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TRAI की रिपोर्ट में खुलासा, टीवी इंडस्ट्री के लिए 24.7% बढ़ा ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू
यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की वित्त वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट से सामने आयी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
देश के टेलीविजन इंड्स्ट्री ने लगभग 5% की ग्रोथ दर्ज की है। दरअसल 2020-2021 के वित्तीय वर्ष में टेलीविजन इंड्स्ट्री 68,500 करोड़ रुपए की तुलना में 2021-22 के लिए 72,000 करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की वित्त वर्ष 2021-22 की वार्षिक रिपोर्ट से सामने आयी है।
ट्राई ने कहा है कि सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू पूरी इंडस्ट्री रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा है, लेकिन इसमें 6.22% की गिरावट आई है, जो 2020-21 में 43,400 करोड़ रुपए से घटकर 2021-22 में 40,700 करोड़ रुपए रह गया है। हालांकि, 2021-22 में इंडस्ट्री के लिए ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू 24.7% बढ़ा है, जोकि वित्तीय वर्ष 2020 के 25,100 करोड़ रुपए से बढ़कर 31,300 करोड़ रुपए हो गया है।
ट्राई ने राज्यसभा और लोकसभा में पेश की अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि 2021-22 प्रसारण व केबल सेवा क्षेत्र के लिए एक और व्यस्त और घटनापूर्ण वर्ष रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दशक में केबल और सैटेलाइट (सी एंड एस) टीवी बाजार की गतिशीलता में महत्वपूर्ण बदलाव देखे गए हैं।
ट्राई ने 3 मार्च, 2017 को एड्रेसेबल सिस्टम के माध्यम से प्रदान की जाने वाली प्रसारण और केबल सेवाओं के लिए नए विनियामक ढांचे को अधिसूचित किया। पूर्वोक्त नए विनियामक ढांचे को 29 दिसंबर, 2018 से लागू किया गया था।
नया विनियामक ढांचा इस क्षेत्र में सामंजस्यपूर्ण व्यावसायिक प्रक्रियाओं को स्थापित करने, समान अवसर देने, टीवी चैनलों के मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता लाने, हितधारकों के बीच मुकदमों को कम करने और छोटे मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (एमएसओ) को समान अवसर प्रदान करने में काफी सफल रहा। परिणामस्वरूप, हितधारकों के साथ-साथ प्रवेश बाधाओं में विवादों में स्पष्ट कमी आई। प्रसारण और केबल सेवाओं के लिए नए विनियामक ढांचे ने भी उपभोक्ताओं को उन टेलीविजन चैनलों को चुनने की आजादी दी, जिन्हें वे देखना चाहते हैं।
ट्राई ने आगे कहा कि वर्ष 2021-22 के दौरान, 'टेलीविजन प्रसारण क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देना', 'दूरसंचार और प्रसारण क्षेत्र में व्यापार करने में आसानी' और 'केबल टीवी सेवाओं में बाजार संरचना/प्रतिस्पर्धा' जैसे विषयों पर कई मुख्य परामर्श पत्र जारी किए गए। 2021-22 के दौरान सरकार को कोई अनुशंसा नहीं दी गई, क्योंकि ये परामर्श पत्र प्रक्रियाधीन थे।
रिपोर्ट के अनुसार, टीवी प्रसारण क्षेत्र में लगभग 350 ब्रॉडकास्टर्स शामिल हैं, जिनमें से मार्च 2022 के अंत तक 42 पे ब्रॉडकास्टर्स हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक सेवा प्रसारक दूरदर्शन, जो भारत में एक फ्री-टू-एयर DTH सेवा प्रदान कर रहा है, के अतिरिक्त भारत में मार्च 2022 के अंत तक 1764 (मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs), 1 हिट्स ऑपरेटर, 4 पे डीटीएच ऑपरेटर्स और 20 IPTV ऑपरेटर्स सूचना-प्रसारण मंत्रालय के साथ पंजीकृत थे। इसके अलावा MIB द्वारा प्रदान की गई जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी, 2022 तक देश में कुल 81,706 केबल ऑपरेटर्स पंजीकृत थे।
MIB द्वारा अनुमत सैटेलाइट टीवी चैनलों की कुल संख्या मार्च, 2018 के अंत में 875 से बढ़कर मार्च, 2022 के अंत में 898 हो गई थी। मार्च 2018 के अंत में 213 एसडी पे-टीवी चैनल थे, जोकि मार्च 2022 के अंत तक बढ़कर 248 हो गए थे। इस तरह से मार्च, 2022 के अंत तक 97 एचडी पे-टीवी चैनल थे।
ट्राई ने कहा कि पे डीटीएच ऑपरेटर्स द्वारा बताया गया कि मार्च 2022 के अंत में पे डीटीएच के 66.92 मिलियन कुल सक्रिय सब्सक्राइबर्स थे।
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