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न्यूजरूम पर किसी तरह के दबाव को सुप्रिय प्रसाद ने नकारा, कही ये बात
ई4एम न्यूजनेक्स्ट 2022 कॉन्फ्रेंस में ‘आजतक’, ‘गुड न्यूज टुडे’ व ‘इंडिया टुडे’ के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद ने तमाम सवालों के बेबाकी से दिए जवाब
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘आजतक’, ‘गुड न्यूज टुडे’ व ‘इंडिया टुडे’ के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद का कहना है कि हमारे देश का समाज अपने आप में राजनीतिक है, इसलिए टीवी न्यूज डिबेट भी काफी हद तक राजनीतिक होती हैं, लेकिन हम वास्तविक मुद्दों को कभी भी नजरअंदाज नहीं करते हैं और उन्हें न्यूज चैनल्स पर प्रमुखता से दिखाते रहते हैं।
शनिवार को आयोजित ई4एम न्यूजनेक्स्ट 2022 कॉन्फ्रेंस के दौरान ‘बिजनेसवर्ल्ड’ (Business World) के सीनियर एडिटर रुहैल अमीन के साथ बातचीत के दौरान सुप्रिय प्रसाद का कहना था, ‘हमारे लिए संतुलित यानी बैलेंस्ड न्यूज नाम की कोई चीज नहीं होती। हम तथ्यों के आधार पर सभी खबरों का प्रसारण करते हैं। हम उन्हें संतुलित नहीं कर सकते। हालांकि, हम सभी पक्षों के विचारों को शामिल करने और लोगों के सामने खबरों को सही परिप्रेक्ष्य में पेश करने का प्रयास करते हैं।’ इस बातचीत के दौरान सुप्रिय प्रसाद का यह भी कहना था कि न्यूजरूम की बात करें तो उनके ऊपर खबरों को लेकर कहीं से भी किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं होता है।
सुप्रिय प्रसाद के अनुसार, ‘जहां तक आजतक का सवाल है, हम पर कहीं से भी किसी तरह का दबाव नहीं है, फिर चाहे वह सरकार हो, एजेंसियां हों या अन्य लोग हों। यह सिर्फ एक धारणा है कि आजकल न्यूज रूम दबाव में हैं। हम प्रत्येक खबर को प्रसारित करते हैं, जो लोगों को प्रभावित करती है और साथ ही साथ जो हमारे व्युअर्स के हित में है।’
इस दौरान रुहैल अमीन द्वारा यह पूछे जाने पर कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि टीवी चैनल्स आजकर व्यूज को न्यूज के रूप में परोस रहे हैं, सुप्रिय प्रसाद ने कहा कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है, यह महज एक मिथक है। उन्होंने कहा कि हम रोजाना दो घंटे सिर्फ दो डिबेट शो चलाते हैं। दिन में बाकी के 22 घंटे हम सिर्फ खबरें देते हैं। खबर अपने आप में खबर होती है। हम कभी भी विचारों (व्यूज) को मिलाकर अपनी खबरों में ‘मसाला’ नहीं डालते हैं।
उन्होंने दावा किया कि टीवी डिबेट्स में भी उनका चैनल अपने विचार रखने के बजाय राजनीतिक दलों को अधिक स्थान देता है। हम डिबेट्स में अपने विचारों को कभी पैनलिस्टों पर नहीं थोपते हैं और न ही उन पर किसी तरह का कोई दबाव डालते हैं।
तमाम न्यूज चैनल्स द्वारा खबरों को सनसनीखेज बनाने और तथ्यों को पेश न किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में सुप्रिय प्रसाद ने कहा कि जहां तक आजतक या उसके सहयोगी चैनल्स का संबंध है, ऐसा नहीं होता है और खासतौर पर हमारे यहां सिर्फ तथ्यों पर आधारित खबरें ही दिखाई जाती हैं।
