीडरशिप में बदलाव पर बोले डॉ. अनुराग बत्रा, सफलता का जेंडर से सरोकार नहीं

HUL की लीडरशिप में बदलाव पर बोले डॉ. अनुराग बत्रा, सफलता का जेंडर से सरोकार नहीं

रोहित जावा इन दिनों चर्चा में है, जोकि संजीव मेहता के उत्तराधिकारी हैं और उनकी ही तरह वह भी पूरी तरह से प्रफेशनल हैं और दुनिया की सबसे बड़ी जॉब के लिए एकदम परफेक्‍ट हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago

डॉ. अनुराग बत्रा ।।

स्पोर्ट्स यानी खेल हम सभी को पसंद हैं। जब हम कोई मैच देख रहे होते हैं तो हम कहते हैं कि सबसे अच्छा व्यक्ति अथवा सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी जीत सकता है। जीवन में भी, जब हम किसी नौकरी अथवा अन्य भूमिका के लिए किसी का चुनाव करते हैं तो हम सर्वश्रेष्ठ का चयन करने की पूरी कोशिश करते हैं। जरूरी नहीं कि वह सर्वश्रेष्ठ पुरुष हो अथवा महिला। वह दोनों में से कोई भी हो सकता है। हम उसकी क्षमताएं और उसकी लीडरशिप क्वालिटी देखते हैं। मैं करीब 22 वर्षों से एक एंटरप्रिन्योर हूं और इस दौरान मुझे सीनियर लीडरशिप पोजीशंस पर तमाम काबिल लोगों को शामिल करने का सौभाग्य मिला है। कई सीनियर महिला पब्लिशर्स और एडिटर्स मेरे साथ काम करती हैं। इनमें से किसी को भी हमने इस वजह से नियुक्त नहीं किया है कि वो महिला हैं। उन्हें नियुक्ति दी गई या बाद में पदोन्नत किया गया या उन्हें बढ़ी हुई जिम्मेदारी सौंपी गई, वह इसलिए क्योंकि वह उस भूमिका के लिए सबसे अच्छे व्यक्ति के रूप में सामने आई हैं।

एडिटोरियल में हमारी सबसे सीनियर सहयोगी और ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर नूर फातिमा वारसिया ने कुछ दिनों पहले ‘हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड’ (HUL) के बारे में एक एडिटोरियल लिखा था, जिसमें उन्होंने एचयूएल में प्रिया नायर को भारत के सीईओ के रूप में मौका न दिए जाने के बारे में बात की थी। अपने एडिटोरियल में वारसिया ने लिखा था कि क्या पहली बार महिला को MD व CEO बनाने से चूक गया हिन्दुस्तान यूनिलीवर? उनका तर्क था कि ‘एचयूएल’ ने रोहित जावा को चुनकर भारत में कंपनी के पास पहली महिला एमडी और सीईओ होने का अवसर गंवा दिया। 

मैं सबसे पहले उन लोगों को नूर फातिमा के बारे में बता दूं, जो उन्हें ज्यादा नहीं जानते हैं। दरअसल, नूर फातिमा मेरे साथ पिछले 20 साल से काम कर रही हैं और मेरे पास सबसे अच्छी और सबसे ज्यादा समय तक अपनी जिम्मेदारी निभाने वाली सहकर्मी हैं। उन्होंने ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) में बतौर करेसपॉन्डेंट जॉइन किया था और पिछले 11 वर्षों में ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह में ग्रुप एडिटर के पद तक पहुंची हैं। इस दौरान उन्होंने काफी सम्मान और प्रशंसा अर्जित की है और इंडस्ट्री में खुद की एक खास पहचान बनाई है।

नूर करीब नौ साल पहले ग्रुप एडिटर के तौर पर ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (BW Businessworld) में शामिल हुई थीं और पिछले छह सालों में ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर बन गई हैं। नूर काफी सजग व मेहनती हैं और उनमें नेतृत्व करने के सभी गुण हैं। उन्होंने बड़ी टीमों का निर्माण और नेतृत्व किया है और पिछले दो दशकों में मैंने जिन दो एडिटोरियल प्लेटफॉर्म्स का नेतृत्व किया है, उनमें नूर ने काफी अहम योगदान दिया है। 

