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BARC India के फैसले के खिलाफ न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन, बताई ये वजह
‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ ने न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग 12 सप्ताह तक न जारी करने के ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के फैसले का विरोध किया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) ने न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप रेटिंग 12 सप्ताह तक न जारी करने के ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया के फैसले का विरोध किया है। ‘एनबीएफ’ का कहना है कि इस तरह का बड़ा फैसले लेने से पूर्व ‘एनबीएफ’ से सलाह नहीं ली गई।
इसके अलावा ‘एनबीएफ’ का यह भी कहना है कि बार्क के मीटर अपने ऑडियंस मीजरमेंट सिस्टम में अकेले न्यूज जॉनर को नहीं दिखाते हैं। यदि बार्क ईमानदारी से अपनी प्रणाली की समीक्षा करना और उसमें कुछ बदलाव करना चाहता है तो उसे जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GEC), स्पोर्ट्स, इन्फोटेनमेंट, मूवीज, म्यूजिक, किड्स, यूथ और लाइफस्टाइल सहित सभी जॉनर के लिए रेटिंग रोकनी चाहिए।
‘एनबीएफ’ के अनुसार, ‘हाल ही में एक ऐसे चैनल के बारे में जानकारी सामने आई है, जिसे टीआरपी में हेरफेर का दोषी पाया गया है और बार्क की अनुशासनात्मक समिति द्वारा उस पर जुर्माना लगाया गया है। एनबीएफ हैरान है कि उसी चैनल के एक सदस्य को बार्क के बोर्ड में शामिल किया गया है। अब यह मामला जनता के सामने है। बार्क के बोर्ड को स्वेच्छा से कम से कम एक वर्ष के लिए इस व्यक्ति को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में एग्जिक्यूटिव के पद से हटा देना चाहिए।’
‘एनबीएफ’ के जनरल सेक्रेट्री आर. जय कृष्णा का कहना है, ‘बार्क का यह फैसला एकतरफा, अलोकतांत्रिक है जो पूरे ब्रॉडकास्टिंग परिदृश्य में सिर्फ एक ही जॉनर को लक्षित और प्रभावित कर रहा है।’कृष्णा का कहना है, ‘इस फैसले से न्यूज ब्रॉडकास्टर्स पर काफी गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जिन्होंने कमजोर अर्थव्यवस्था के बावजूद रेटिंग में काफी उछाल देखा है। कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के कारण भी उनका रेवेन्यू काफी प्रभावित हुआ है।’
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