सुप्रिय प्रसाद का कहना था, ‘हम सिर्फ खबर दिखाते हैं, फिर चाहे वह बुरी हो या अच्छी। हमें सिर्फ खबर दिखानी होती है। हम सभी को खुश नहीं रख सकते हैं। आलोचक तो आपकी खिंचाई करने की कोशिश करेंगे। वे कुछ किसी न्यूज को दिखाने या किसी न्यूज को न दिखाने के लिए आप पर दोषारोपण करते रहेंगे। मीडिया को इस तरह के आरोपों को नजरअंदाज करना चाहिए।’
प्रसाद के अनुसार, ‘यह न्यूज चैनल्स ही हैं जो सभी बड़ी खबरों को ब्रेक करते हैं और घोटालों व अन्य गलत कामों को उजागर करते हैं। इसलिए, यह कहना गलत है कि टीवी चैनल्स केवल निगेटिव खबरें प्रसारित करते हैं। समाज में हो रही बड़ी घटनाओं को न्यूज चैनल्स नजरअंदाज नहीं कर सकते। विजुअल माध्यम में आपको सभी तरह के वीडियो दिखाने होते हैं, फिर चाहे वह अच्छे हों या बुरे। हमारे ऊपर व्युअर्स को हर वह जानकारी देने की जिम्मेदारी है, जिसके बारे में वे जानना चाहते हैं। इसे नकारात्मकता या सकारात्मकता के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।’
’ टीवी पर सब कुछ टीआरपी के लिए नहीं होता है। हम आम आदमी को प्रभावित करने वाले हर मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हैं। ‘आजतक’ समूह हमेशा बेरोजगारी, बिजली संकट, प्रदूषण जैसे समाज के प्रासंगिक मुद्दों को उठाता है। चूंकि यह एक दृश्य माध्यम है, इसलिए हमें खबर को रोचक तरीके से प्रस्तुत करना होगा। आप इसे नाटकीयता नहीं कह सकते।’
कॉन्फ्रेंस के दौरान यह पूछे जाने पर कि भारत में न्यूज चैनल्स किस तरह से एंटरटेनमेंट चैनल्स बन गए हैं और बीबीसी जैसे प्रतिष्ठित विदेशी चैनल्स से अलग और दूर दिखाई देते हैं, सुप्रिय प्रसाद ने कहा कि बीबीसी और अन्य किसी से भारतीय चैनल्स की तुलना करना सही नहीं है। अन्य देशों की जीवनशैली अलग है और उनके चैनल्स ऐसे कार्यक्रम चलाते हैं जो उनके समाज के अनुकूल हों। भारतीय समाज पूरी तरह से अलग है और इसलिए खबरों की हमारी प्रस्तुति उनसे अलग है। आलिया भट्ट और रणबीर कपूर की शादी जैसी खबरों को भी टीवी पर जगह दी जानी चाहिए, क्योंकि लोग उनकी शादी देखना पसंद करते हैं।
‘समाचार4मीडिया’ के पंकज शर्मा द्वारा फेक न्यूज और टीवी रेटिंग सिस्टम को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में सुप्रिय प्रसाद ने माना कि फेक न्यूज एक गंभीर मुद्दा है, जिसे सोशल मीडिया के जरिये बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आजतक-इंडिया टुडे समूह ने हर खबर और रिपोर्ट को प्रसारित करने से पहले तथ्यों की जांच करने के लिए फैक्ट चेकिंग टीम गठित की है। सुप्रिय प्रसाद ने कहा कि टीवी न्यूज चैनल्स के लिए हमें एक सटीक और मजबूत रेटिंग प्रणाली की आवश्यकता है।
इसके साथ ही सुप्रिय प्रसाद ने यह भी कहा कि ‘नंबर वन’ न्यूज चैनल बनने का कोई फॉर्मूला नहीं है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘इस बारे में मैं यही कह सकता हूं कि इसके लिए बहुत मेहनत की आवश्यकता होती है। आपको विश्वसनीयता सुनिश्चित करनी होगी और बदलते समय के साथ तालमेल बिठाना होगा। चुनावों के दौरान भी हम संतुलित और निष्पक्ष कवरेज सुनिश्चित करते हैं। इसलिए हमें सबसे विश्वसनीय और नंबर1 न्यूज चैनल माना जाता है। कोई किसी चैनल पर दबाव नहीं बना सकता। हां, कुछ एंकर खुद खास पार्टियों की तरफ झुक जाते हैं और कुछ नेताओं का फेवर करते हैं।’
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