दरअसल, कुछ दिनों पूर्व मैंने नूर को यह कहने के लिए बुलाया था कि मैं एक लेख लिख रहा हूं कि रोहित जावा की नियुक्ति कंपनी के लिए बढ़िया विकल्प क्यों है। उस समय नूर ने कहा कि वह ‘क्या पहली बार महिला को MD व CEO बनाने से चूक गया हिन्दुस्तान यूनिलीवर’? शीर्षक से एक लेख लिख रही हैं। उन्होंने इस टॉपिक पर लिखने के लिए काफी दृढ़ता से कहा, इसलिए मैंने उन्हें प्रोत्साहित किया और ‘नूरिंग्स’ (यह उनके कॉलम का नाम है) प्रकाशित हुआ। यह आर्टिकल पब्लिश होते ही इसे तमाम प्रतिक्रियाएं मिलीं और प्रतिक्रिया व्यक्त करने वाले इंडस्ट्री लीडर्स में महिला और पुरुष दोनों शामिल थे। मैंने अपने उस आर्टिकल को उस समय रोक रखा था, क्योंकि मैं नूर के आर्टिकल को लेकर शुरुआती प्रतिक्रिया के बाद इसे पब्लिश करना चाहता था। अब जबकि इस बात को दो हफ्ते बीत चुके हैं, मैं अपनी बात आपके सामने रख रहा हूं, जो नूर की राय से अलग है।

इस लेख का पात्र (The Characters At Play) 

मैं शुरू में ही बता दूं कि मैं रोहित जावा को बहुत ज्यादा अच्छी तरह से नहीं जानता हूं और न ही मेरी उनसे लंबी मुलाकात हुई है। मेरा उनसे संक्षिप्त परिचय है, जिसके लिए मैं अपने दोस्त राहुल वेल्डे को धन्यवाद देता हूं। वर्ष 2013 में मैंने सिंगापुर की एक वेबसाइट का अधिग्रहण किया और यह 2014 में सिंगापुर की यात्रा के दौरान की बात है (उस साइट के संबंध में), जब जावा के साथ मीटिंग हुई। तब वह उस रीजन के सीईओ थे। हालांकि, तब उनसे ज्यादा बातचीत नहीं हुई, इसके बावजूद मैंने उनके करियर को फॉलो करना शुरू किया और समय के साथ वह यूनीलिवर में लगातार ऊंचाइयां छूते चले गए। वह दो दशक से ज्यादा समय से यूनीलिवर के साथ जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने कंपनी में तमाम प्रमुख पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। हिंदुस्तान यूनीलिवर में सीईओ के पद पर नियुक्त होने से पहले वह यूनीलिवर में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (फिलिपींस) थे। उनके नेतृत्व में यूनिलीवर फिलीपींस ने काफी मजबूत विकास और लाभप्रदता हासिल की। तमाम चुनौती पूर्ण मार्केटिंग स्थितियों के बावजूद कंपनी को सफलता के नए मुकाम पर ले जाने का श्रेय उन्हें दिया जाता है।  

दिल्ली यूनिवर्सिटी से फैकल्टी मैनेजमेंट स्टडीज में ग्रेजुएट रोहित जावा एचयूएल में वैश्विक स्तर पर काम कर चुके हैं। पैरेंट कंपनी यूनीलिवर में चीफ ऑफ ट्रांजैक्शन के रूप में जॉइन करने से पहले वह नॉर्थ एशिया परिक्षेत्र में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और यूनीलिवर चाइना के चेयरमैन थे। रोहित जावा को पर्सनल केयर, होम केयर और फूड जैसी तमाम कैटेगरीज में काम करने का काफी अनुभव है। उन्हें भारतीय मार्केट और कंज्यूमर ट्रेंड्स की काफी अच्छी समझ है और विदेश में अपनी जिम्मेदारी निभाने से पहले कई वर्षों तक भारत में काम कर चुके हैं।

दूसरी तरफ, प्रिया नायर की बात करें तो मैं उन्हें अच्छी तरह से जानता हूं। एक अच्छी नेतृत्वकर्ता होने के साथ-साथ वह बहुत ही स्नेही और दयालु भी हैं, जिनके साथ मुझे कई बार बातचीत करने का सौभाग्य मिला है। वह एक उत्कृष्ट प्रफेशनल और लीडर हैं, जिनके बारे में मुझे पूरा विश्वास है कि वह आगे बढ़ेंगी और उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसमें चार चांद लगाएंगी। 

