TV न्यूज के दिग्गजों ने बताया, इंडस्ट्री के लिए कैसा रहा 2020

कोरोनावायस (कोविड-19) और इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन का तमाम उद्योग धंधों के साथ मीडिया पर भी काफी विपरीत असर पड़ा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 30 December, 2020
Last Modified:
Wednesday, 30 December, 2020
Media

कोरोनावायस (कोविड-19) और इसका संक्रमण फैलने से रोकने के लिए देश में किए गए लॉकडाउन का तमाम उद्योग धंधों के साथ मीडिया पर भी काफी विपरीत असर पड़ा। इस दौरान तमाम अखबारों का सर्कुलेशन कम हो गया, जबकि कई अखबार और मैगजींस के बंद होने की खबरें भी आईं। हालांकि, इस दौरान टीवी न्यूज की व्युअरशिप काफी बढ़ गई, लेकिन टीवी चैनल्स को मिलने वाले विज्ञापनों में कमी आई और रेवेन्यू के लिहाज से यह साल तमाम चैनल्स के लिए ज्यादा अच्छा नहीं रहा। अब सभी लोगों की निगाहें आने वाले साल पर लगी हुई हैं। ऐसे में टीवी न्यूज इंडस्ट्री के लिए वर्ष 2020 कैसा रहा और वर्ष 2021 में इस सेक्टर को क्या चुनौतियां मिल सकती हैं अथवा नए साल से क्या उम्मीदें हैं, इन सब बातों को लेकर समाचार4मीडिया ने टीवी न्यूज की दुनिया के दिग्गजों से बात की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:   

हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया टीवी’ में कंसल्टिंग एडिटर अजय कुमार का कहना है- टीवी न्यूज इंडस्ट्री के लिए वर्ष 2020 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कोरोना से जूझना और उसके साथ-साथ लोगों तक खबरें पहुंचाना अपने आप में एक ऐसी चुनौती थी, जिसका अनुभव टीवी में कम से कम किसी के पास अभी तक नहीं था। लेकिन टीवी इंडस्ट्री और इससे जुड़े हर उस एम्प्लॉयीज की दाद देनी पड़ेगी, जिसे हम खबरनवीस कहते हैं कि उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर खबरों के इस चक्र को कभी रुकने नहीं दिया और जिनकी वजह से हम लोग लगातार दर्शकों से जुड़े हुए हैं और दर्शकों का विश्वास भी न्यूज चैनल्स के साथ बना हुआ है।

इसी साल टीवी न्यूज इंडस्ट्री ने एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय भी देखा, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में हुई कवरेज ने दर्शकों का भरोसा टीवी और टीवी न्यूज को लेकर कई सवालों के घेरे में खड़ा हुआ। हालांकि, उससे उबरकर और आगे निकलकर टीवी न्यूज इंडस्ट्री ने यह साबित किया कि अगर आपको खबर देखनी है, खबर समझनी है और खबर की बारीकियों के बारे में जानना है तो उसके लिए टीवी से बेहतर माध्यम नहीं है। यदि अगले साल की बात करें तो हम सभी को बहुत उम्मीदें हैं कि वर्ष 2021 न सिर्फ हिंदुस्तान के लिए बल्कि भारतीय न्यूज टेलिविजन इंडस्ट्री के लिए एक बहुत ही उन्नत साल होगा। सिर्फ इसलिए नहीं कि विज्ञापन बहुत अच्छा मिलने की उम्मीद है बल्कि अब आपको टेलिविजन कवरेज के नए आयाम भी देखने को मिलेंगे।

कोरोना ने यह साबित कर दिया है कि टीवी को यदि और आगे बढ़कर लोगों तक पहुंचना है तो आवश्यक है कि वह सोशल मीडिया को साथ लेकर चले न कि उससे लड़ाई करके। जिस तरह से सोशल मीडिया लगातार न्यूज कवरेज के तरीकों को बदल रहा है, मुझे लगता है कि भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री भी अपने आपको एक नए कलेवर/अवतार में पेश करेगी और जनता का भरोसा इस इंडस्ट्री पर वैसे ही बना रहेगा।

