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अविनाश पांडेय ने बताया, क्यों न्यूज चैनल्स का फोकस अब गंभीर पत्रकारिता की ओर हो गया है
‘पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट’ (PMAR) 2021 जारी होने के दौरान ‘एबीपी नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पाण्डेय ने रखी अपनी बात
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के सीईओ अविनाश पाण्डेय का कहना है कि देश में संपूर्ण रेटिंग प्रणाली को टीवी सीरियल्स को मापने के लिए डिजाइन किया गया है न कि न्यूज के लिए। ‘पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट’ (PMAR) 2021 जारी होने के मौके पर अविनाश पांडेय ने बताया कि रेटिंग पॉइन्ट्स की अनुपस्थिति में न्यूज चैनल्स का फोकस शोरशराबा मचाने से हटकर किस तरह गंभीर पत्रकारिता की ओर हो गया है।
अविनाश पांडेय के अनुसार, ‘सेलिब्रिटीज अथवा आम आदमी की मौतों पर किसी तरह की फिक्शन स्टोरीज नहीं लिखी जा रही है। तैयार किया गया कंटेंट न्यूज चैनल्स से लगभग गायब हो गया है और चैनल्स प्रासंगिक मुद्दों जैसे- किसानों की रैलियां, प्रधानमंत्री के भाषणों को कवर कर रहे हैं और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं’
पटना में पिछले दिनों घर के पास हुए इंडिगो मैनेजर की हत्या के मामले का उदाहरण देते हुए अविनाश पांडेय ने कहा कि इस तरह की घटनाओं में रेटिंग पूरी स्टोरी को महिला, राजनीति और ड्रामा जैसे तमाम अनावश्यक एंगल्स में उलझा देगी, क्योंकि इस तरह की चीजों को लोग ज्यादा देखेंगे और चैनल की रेटिंग बढ़ेगी। देश में पूरे रेटिंग सिस्टम को सिर्फ टीवी सीरियल्स को मापने के लिए डिजाइन किया गया है न कि न्यूज के लिए।
अविनाश पांडेय का यह भी कहना था कि BARC के डाटा को मापते समय बदलती सरकारी नीतियों पर विचार नहीं किया गया है। यूजर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स पुरानी नीतियों पर ही चल रहे हैं। ऐसे में व्युअरशिप पैटर्न में हुए बदलाव BARC की ओर से उपलब्ध कराए गए डाटा में परिलक्षित नहीं हो रहे हैं।
मौजूदा प्रणाली की खामियों की ओर इशारा करते हुए अविनाश पांडेय ने सुझाव दिया कि इंडस्ट्री के पास मजबूत RPD (Return Path Data) डाटा होना चाहिए। अभी 44000 घरों में मीटर लगे हुए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि सैंपल जुटाने के लिए मीटर लगे घरों की संख्या पांच लाख से कम नहीं होनी चाहिए और घरों का चयन मैनुअली करने के स्थान पर इसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे तमाम समस्याएं दूर हो जाएंगी, जिनका आज हम सामना कर रहे हैं। डाटा को शेयर बाजार की तरह रिपोर्ट नहीं करना चाहिए।
अविनाश पांडेय के अनुसार, ‘BARC के कामकाज को पेशेवर मार्केटर्स और डाटा वैज्ञानिकों पर छोड़ दिया जाना चाहिए और इसके लिए हमें BARC के भीतर गंभीर कॉरपोरेट प्रशासन में सुधार की आवश्यकता है।’
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