नायर यूनीलिवर के साथ करीब तीन दशक से जुड़ी हुई हैं और इस दौरान कंपनी में तमाम प्रमुख पदों पर अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। वह वर्तमान में कंपनी में ग्लोबल चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Beauty & Wellbeing) हैं। नायर पुणे की ‘सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (Symbiosis Institute of Management) से ग्रेजुएट हैं। वह कार्यस्थल पर विविधता और समावेशन की पक्षधर भी हैं, जो आज कई कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। वह ‘CEAT’ और ‘ASCI’ के बोर्ड में भी कार्यरत हैं।

एक तरफ नायर हिंदुस्तान यूनिलीवर में सीईओ पद के लिए विचार करने के लिए बढ़िया विकल्प थीं, वहीं रोहित जावा का अनुभव, भारतीय बाजार की समझ और सफलता का ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें इस भूमिका के लिए मजबूत उम्मीदवार बनाता है। आखिरकार, जावा को सीईओ के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लीडरशिप क्वालिटी, स्ट्रैटेजिक विजन और अनुभव सहित कई कारकों पर आधारित रहा होगा।

मैं समझता हूं कि नेतृत्व विविधता के संदर्भ में यूनिलीवर ने हाल के वर्षों में प्रगति की है। वर्ष 2020 में कंपनी ने घोषणा की कि उसने अपनी लीडरशिप टीमों में लैंगिक संतुलन (gender balance) हासिल कर लिया है। जिसके तहत सभी प्रबंधन पदों पर 50 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके अतिरिक्त यूनिलीवर लीडरशिप पोजीशंस पर अश्वेत लोगों के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

संजीव मेहता का उत्तराधिकार

मैं भारत में संजीव मेहता से एचयूएल में लगभग उसी दौरान मिला था, जब मैं सिंगापुर में जावा से पहली बार मिला था। तब से लेकर हमने कई बार उनका इंटरव्यू किया है और उन्होंने बिजनेसवर्ल्ड के विभिन्न इवेंट्स को संबोधित किया है। चार वर्षों में कई बार नॉमिनेट होने के बाद वर्ष 2021 में मेहता हमारे ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर’ (IPOY) थे।

मुझे याद है कि जब 2017 में बाबा रामदेव ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर’ थे और मैंने संजीव मेहता से विजेता के बारे में टिप्पणी के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि हमें आज बाबा रामदेव का जश्न मनाना चाहिए, लेकिन एक एडिटोरियल प्लेटफॉर्म के रूप में हमें कोई निर्णय लेते समय गहन रिसर्च और गहराई से चीजों को देखना चाहिए। मुझे याद है कि मेरे प्रश्न का उत्तर देते समय उन्हेंने काफी शांत, संयत और शिकायत रहित तरीके से अपनी बात कही थी।

यहां बता दूं कि मैंने भारतीय इंडस्ट्री जगत के लगभग सभी लीडर्स से मुलाकात की है और उनमें से कई के साथ बातचीत की है। इससे पहले कि मैं आपको बताऊं कि पिछले आठ सालों में मैंने मेहता के साथ बातचीत में क्या महसूस किया, उससे पहले मुझे लगता है कि आपको एक स्टोरी सुनानी चाहिए। 

दो साल पहले मेरे दोस्त सुनंदन भांजा चौधरी ने मुझे बुलाया और सुझाव दिया कि हमें ऐसा आयोजन करना चाहिए, जो देश में बिजनेस की दुनिया में सबसे ज्यादा ‘कंप्लीट मैन’ (Complete Man) के बारे में हो। मुझे यह दिलचस्प लगा और मैंने उनसे कहा कि मैं इस बारे में सोचूंगा और इस तरह के पुरस्कार की रूपरेखा और मानदंड तैयार करूंगा। मुझे याद है कि मैंने कहा था कि हमें एक 'कंप्लीट पर्सन' (Complete Person)  पुरस्कार देना चाहिए, जिसमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हों। इसके बाद हमने फ्रेमवर्क तैयार किया और ‘Complete Person’, ‘Complete Woman’ और ‘Complete Man’ के लिए मानदंड के तीन सेट तैयार किए। हमने शुरुआती लिस्ट तैयार की और मानदंडों व नामों को लेकर काफी विचार-विमर्श किया और कई जानकारी लोगों के साथ इसे शेयर किया। 