कोरोना काल में जो कुछ हुआ, वह अपने आप में एक आपदा से कम नहीं था। इस महामारी से जुड़ी खबरों के बारे में जानने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता थी। इस वजह से उस दौरान टीवी की व्युअरशिप बहुत ज्यादा बढ़ी। अब टीवी न्यूज की व्युअरशिप औसत स्तर पर होने वाली व्युअरशिप से आगे बढ़ रही है। मुझे नहीं लगता कि वर्ष 2021 में इसमें ज्यादा इजाफा होगा, क्योंकि अब जैसे-जैसे जीवन पटरी पर वापस लौटेगा, वैसे-वैसे लोगों की न्यूज के उपभोग (Consumption) की आदत भी कम होगी। मेरा मानना है कि अनिश्चितता की वजह से हमेशा न्यूज की खपत बढ़ती है, अनिश्चितता जैसे-जैसे कम होती है और जीवन सुचारु होता है, न्यूज का उपभोग घटता है।

हिंदी न्यूज चैनल 'न्यूज नेशन' के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया का कहना है- मेरे ख्याल से टीवी न्यूज इंडस्ट्री के लिए वर्ष 2020 खट्टा और मीठा दोनों रहा है। एक तरफ कोरोना के कारण पूरे देश-दुनिया को परेशान होना पड़ा। दूसरी तरफ इस दौरान भी टीवी ने कई ऐसी पहल की हैं, जिसे जनसरोकार की पत्रकारिता कह सकते हैं। लोगों को शिक्षित करने में, उन्हें कोरोना के बारे में जागरूक करने में टीवी न्यूज मीडिया ने काफी अहम भूमिका निभाई है और घर-घर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। यह टीवी न्यूज मीडिया के लिए पॉजिटव है और यदि निगेटिव की बात करें तो इस साल कई तरह के विवाद भी टीवी न्यूज इंडस्ट्री के साथ जुड़े। लेकिन, फिर भी मेरा मानना है कि इससे टीवी न्यूज इंडस्ट्री समग्र रूप से और मैच्योर हुई है।

मेरा मानना है कि जब भी कोई बड़ी घटना होती है जैसे संसद पर हमले की घटना हो अथवा अन्य कोई बड़ी घटना, उस समय न्यूज की व्युअरशिप हमेशा बढ़ जाती है। मुझे लगता है कि आगे भी ऐसा ही बना रहेगा। कोरोना तो अपने आप में ऐतिहासिक घटना थी। ऐसे में न्यूज की व्युअरशिप बढ़नी स्वभाविक थी। अब लोगों के पास तमाम तरह के विकल्प भी हैं और तमाम न्यूज चैनल्स है। आप जो चाहे देख सकते हैं। इसके लिए आप टीवी, वेबसाइट्स, सोशल मीडिया, पब्लिक प्लेटफॉर्म्स और तमाम ऐप्स को चुन सकते हैं। मेरा मानना है कि भारत में बड़ी खबरों की कभी कमी नहीं होगी और बड़ी खबर/घटना के साथ टीवी न्यूज की व्युअरशिप भी बढ़ेगी। लोगों के अंदर चीजों को जानने और समझने की जिज्ञासा है। इसके साथ ही वे अपना नजरिया भी सामने रखना चाहते हैं, फिर चाहे वह सोशल मीडिया हो अथवा कोई अन्य प्लेटफॉर्म। नए साल में टीवी न्यूज इंडस्ट्री की चुनौती की जहां तक बात है तो इस इंडस्ट्री को अपने आप को इसी तरह बनाए रखना होगा, यह सबसे बड़ी चुनौती होगी। न्यूज को नए तरीके से पेश करने के तरीके भी बदले हैं और अन्य चीजें भी बदली हैं, वह भी एक चुनौती होगी। सबसे बड़ी चुनौती मैं ये मानता हूं कि न्यूज को एक लाभकारी बिजनेस बनाए रखना भी (क्योंकि उसी से यहां काम करने वालों की सैलरी और अन्य खर्चे निकलते हैं।) मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।     

वरिष्ठ टीवी पत्रकार और न्यूज18 (हिंदी) के मैनेजिंग एडिटर अमिश देवगन का कहना है- मुझे लगता है कि वर्ष 2020 न्यूज इंडस्ट्री के लिए काफी मुश्किलों भरा रहा है। फिर चाहे वह महामारी का दौर हो या अन्य घटनाएं। लेकिन कहते हैं न कि उम्मीद पर दुनिया कायम है और मैं तो काफी सकारात्मक सोचता हूं। मुझे लगता है कि वर्ष 2021 में हमें अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही तलाशना पड़ेगा। मेरा मानना है कि टीवी न्यूज की देश के जनमानस के बीच काफी ज्यादा पहुंच है और काफी क्रेडिबिलिटी है। उसे इक्का-दुक्का लोग नष्ट नहीं कर सकते हैं, क्योंकि लोगों का न्यूज चैनल्स के ऊपर भरोसा रहता है। इस साल न्यूज इंडस्ट्री के भी तमाम लोग कोविड-19 से संक्रमित हुए, इसके बावजूद इन लोगों ने काफी बहादुरी से अपने कर्तव्य को अंजाम दिया है। इस दौरान देश में तमाम बड़ी-बड़ी घटनाएं भी हुई हैं और सभी घटनाओं की बेहतर कवरेज हुई है।

