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News18 रिपोर्टर के घर पहुंची पुलिस, CM को नहीं जानकारी
‘न्यूज18 इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर अमन चोपड़ा केस में राजस्थान के ब्यूरो चीफ भवानी सिंह का नाम न होने के बावजूद सोमवार की सुबह पुलिस उनके घर पहुंच गई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘न्यूज18 इंडिया’ के एंकर अमन चोपड़ा केस को लेकर राजस्थान पुलिस ने अब चैनल के रिपोर्टर पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। ‘न्यूज18 इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर अमन चोपड़ा केस में राजस्थान के ब्यूरो चीफ भवानी सिंह का नाम न होने के बावजूद सोमवार की सुबह पुलिस उनके घर पहुंच गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी नहीं थी। ‘न्यूज18 इंडिया’ की ओर से जब इस मामले में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा- ‘मुझे मामले की जानकारी नहीं है। मीडिया के जरिये जानकारी मिली है, वे इसे दिखवाएंगे।’
रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर अमन चोपड़ा मामले में न तो एफआईआर में भवानी सिंह का नाम है और न ही किसी ने शिकायत की है। फिर भी डूंगरपुर पुलिस बिना वारंट या नोटिस के ही सोमवार को उनके घर सुबह-सुबह पहुंच गई।
रिपोर्ट में यह बताया गया है, ‘यह मामला एक डिबेट शो से जुड़ा था, जिसका संबंध राजस्थान ब्यूरो चीफ भवानी सिंह से नहीं था। साथ ही ब्यूरो के किसी अन्य व्यक्ति से ही यह मामला जुड़ा है। चूंकि ‘न्यूज18 इंडिया’ राजस्थान की खबर प्रमुखता से दिखाता रहा है। इसलिए इसलिए भवानी सिंह को जबरन परेशान करने की कोशिश की जा रही है।’
‘न्यूज18’ के रिपोर्टर भवानी सिंह के जयपुर स्थित आवास पर पुलिस की इस जबरन कार्रवाई को मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। भवानी सिंह के घर पर सोमवार की सुबह पुलिस के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह अपने साथ कई पुलिसवालों को लेकर पहुंचे। डूंगरपुर पुलिस बिना वारंट के रिपोर्टर के घर पर क्यों पहुंची, इसका जवाब पुलिस की ओर से नहीं दिया गया।
बता दें कि एंकर अमन चोपड़ा के खिलाफ अप्रैल में राजस्थान के अलवर में एक मंदिर के विध्वंस के बाद उनके टीवी शो के कंटेंट को लेकर तीन एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें पहला मामला 23 अप्रैल को डूंगरपुर के बिछवाड़ा में, दूसरा उसी दिन बूंदी में और तीसरा मामला 24 अप्रैल को अलवर में दर्ज किया गया था।
चोपड़ा के खिलाफ दर्ज मामलों के मुताबिक, उन्होंने अपने एक शो में कथित तौर पर दावा किया था कि जहांगीरपुरी केस का बदला लेने के लिए अलवर में एक सदियों पुराने मंदिर को विध्वंस किया गया था।
चोपड़ा के खिलाफ आईपीसी की धारा 124-ए (देशद्रोह), 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से काम करना), 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इसके बाद 11 मई को राजस्थान हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जोधपुर में जस्टिस दिनेश मेहता की कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। जयपुर हाई कोर्ट बेंच की एकलपीठ दो मामलों में चोपड़ा की गिरफ्तारी पर पहले ही रोक लगा चुकी थी।
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