‘Complete Man’ के लिए मैंने जो फ्रेमवर्क और मानदंड तैयार किए, मेरे हिसाब से उसमें निम्नलिखित गुण होने चाहिए-

: जिसने लंबे समय तक उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया हो और अपने प्रदर्शन और योगदान में निरंतरता बनाए रखी हो।

: बड़े पैमाने पर उसका प्रभाव हो।

: वह मानवीय और दयालु हो और उसने बहुत मार्केट लीडर्स तैयार किए हों। 

: लंबे समय तक लीडरशिप पोजीशन में रहा हो। 

: नेतृव और योगदान में उसकी बहुत ज्यादा स्वीकार्यता हो। 

: अपनी कंपनी और इंडस्ट्री से हटकर भी उसका योगदान हो। 

: एक ऐसा पारिवारिक व्यक्ति जो अपने परिवार के साथ सद्भाव रखता हो।  

: क्या हम ऐसे व्यक्ति से तब भी मिलना चाहेंगे, जब उसने अपनी नौकरी छोड़ दी हो, उसके पास कोई नौकरी नहीं हो और कोई आधिकारिक पद नहीं हो और कोई ऐसा काम नहीं हो, जिसमें वह हमारी मदद कर सके या जिसमें सहयोग कर सके? अगर हमें कोई काम नहीं होगा तो क्या हम उससे मिलेंगे?

: उच्च सद्भाव और बेदाग चरित्र हो

: सही मायनों में राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की क्षमता

आंतरिक प्रक्रिया में करीब दो महीने खर्च करने के बाद हमने छह नाम शॉर्टलिस्ट किए। हमने उस दौरान 200 से ज्यादा सीईओ और प्रमोटर्स को कॉल की और उनकी पसंद के बारे में पूछा। इसके बाद हम मीडिया के लोगों, बैंकरों, तमाम साथियों और वरिष्ठ एंप्लॉयीज तक पहुंचे और इस प्रक्रिया से एक सूची तैयार की। अंत में हमारे पास नौ नाम थे और हमने इसे अंतिम सूची के रूप में लिया। मैं यहां उस सूची को शेयर कर रहा हूं।

: एन चंद्रशेखरन, ग्रुप चेयरमैन, टाटा ग्रुप 

: संजीव मेहता, चेयरमैन और एमडी, एचयूएल  

: वी. वैद्यनाथन, सीईओ और एमडी, आईडीएफसी बैंक

: संजीव पुरी, चेयरमैन, आईटीसी

: उदय कोटक, चेयरमैन, कोटक महिंद्रा

: सुरेश नारायणना, चेयरमैन और एमडी, नेस्ले इंडिया

: आनंद महिंद्रा, चेयरमैन, महिंद्रा ग्रुप

: सीपी गुरनानी, एमडी और सीईओ, टेक महिंद्रा

: सुधीर सीतापति, एमडी और सीईओ, गोदरेज कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स

इसके बाद हमने फिर आंतरिक और बाहरी दोनों तरीके से सलाह मशविरा किया और संजीव मेहता पहली पसंद बने। हालांकि मुझे यह जोड़ना चाहिए कि हमारे इस सलाह-मशविरे के पूरे क्रम में शीर्ष तीन विकल्पों में बहुत कम अंतर था, लेकिन मैं इस चर्चा को संजीव मेहता तक ही सीमित रखूंगा।

मैं यहां जो बात कह रहा हूं, वह यह है कि वह शाब्दिक तरीके से ‘कंप्लीट मैन’ हैं, जिन्होंने पिछले दशक में एचयूएल को बदलकर रख दिया और विकसित किया है।उनके नेतृत्व में कंपनी ने सभी श्रेणियों और सभी दौर में चुनौती देने वाले तूफान का सामना किया है। उनके कार्यकाल के दौरान एचयूएल के कारोबार और बाजार पूंजीकरण में वृद्धि हुई और यह ग्लोबल कंपनी भारत में अपने निवेश के मामले में दोगुना हो गई।