‘इंडिया न्यूज नेटवर्क’ (India News Network) के मैनेजिंग एडिटर राणा यशवंत का कहना है- दुनिया में खबरों के हर माध्यम (टीवी, अखबार व डिजिटल) के लिए यह साल एक सदी के जैसे बराबर रहा है और कोरोना से लड़ता-जूझता रहा है। इस दौरान दुनिया के साथ-साथ हिंदुस्तान भी इससे जूझता रहा। खबरों की दुनिया में इस बार सबसे बड़ा चैलेंज जो मैंने देखा, वो यह था कि जब आप ड्यूटी पर निकलते हैं तो आपको सड़कों पर  कोरोना वॉरियर्स (पुलिस, पत्रकार, डॉक्टर, नर्स व मेडिकल स्टाफ आदि) के अलावा आम लोग नजर नहीं आते हैं। इस दौरान सड़कें सूनी थीं और लोग अपने घरों में थे, ऐसे में खबर की कवरेज करना अपने आप में एक नई तरह की चुनौती थी। सभी लोगों को कोरोना की आशंका से डर लगा रहता था और आज भी लगभग कुछ ऐसा ही है। एक कमरे में अपने आप को सिमटकर रखना और परिवार को दूर रखना यह सब कुछ पहली बार हमने देखा और महसूस किया। ये एक डरावना अनुभव रहा लेकिन इस दौरान एक अनुभव यह हुआ कि ऑफिस का काम घर से ‘वर्क फ्रॉम होम’ करने का विकल्प अपनाना पड़ा, क्योंकि चैनल को चलाना और खबरों की दुनिया का जिंदा रहना जरूरी था। हालांकि घर से टीवी चैनल काम करना एक चुनौती था, लेकिन फिर भी यह हुआ और लोगों ने वर्क फॉम होम में  काफी बेहतर काम किया। टीवी इंडस्ट्री के लिए डिबेट कराना काफी खर्चीला है, सामान्य स्थिति में यह सब होता है, लेकिन कोरोना काल में कहीं आने-जाने की मनाही थी, ऐसे में विभिन्न ऐप्स के जरिये अलग-अलग बैठे लोगों को जोड़ने का विकल्प निकला। यानी डिबेट को डिजिटली कराए जाने का विकल्प निकला और बहुत ही कामयाब रहा।

मेरा मानना है कि कोविड-19 के दौर ने देश को बहुत ही एकनिष्ठ देखा। लोग बहुत अनुशासित दिखे। हिंदुस्तान के लोगों ने घरों में रहकर बहुत मजबूती से कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी, इसमें न्यूज इंडस्ट्री खासकर टीवी चैनल्स की भूमिका काफी अहम रही। टीवी न्यूज की दुनिया से जुड़े लोग लगातार लोगों को जागरूक कर रहे थे व अपडेट्स दे रहे थे। ऐसा पहले हमने नहीं देखा था। न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने तमाम खतरों के बावजूद लोगों को खबरें देना और जागरूक करना जारी रखा। मुझे उम्मीद है कि अगला साल में यह दुनिया नए सिरे से, नए सपनों, नई चुनौतियों और नए संकल्पों के साथ चलेगी, क्योंकि कोरोना ने दुनिया में बहुत कुछ बदल दिया है। इस साल कोरोना की वजह से बहुत कुछ टूटा है और बहुत कुछ बदला है। इसने सिखाया है कि जिस तरह से मनुष्य ने प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन किया है और तरक्की के रास्ते में आने वाली चीजों को रौंदा है, उसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। इसलिए जीने का सलीका सीखना बहुत जरूरी है। इस बार लोगों ने जिस तरीके से सबक सीखा है और जीने का रास्ता अख्तियार किया है, उसका असर नए साल पर दिखाई पड़ेगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज चैनल्स की रेटिंग पर लगी रोक को बढ़ा सकता है BARC: रिपोर्ट

