होम / टीवी / TV न्यूज खत्म नहीं हुई है, लेकिन यह ‘ICU’ में है: राजदीप सरदेसाई
TV न्यूज खत्म नहीं हुई है, लेकिन यह ‘ICU’ में है: राजदीप सरदेसाई
‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने ‘न्यूज नेक्स्ट’ (News Next) 2023 कॉन्फ्रेंस में टीवी पत्रकारिता और इससे जुड़े तीन ‘सी’ यानी Commerce, Content और Conscience पर अपनी बात रखी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
वरिष्ठ पत्रकार और ‘इंडिया टुडे’ (India Today) के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई का कहना है कि टीवी न्यूज खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह ‘आईसीयू’ में है, क्योंकि इसे ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिनकी शायद 25 साल पहले 24x7 टीवी की क्रांति शुरू होने पर कल्पना भी नहीं की गई थी।’
राजदीप सरदेसाई नोएडा स्थित होटल रैडिसन ब्लू में 27 अगस्त को ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (e4m) समूह की ओर से आयोजित मीडिया समिट ‘न्यूजनेक्स्ट’ (NEWSNEXT) 2023 को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में उद्घाटन सत्र के दौरान प्रमुख वक्ता के तौर पर राजदीप सरदेसाई ने टीवी पत्रकारिता और तीन ‘सी’ के संकट यानी Commerce, Content और Conscience पर अपनी बात रखी। उनका कहना था कि टीवी पत्रकारिता के लिए अभी भी उम्मीद है, अगर हितधारक (stakeholders) अपनी अंतरात्मा की आवाज पर ध्यान दें और टीवी न्यूज के व्यावसायीकरण (Commercialization) के सामने आत्मसमर्पण न करें।
उन्होंने कहा, ‘यह कहना बहुत आसान है कि टीवी न्यूज़ खत्म हो गई है लेकिन सोशल और डिजिटल मीडिया का संदर्भ बिंदु (reference point) आज भी टीवी न्यूज ही है। टीवी न्यूज पर जो कहा जाता है, वह क्लिप बन जाता है और वायरल हो जाता है। टीवी न्यूज खत्म नहीं हुई है, लेकिन यह आईसीयू में है। टीवी न्यूज का बिजनेस मॉडल टूट गया है।’
"TV as a medium is not dead, TV journalism is in the ICU because of our own failures. TV as a medium still holds a lot of power" : @sardesairajdeep of @IndiaToday at #e4mNewsNext 2023!
— exchange4media group (@e4mtweets) August 27, 2023
Watch Live : https://t.co/2WmJbljsQY #mediasummit #tvnews #media #broadcast #journalism pic.twitter.com/4P3ghWutGM
कार्यक्रम के दौरान राजदीप सरदेसाई का यह भी कहना था, ‘जब हमने पत्रकारिता की शुरुआत की थी, तब इंडस्ट्री में कुछ ही प्लेयर्स थे। 2000 के दशक तक पांच-छह 24x7 न्यूज चैनल्स थे। आज पूरे देश में 397 रजिस्टर्ड न्यूज चैनल्स हैं। केक वही है लेकिन इसे पाने वाले प्रतिस्पर्धी कई गुना बढ़ गए हैं, जिसके कारण एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू घट रहा है। कंटेंट को आजकल बिजनेस निर्देशित कर रहा है।’
टैग्स इंडिया टुडे राजदीप सरदेसाई इनबा टीवी न्यूज चैनल्स एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स न्यूज नेक्स्ट 2023 ई4एम न्यूज नेक्स्ट 2023