संजीव मेहता ने बड़े अधिग्रहण किए, वह विवादों से दूर रहे, मिलनसार और हमेशा संतुलित रहे। किसी को भी उनके साथ बातचीत में एक निष्पक्ष चर्चा करने और किसी भी चीज में एक निष्पक्ष निर्णय पर पहुंचने में संतुष्टि हुई, फिर चाहे वह कोई छोटी बात हो या बड़ी। वरिष्ठ या कनिष्ठ अथवा बाहरी और भीतरी रूप से वे जिस किसी के साथ भी पेशेवर या व्यक्तिगत रूप से बातचीत करते हैं, उसमें गर्मजोशी होती हैं। वह एक ‘कंप्लीट मैन’ का प्रतीक हैं और पिछले एक दशक में भारत में एचयूएल का पर्याय बन गए हैं। उनका विकास और प्रभाव उनकी स्थिति और प्रदर्शन से नहीं निकला, जो दोनों ही बेजोड़ थे, बल्कि इस तथ्य से कि उन्होंने जो कुछ भी किया उसमें ईमानदारी, गर्मजोशी और मानवीय दृष्टिकोण था।

स्वाभाविक रूप से जब यूनिलीवर संजीव मेहता के उत्तराधिकारी की तलाश कर रहा था तो भरने के लिए कुछ बहुत बड़ी जगह रही होगी। उन्हें एक ऐसे व्यक्ति का चयन करना था, जिसका कंपनी के भीतर और बाहर सम्मान हो और जिसमें उसके समान गुण हों। कोई भी दो लीडर एक जैसे नहीं होते हैं और जब आप उत्तराधिकारी के लिए सही चुनाव करना चाहते हैं तो समानता की तलाश करना सबसे अच्छा होता है। इसमें कल्चरल ओरियंटेशन भी महत्वपूर्ण है।

करीब दस वर्षों तक एचयूएल की कमान संभालने के बाद संजीव मेहता यहां से रिटायर होंगे। एचयूएल का करीब 7 बिलियन यूएस डॉलर का कारोबार है और बाजार पूंजीकरण (Market Cap) 75 बिलियन यूएस डॉलर के दायरे में है और बढ़ रहा है। एक दशक तक एचयूएल में रहते हुए, उन्होंने मार्केट कैप को 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर से लगभग पांच गुना बढ़ाकर 75 बिलियन यूएस डॉलर करने में मदद की, जिससे एचयूएल देश का सबसे मूल्यवान बिजनेस बन गया। वह फिक्की (FICCI) के प्रेजिडेंट भी बने और टाटा संस द्वारा एयर इंडिया के बोर्ड में भी आमंत्रित किए गए।  

रोहित जावा 27 जून 2023 से नए एमडी और सीईओ के रूप में कार्यभार संभालेंगे, लेकिन एक अप्रैल 2023 से नामित सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक के रूप में कंपनी में शामिल होंगे। रोहित एक अप्रैल 2023 से यूनिलीवर, दक्षिण एशिया के प्रेजिडेंट के रूप में भी कार्यभार संभालेंगे और यूनिलीवर लीडरशिप एग्जिक्यूटिव के रूप में शामिल होंगे। संजीव मेहता और रोहित जावा दोनों के पास बेहतर विचारधारा और अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड है।

जब जावा के नाम की घोषणा की गई तो मैंने उन लोगों को बुलाया जो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते थे और उनके बारे में बारीक दृष्टिकोण रखते थे। मुझे उनके बारे में ताजा सकारात्मक के रूप में जो जानकारी मिली और विभिन्न लोगों से एक लीडर के रूप में उनके बारे में जो प्रतिक्रिया मिली, उसमें समानता थी, जिसे मैं यहां उल्लेखित कर रहा हूं। 

: काफी मेहनती हैं।

: बहुत दिलकश हैं और लोग काफी पसंद करते हैं। 

: आंतरिक रूप से दृढ़ और स्थिरता। 

: यूनिलीवर के सभी मार्केट्स की समझ और सांस्कृतिक संवेदनशीलता, जो उन्हें एक आदर्श उत्तराधिकारी बनाता है।

: एचयूएल के मुंबई कार्यालय से अपनी यात्रा शुरू करने के बाद वियतनाम, थाईलैंड, सिंगापुर, फिलीपींस, चीन और ब्रिटेन में काम किया

: चीन और फिलीपींस में असाधारण प्रदर्शन किया

: एक हेड के रूप में भविष्य के एचयूएल को आकार देने में क्या चाहिए, उस बारे में पता है

मैंने जिन 15 वरिष्ठ लोगों को फोन किया, उनमें से 12 ने स्पष्ट रूप से इस निर्णय का समर्थन किया