टीवी चैनल्स की रेटिंग जारी करने वाली संस्थान बार्क (BARC) न्यूज चैनल्स की रेटिंग के लिए अपनी ब्लैकआउट अवधि को और तीन महीनें बढ़ा सकती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 January, 2021
Last Modified:
Saturday, 16 January, 2021
BARC India

टीवी चैनल्स की रेटिंग जारी करने वाली संस्था ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC) न्यूज चैनल्स की रेटिंग के लिए अपनी ब्लैकआउट अवधि को और तीन महीनें तक बढ़ा सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह की खबर निकलकर सामने आई हैं।

टीआरपी से छेड़छाड़ (TRP manipulation) के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC  ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्ते के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्‍स न जारी करने का फैसला लिया था, जिसकी समय-सीमा का आखिरी दिन 15 जनवरी (शुक्रवार) था। बताया जा रहा है कि इस ब्लैकआउट की समय-सीमा को मुंबई पुलिस द्वारा टीआरपी घोटाले की जांच के चलते बढ़ाया जा सकता है।  

वहीं दूसरी तरफ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन के विचारों में भिन्नता दिखाई दे रही है। वरिष्ठ टीवी पत्रकार रजत शर्मा के नेतृत्व वाले ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया को सुझाव दिया है कि न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग जारी करने पर लगाए गए प्रतिबंध (blackout period) को कुछ महीनों तक और बढ़ा दिया जाए, जबकि वरिष्ठ टीवी पत्रकार अरनब गोस्वामी के नेतृत्व वाले ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) से न्यूज चैनल्स की रेटिंग तुरंत प्रभाव से जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही एजेंसी से भविष्य के डाटा के लिए सुधारात्मक उपाय (corrective measures) करने का भी अनुरोध किया है।   

टीआरपी से छेड़छाड़ को लेकर जब पहली खबर सामने आई तो बार्क ने अपनी टेक्निकल टीम को इस मामले के जांच आदेश दिए थे और तब तक के लिए सभी हिंदी, अंग्रेजी और बिजनेस न्यूज चैनल्स के रेटिंग को यह कहते हुए सस्पेंड कर दिया था कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक रेटिंग प्रकाशित नहीं की जाएगी और यह भी बताया था कि इस पूरी जांच में 8 से 12 सप्ताह लग सकता है।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फर्जी निकला हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनने का ऑफर, यूं छलका निधि राजदान का 'दर्द'

पिछले साल जून में निधि राजदान ने 21 साल की पारी के बाद एनडीटीवी से इस्तीफा देने का फैसला लिया था। एक ट्वीट के जरिये उन्होंने इसकी वजह भी बताई थी।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
Nidhi Razdan

वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने शुक्रवार को एक ट्वीट में चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस ट्वीट में निधि राजदान का कहना है कि वह प्रतिष्ठित ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर अपनी पारी शुरू नहीं करने जा रही हैं। इस ट्वीट में निधि राजदान ने कहा है कि दरअसल, उन्हें ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ ने इस तरह का कोई ऑफर दिया ही नहीं था। निधि राजदान का कहना है कि वह फिशिंग अटैक (ऑनलाइन धोखाधड़ी, जहां ईमेल के जरिये धोखा देकर सारी जानकारी ले ली जाती है) का शिकार हुई हैं।  

ट्वीट में निधि ने लिखा है, ' जून 2020 में मैंने यह कहते हुए 21 सालों की एनडीटीवी की नौकरी छोड़ने का फैसला लिया कि मैं हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म के एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में जॉइन करने जा रही हूं। मुझे बताया गया था कि मैं सितंबर 2020 में यूनिवर्सिटी जॉइन करूंगी। मैं अपने नए असाइनमेंट की तैयारी कर रही थी, इसी दौरान मुझे बताया गया कि महामारी की वजह से मेरी क्लासेज जनवरी 2021 में शुरू होंगी।'

यह भी पढ़ें: वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान ने NDTV छोड़ने का लिया फैसला, बताई ये वजह

निधि का कहना है, 'लगातार हो रही देर के बीच शुरू में तो मैंने यह सोचकर इन बातों पर ध्यान नहीं दिया कि महामारी में ये सब नॉर्मल है पर हाल ही में जो कुछ हुआ, वो ज्यादा परेशान करने वाला था। मैंने सीधे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने के लिए संपर्क साधा और उनके आग्रह पर मैंने उनसे वे सारे कम्युनिकेशन्स शेयर किए जो तथाकथित रूप से यूनिवर्सिटी की ओर से किए गए थे।’