चीजों को देखने का नजरिया

मैं नूर और उनके नजरिये का बहुत सम्मान करता हूं। जब नूर ने उक्त एडिटोरियल लिखा, तो मैं इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हूं कि नूर कहां से आई थीं। मुझे लगता है कि उनका आर्टिकल एक बड़ा मुद्दा बना रहा था। संजीव मेहता के लिए उनकी प्रशंसा और सम्मान को जानते हुए मैं बिना किसी संदेह के जानता हूं कि उनका मानना है कि एलन जोप, नितिन परांजपे और यूनिलीवर बोर्ड सहित इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी लोगों के साथ-साथ उन्होंने सबसे अच्छा निर्णय लिया होगा। प्रिया नायर और रोहित जावा काफी अनुभवी हैं, नायर भी प्रतिभाशाली हैं, लेकिन यह जावा का क्षण है।

मेरे विचार से, ऐसा नहीं है कि वे समकालीन या ऐसे ही थे और एक जीत गया जबकि दूसरा हार गया। तुलना से बचा जा सकता है और तुलना हमेशा स्वस्थ नहीं होती है। और मेरे दृष्टिकोण से यह एक जैसी तुलना नहीं थी। अपने विचारों के लिए नूर स्वतंत्र हैं और मुझे यकीन है कि वह मेरे दृष्टिकोण पर टिप्पणी करेंगी, लेकिन ठीक है। मैं उनके नजरिये का सम्मान करता हूं और मुझे यकीन है कि वह मेरे नजरिये का सम्मान करेंगी। जिस तरह से मैं इसे देखता हूं, यह स्थिति एक सेलिब्रिटी या किसी अन्य व्यक्ति की शादी में दूल्हा या दुल्हन से लाइमलाइट चुराने के समान है।

स्पॉटलाइट सही कारणों से रोहित जावा पर होना चाहिए। वह यह है कि वह संजीव मेहता के उत्तराधिकारी के लिए एचयूएल के लिए सही विकल्प हैं। मेरा दृष्टिकोण और लेख प्रतिभा या व्यक्तित्व के बारे में कुछ भी नहीं है। मुझे लगता है कि नूर के लेख में यह वह एंगल है, जो अलग होना चाहिए था। मेरा दृढ़ विश्वास है कि आने वाला समय बताएगा कि रोहित जावा उनके उत्तराधिकारी के रूप में सही विकल्प हैं।

परिप्रेक्ष्य  

जैसा कि मैंने निष्कर्ष निकाला है, मेरे पास इस नौकरी की कड़ी आवश्यकताओं के लिए एक और परिप्रेक्ष्य है। यह न केवल भारत में, बल्कि बड़े पैमाने पर दुनिया की सबसे बड़ी कॉर्पोरेट नौकरियों में से एक है। आइए विचार करें कि हिंदुस्तान यूनिलीवर, जो यूनिलीवर की भारतीय सहायक कंपनी है, कारोबार, लाभप्रदता और बाजार की स्थिति के मामले में अन्य यूनिलीवर सहायक कंपनियों और अन्य बड़ी एफएमसीजी कंपनियों से मुकाबला करती है।

सबसे पहले बात करें तो हिंदुस्तान यूनिलीवर वॉल्यूम के मामले में यूनिलीवर की सबसे बड़ी सहायक कंपनी है। वित्तीय वर्ष 2022 (FY22) में लगभग सात बिलियन यूएस डॉलर के कथित टर्नओवर के साथ और वित्तीय वर्ष 2023 (FY23) में नौ महीने के टर्नओवर के आधार पर पांच बिलियन यूएस डॉलर से अधिक– 17 प्रतिशत साल दर साल (YoY) वृद्धि से पूरे वर्ष की संख्या संभवतः आठ बिलियन यूएस डॉलर के करीब हो सकती है। यह इसे यूनिलीवर, उत्तरी अमेरिका और यूनिलीवर, यूरोप जैसी अन्य प्रमुख सहायक कंपनियों से आगे रखता है। इसके अलावा, एचयूएल का बाजार पूंजीकरण (market capitalisation) ‘Benckiser’, ‘Colgate Palmolive’, ‘General Mills’ और ‘Kraft Heinz’ जैसी ग्लोबल एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों से बड़ा है।