यूनिवर्सिटी का पक्ष जानने के बाद मुझे पता चला कि मैं साइबर फ्रॉड की शिकार हुई हूं और दरअसल हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने मुझे उनके जर्नलिज़्म डिपार्टमेंट की फैकल्टी बनने का कोई ऑफर भेजा ही नहीं था। राजदान का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके साथ ही हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अधिकारियों को लेटर लिखकर उनसे भी इस मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया है।

गौरतलब है कि पिछले साल जून में निधि राजदान का एक ट्वीट सामने आया था, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि वह एनडीटीवी में 21 साल की अपनी पारी को विराम देकर साल के अंत तक ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर अपनी पारी शुरू करेंगी। निधि राजदान की ओर से उस समय किए गए ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स आप यहां देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV9 Network ने लॉन्च किया एक और न्यूज चैनल

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) ने अब अपने पंख फैला दिए हैं। इसके तहत उसने बंगाल न्यूज मार्केट में 24X7 की तर्ज पर एक न्यूज चैनल लॉन्च कर दिया है

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
Tv9Network

टीवी9 नेटवर्क (TV9 Network) ने अब अपने पंख फैला दिए हैं। इसके तहत उसने बंगाल न्यूज मार्केट में 24X7 की तर्ज पर एक न्यूज चैनल लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम है ‘टीवी9 बांग्ला’ (TV9 Bangla)। यह न्यूज चैनल टीवी9 नेटवर्क का छठा न्यूज चैनल है।

टीवी9 नेटवर्क का दावा है कि यह चैनल प्रदेश की 10 करोड़ जनता की न केवल आवाज बनेगा, बल्कि राज्य की जनता को निष्पक्ष खबरे दिखाएगा, वह भी किसी से डरे बगैर, किसी से प्रभावित हुए बगैर, सिर्फ दर्शकों की फिक्र से जुड़ी खबरों को प्रमुखता देगा।

नेटवर्क के मुताबिक, ‘टीवी9 बांग्ला’ के पास न्यूज इंडस्ट्री के सबसे अनुभवी और संवेदनशील पत्रकारों की टीम है, सबसे हाईटेक स्टूडियो है, पश्चिम बंगाल के सभी 23 जिलों में उसके रिपोर्टर खबरों का सीधा प्रसारण करने के लिए 24 घंटे मुस्तैद हैं।

नेटवर्क ने अनुभवी पत्रकार अंजन बंद्योपाध्याय के हाथों में ‘टीवी9 बांग्ला’ न्यूज चैनल के संपादक की कमान सौंपी हुई है। कलकत्ता विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडलिस्ट रहे बंद्योपाध्याय को 32 वर्षों का अनुभव है और उन्होंने तमाम प्रमुख मीडिया घरानों के साथ काम किया है, जिनमें एबीपी, जी, ईटीवी और स्काई बांग्ला आदि शामिल हैं। वे ‘जी24 घंटा’ (Zee 24 Ghanta) के एडिटर (इनपुट) रह चुके हैं। उनका पिछला कार्यकाल एबीपी में डिजिटल के संपादक के तौर पर था।

इसके अलावा अमृतांशु भट्टाचार्य ‘TV9 बांग्ला’ के डिजिटल पोर्टल के संपादक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। साथ ही वे टेलीविजन चैनल में मैनेजिंग एडिटर (आउटपुट) के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। भट्टाचार्य को प्रिंट, ऑडियो विजुअल और डिजिटल मीडिया में 25 वर्षों से भी ज्यादा का अनुभव है। वे ‘जुगांतर’ (Jugantar), ‘आजकल’ (Aajkaal), ‘ईटीवी’ (ETV) और ‘जी मीडिया कॉर्प’ (Zee Media Corp) के साथ काम कर चुके हैं। उनका पिछला कार्यकाल ‘जी24 घंटा’ (Zee 24 Ghanta) में डिजिटल हेड और असोसिएट एडिटर के तौर पर था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

NBF ने BARC के सामने उठाया न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स पर लगी रोक का मुद्दा, कही ये बात

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ से कुछ निहित स्वार्थों के दबाव में न आने की बात भी कही है।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
NBF

न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए गठित ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) से न्यूज चैनल्स की रेटिंग तुरंत प्रभाव से जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही एजेंसी से भविष्य के डाटा के लिए सुधारात्मक उपाय (corrective measures) करने का भी अनुरोध किया है।

इस बारे में ‘एनबीएफ’ की ओर से कहा गया है, ‘न्यूज चैनल्स हजारों मीडिया प्रोफेशनल्स को रोजगार देते हैं और उनकी आजीविका न्यूज चैनल द्वारा उत्पन्न रेवेन्यू पर निर्भर करती है, जो सीधे ऑडियंस मीजरमेंट डाटा (TRPs) से संबंधित है। इसलिए, एनबीएफ BARC के शेयरधारकों (stakeholders) से आह्वान करता है कि वे तत्काल प्रभाव से न्यूज चैनल्स की रेटिंग जारी करने के लिए कदम उठाएं। हमारा मानना ​​है कि ये डाटा विज्ञापन जगत के प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ‘इंडियन सोसायटी ऑफ एडवर्टाइजर्स’ (ISA)  और ‘एडवर्टाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।’

इसके साथ ही ‘एनबीएफ’ ने बार्क से किसी भी तरह के निहित स्वार्थों के दबाव में न आने और रेटिंग्स पर लगाई रोक को तत्काल हटाने को कहा है। ‘एनबीएफ’ के अनुसार, तमाम न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ‘फ्री टू एयर’ (FTA) हैं और विज्ञापनों से होने वाली आय पर निर्भर हैं। ऐसे में रेटिंग्स को जारी करने से रोके जाने पर उन पर काफी प्रभाव पड़ेगा।  

गौरतलब है कि टीआरपी से छेड़छाड़ (TRP manipulation) के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC  ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्ते के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्‍स न जारी करने का फैसला लिया था। BARC  के इस फैसले को लेकर ब्रॉडकास्टर्स दो खेमों में बंट गए थे। कुछ ब्रॉडकास्टर्स का मानना था कि 12 सप्ताह का यह ब्लैकआउट (blackout) इस प्रणाली में विसंगतियों को दूर कर देगा, वहीं कुछ ने नाखुशी जताते हुए इस फैसले को अनुचित बताया था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स पर लगाई रोक के मामले में NBA ने BARC को दिया यह सुझाव

टीआरपी से छेड़छाड़ के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्तों के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्सन न जारी करने का फैसला लिया था।

Last Modified:
Friday, 15 January, 2021
NBA

निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया को सुझाव दिया है कि न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग जारी करने पर लगाए गए प्रतिबंध (blackout period) को कुछ महीनों तक और बढ़ा दिया जाए। फिलहाल यह समय सीमा 16 जनवरी को समाप्त हो रही है। सूत्रों के अनुसार, एनबीए ने इन तीन महीनों के ब्लैकआउट पीरियड (जिनमें टीवी न्यूज व्युअरशिप का डाटा जारी नहीं किया गया है) के दौरान बार्क द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी जानकारी ली है।  

टीआरपी से छेड़छाड़ (TRP manipulation) के मामले को लेकर मचे घमासान के बीच BARC  ने 15 अक्टूबर 2020 को 12 हफ्ते के लिए न्यूज चैनल्स की रेटिंग्‍स न जारी करने का फैसला लिया था। BARC  के इस फैसले को लेकर ब्रॉडकास्टर्स दो खेमों में बंट गए थे। कुछ ब्रॉडकास्टर्स का मानना था कि 12 सप्ताह का यह ब्लैकआउट (blackout) इस प्रणाली में विसंगतियों को दूर कर देगा, वहीं कुछ ने नाखुशी जताते हुए इस फैसले को अनुचित बताया था।

उस समय ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने BARC के इस फैसले का स्वागत किया था। ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने उम्मीद जताई थी कि यह बार्क द्वारा सही दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। ‘एनबीए’ का यह भी कहना था कि बार्क को विश्वसनीयत बनाए रखने के लिए इन 12 हफ्तों का इस्तेमाल अपने सिस्टम को पूरी तरह से दुरुस्त (completely overhaul) करने में करना चाहिए।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

CNBC Awaaz के एंकर पर SEBI का प्रतिबंध, चैनल ने लिया एक्शन: रिपोर्ट

सेबी ने ‘सीएनबीसी आवाज’ के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित कर दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 14 January, 2021
Last Modified:
Thursday, 14 January, 2021
Hemant-Ghai5655

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने धोखाधड़ी वाले व्यापारिक व्यवहार में लिप्त होने के चलते बिजनेस न्यूज चैनल ‘सीएनबीसी आवाज’ के एक कार्यक्रम के होस्ट हेमंत घई, उनकी पत्नी जया हेमंत घई और मां श्याम मोहिनी घई को पूंजी बाजार से बुधवार को प्रतिबंधित कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटनाक्रम के बाद नेटवर्क18 ने घई को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