लाभप्रदता की बात आती है तो हिंदुस्तान यूनिलीवर ने लगातार मजबूत वित्तीय परिणाम दिए हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 में  कंपनी ने एक बिलियन यूएस डॉलर से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज किया। जब मार्केट की स्थिति की बात आती है तो हिंदुस्तान यूनिलीवर देश में अग्रणी एफएमसीजी कंपनियों में से एक है। पर्सनल केयर, होम केयर, फूड और रिफ्रेशमेंट जैसी कई प्रॉडक्ट कैटेगरी में इसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है। डव, सर्फ एक्सेल और लिप्टन जैसे कंपनी के ब्रैंड देश में घर-घर में पहचाने जाने वाले नाम हैं, जो अपनी मजबूत ब्रैंड पहचान और लोगों के बीच अपनी खास जगह रखते हैं।

रोहित जावा को भारतीय लोकाचार और भारतीय संस्कृति की काफी समझ है। उन्होंने कई देशों में और विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। वह मिलनसार हैं और साथियों द्वारा उन्हें पसंद किया जाता है। मेरा मानना है कि इस पैमाने के संचालन के लिए पूर्ण अर्थों में वह सबसे उपयुक्त हैं।

अंत में यह सवाल 

हालांकि विचार करने के लिए एक महत्वपूर्ण सवाल यह है कि यूनिलीवर के पास भारतीय सीईओ कब होगा? क्या नितिन परांजपे अगले कुछ वर्षों में यूनिलीवर के सीईओ होंगे? क्या संजीव मेहता को यहां अधिक महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी और भविष्य में वह ग्लोबल सीओओ या ग्लोबल सीईओ बनने की दौड़ में होंगे? मैं यह सवाल महज इसलिए नहीं पूछ रहा हूं क्योंकि मैं चाहता हूं कि कोई भारतीय यूनिलीवर का प्रमुख बने। मुझे लगता है कि नितिन परांजपे और संजीव मेहता जैसे लीडर दुनिया में किसी से भी अच्छे या बेहतर हैं, क्योंकि उन्होंने सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर और चुनौतियों के साथ हिंदुस्तान यूनिलीवर का संचालन किया है।

स्पष्टीकरण: यह कॉलम रेमंड द्वारा प्रायोजित नहीं है, हालांकि मैं रेमंड द्वारा इसे प्रायोजित करने का स्वागत करूंगा, क्योंकि यह पूरा कॉलम है।

(मूल रूप से अंग्रेजी में लिखे इस आर्टिकल को आप exchange4media.com पर पढ़ सकते हैं। लेखक ‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ हैं। लेखक दो दशक से ज्यादा समय से मीडिया पर लिख रहे हैं।)


टैग्स डॉ. अनुराग बत्रा एचयूएल संजीव मेहता प्रिया नायर रोहित जावा हिन्दुस्तान यूनीलिवर नूर फातिमा वारसिया
सम्बंधित खबरें

AI पर नियंत्रण करना भी बेहद आवश्यक: रजत शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत एआई में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है।

1 day ago

रामबहादुर राय-पत्रकारिता क्षेत्र में शुचिता और पवित्रता के जीवंत व्यक्तित्व

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वे शीर्ष नेताओं में थे। जब पत्रकारिता में आए तो शीर्ष पत्रकार बने। आज की भारतीय पत्रकारिता में उन सरीखे सम्मानित और सर्वस्वीकार्य नाम बहुत कम हैं।

1 day ago

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत: राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

2 days ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

2 days ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

3 days ago


बड़ी खबरें

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता की किताब ‘Revolutionary Raj’ का लोकार्पण आज

वरिष्ठ पत्रकार और पद्मश्री सम्मानित आलोक मेहता अपनी नई कॉफी-टेबल बुक “Revolutionary Raj – Narendra Modi’s 25 Years” का लोकार्पण 21 फरवरी 2026 को करने जा रहे हैं।

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

23 hours ago

WBD डील पर Paramount को शुरुआती राहत, अमेरिका में एंटीट्रस्ट अवधि पूरी

Warner Bros. Discovery को खरीदनें को लेकर बड़ी कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है। अब देखना होगा कि आखिर यह डील किसके हाथ लगती है

1 day ago

OpenAI के CEO ने पीएम मोदी से की मुलाकात, भारत को बताया AI का बड़ा केंद्र

पीएम मोदी ने दुनिया भर के निवेशकों और टेक कंपनियों को भारत आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास प्रतिभाशाली युवा हैं, जिनमें AI के क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की ताकत है।

1 day ago