सेबी ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि हेमंत घई जिस ‘स्टॉक 20-20’ कार्यक्रम के को-होस्ट थे, उसमें दिये जाने वाले सुझावों के विषय में उन्हें पहले से सूचनाएं होती थीं। उन्होंने उनका प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से व्यक्तिगत फायदे के लिए इस्तेमाल किया।

बता दें कि इस कार्यक्रम में यह सुझाव दिया जाता है कि किसी अमुक कारोबारी सत्र के दौरान किन शेयरों को खरीदा जाए और किन शेयरों का बेचा जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेबी ने घई को अगले आदेश तक निवेश के संबंध में कोई भी परामर्श देने और प्रतिभूति बाजार के संबंध में शोध रिपोर्ट प्रकाशित करने से भी रोक दिया। सेबी ने इसके अलावा धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से अर्जित 2.95 करोड़ रुपये की आय पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स में बताया गया कि सेबी ने जांच में प्रथमदृष्ट्या पाया कि कार्यक्रम ‘स्टॉक 20-20’ के लिए प्राप्त अग्रिम जानकारी के आधार पर हेमंत ने अपनी पत्नी जया हेमंत घई और माता श्याम मोहिनी घई के साथ मिलकर धोखाधड़ी के जरिये धन कमाने की साजिश की। सेबी ने एक जनवरी 2019 से 31 मई 2020 के दौरान हुए व्यापार का विश्लेषण करने के बाद रोक लगाने का आदेश पारित किया।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

AAP विधायक की इस याचिका पर न्यूज एंकर से HC ने मांगा जवाब

एंकर ने सोमनाथ भारती से लाइव शो के दौरान दिल्ली सीएम केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर सवाल पूछा तो सोमनाथ भारती इतना बौखला गए कि उन्हें गालियां देने लगे थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 January, 2021
News Anchor

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक न्यूज एंकर द्वारा दर्ज कराये गये मानहानि के मामले को खारिज करने की आप विधायक सोमनाथ भारती की याचिका पर उनसे (एंकर से) जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अभियोजन पक्ष और एंकर रंजना द्विवेद्वी को नोटिस जारी किया और उनसे दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

ये भी पढ़ें: एंकर के खिलाफ ‘आप’ नेता के बिगड़े बोल, दी गाली

सोमनाथ भारती ने निचली अदालत के 24 जुलाई, 2019 के आदेश को चुनौती दी है। निचली अदालत ने पत्रकार की मानहानि संबंधी शिकायत पर भारत के विरुद्ध आरोप निर्धारण का आदेश दिया था। नवंबर, 2018 में टीवी बहस मे दोनों के बीच तीखी टीका-टिप्पणी हुई थी।

ये भी पढ़ें: महिला न्यूज एंकर से बदसलूकी मामले में ‘आप’ नेता के खिलाफ कोर्ट ने दिया ये आदेश

दरअसल, हुआ कुछ यूं था कि न्यूज एंकर ने सोमनाथ भारती से लाइव शो के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हुए हमले को लेकर सवाल किया था। इसी सवाल पर सोमनाथ भारती इतना बौखला गए कि महिला एंकर को गालियां देने लगे थे। आरोप है कि सोमनाथ भारती ने महिला एंकर से न सिर्फ बदतमीजी से बात की, बल्कि उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी। इसके साथ ही चैनल को भी बंद करवाने की धमकी दी थी।

जिसके बाद दिल्ली के वसंत कुंज की रहने वाली और नोएडा सेक्टर-57 के एक न्यूज चैनल में जॉब करने वाली न्यूज एंकर ने साल 2018 में सोमनाथ भारती के खिलाफ नोएडा के सेक्टर-39 महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से एडवोकेट योगेश स्वरूप ने भारती के खिलाफ दिल्ली की अदालत में मानहानि की याचिका दायर की थी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

टेलिविजन रेटिंग सिस्टम की समीक्षा के लिए गठित कमेटी ने सौंपी अपनी रिपोर्ट

सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, सरकार अब इस रिपोर्ट का अध्ययन करेगी और उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 13 January, 2021
Last Modified:
Wednesday, 13 January, 2021
TV Rating

टीवी व्यूअरशिप/टीआरपी की समीक्षा के लिए सरकार द्वारा गठित की गई समिति ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है। सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा चार नवंबर 2020 को प्रसार भारती (Prasar Bharati) के सीईओ शशि शेखर वेम्पती की अध्यक्षता में यह कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी में तीन अन्य विशेषज्ञों को शामिल किया गया था।

यह भी पढ़ें: टेलिविजन रेटिंग सिस्टम की समीक्षा के लिए सूचना प्रसारण मंत्रालय ने उठाया ये कदम

इस बारे में सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि कमेटी की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार इसका अध्ययन करेगी और इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।   

प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार, ‘मुख्य बिंदु यह है कि टीआरपी में पारदर्शिता होनी चाहिए। आज, टीआरपी पारदर्शिता 55,000 मीटरों पर आधारित है। इसका आधार बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि हेरफेर के लिए कोई जगह न बचे।‘

उन्होंने कहा, ‘सभी लोगों से विचार-विमर्श करने के बाद इसे देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) को सौंपा जाएगा, क्योंकि सरकार को कुछ गाइडलाइंस और निर्देश देने का अधिकार है, लेकिन यह बाद में तय किया जाएगा। यह अच्छी खबर है कि हमें रिपोर्ट मिल गई है और मुझे उम्मीद है कि सभी संबंधित एजेंसियां इसका स्वागत करेंगी।‘

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Viacom18 से जुड़े कुणाल गौड़, संभालेंगे यह जिम्मेदारी

कुणाल गौड़ ‘नेटवर्क18’ (Network18) के एमडी राहुल जोशी को रिपोर्ट करेंगे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 12 January, 2021
Last Modified:
Tuesday, 12 January, 2021
VIACOM18

मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘वायकॉम18’ (Viacom 18) ने कुणाल गौड़ (Kunal Gaur) को चीफ कॉमर्शियल ऑफिसर के पद पर नियुक्त किया है। वह उत्पल दास के स्थान पर यह पदभार ग्रहण करेंगे, जिनकी इस कंपनी में पारी 31 मार्च 2021 को समाप्त हो रही है। कुणाल गौड़ ‘नेटवर्क18’ (Network18) के एमडी राहुल जोशी को रिपोर्ट करेंगे।

बता दें कि कुणाल गौड़ ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई की है। उन्हें ‘स्टार इंडिया’ (Star India), ‘नेटफ्लिक्स’ (Netflix) और ‘पीडब्लूसी’ (PWC) आदि संस्थानों में काम करने का 19 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है।

‘वायकॉम18’ को जॉइन करने से पहले कुणाल नेटफ्लिक्स इंडिया की लीडरशिप टीम का हिस्सा थे और यहां बतौर डायरेक्टर (Production Finance) अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जुर्माने को लेकर NDTV के प्रमोटर्स को प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण ने दिया यह आदेश

मामले को 10 फरवरी 2021 के लिए सूचीबद्ध किया गया है। NDTV के प्रमोटर्स पर सेबी ने लगाया है 27 करोड़ रुपये का जुर्माना

Last Modified:
Monday, 11 January, 2021
NDTV

विभिन्न प्रतिभूति नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में ‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (SEBI)  द्वारा लगाए गए 27 करोड़ रुपये के जुर्माना आदेश के खिलाफ ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के फाउंडर्स-प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय की अपील पर ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ (the Securities Appellate Tribunal) का मानना है कि दलीलों पर सुनवाई की जरूरत है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अंतिम रूप से निपटारे के लिए इस मामले को 10 फरवरी 2021 को सूचीबद्ध किया गया है।

हालांकि, ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ ने ‘एनडीटीवी’ को चार हफ्ते के भीतर प्रतिवादी के समक्ष जुर्माने की 50 फीसदी राशि जमा करने का निर्देश दिया है। ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ का कहना है कि यदि यह राशि जमा करा दी जाती है तो अपील के लंबित रहने तक शेष राशि की वसूली नहीं की जाएगी।   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण’ के इस आदेश के खिलाफ ‘एनडीटीवी’ ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का फैसला लिया है।  

गौरतलब है कि दिसंबर 2020 में सेबी ने कुछ ऋण समझौतों पर शेयरधारकों से जानकारी छिपाने के लिए ‘एनडीटीवी’ पर 27 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। हालांकि, चैनल का कहना कि एनडीटीवी के फाउंडर्स और प्रमोटर्स प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय ने बार-बार यह कहा है कि उन्होंने किसी भी लेन-देन अथवा समझौते के जरिए प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से एनडीटीवी का नियंत्रण हस्तांतरित करने की अनुमति नहीं दी है। दी गई सूचना में कहा गया है कि वह एनडीटीवी की चुकता शेयर पूंजी में अब भी 61.45 प्रतिशत हिस्सेदारी के धारक हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए