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Zee News के एक कार्यक्रम के खिलाफ दर्ज शिकायत खारिज, NBDSA ने सुनाया ये फैसला
न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटस स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ने जी न्यूज पर प्रसारित एक कार्यक्रम के खिलाफ सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा दायर शिकायत को खारिज कर दिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
न्यूज ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटस स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने जी न्यूज (Zee News) पर प्रसारित एक कार्यक्रम के खिलाफ सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) द्वारा दायर शिकायत को खारिज कर दिया है।
'जम्मू-कश्मीर में मुसलमानों द्वारा भूमि पर अवैध कब्जे' को लेकर जी न्यूज द्वारा प्रसारित एक कार्यक्रम के खिलाफ दर्ज शिकायत कथित तौर पर 13 नवंबर को ही खारिज कर दी गई थी।
आपको बता दें कि अपील को इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि मामला सीमाओं से परे होने के साथ इसमें हुई देरी को संस्था द्वारा माफ नहीं किया जा सकता है।
CJP द्वारा यह शिकायत ‘डीएनए: जम्मू में जमीन के इस्लामीकरण का डीएनए टेस्ट’ शीर्षक वाले एक शो के खिलाफ की गई थी। CJP ने आरोप लगाया था कि जी न्यूज के एंकर ने दर्शकों को सामने जिहाद डायग्राम दिखाया था। इस कार्यक्रम में देश में विभिन्न प्रकार के जिहाद को सॉफ्ट जिहाद और हार्डकोर जिहाद के रूप में वर्गीकृत किया था।
CJP ने कहा था कि जिस देश में सांप्रदायिक मुद्दों की इतनी चर्चा होती हो, वहां जिहाद की अवधारणाओं और उसके वर्गीकरण का प्रदर्शन एक तरह से इस्लामोफोबिया (Islamophobia) पैदा करने की कोशिश है।
शिकायतकर्ता ने ये आरोप भी लगाया था कि ऐसा लगता है कि प्रोग्राम को इस थीम के साथ प्रसारित किया गया कि जम्मू की 90 फीसदी जमीन मुस्लिमों द्वारा खरीदी गई है, जबकि जम्मू की गिनती हिंदू बहुसंख्यक क्षेत्र के रूप में होती है। आगे ये समझाया गया कि कैसे एक साजिश के तहत हिंदू बहुल जम्मू को मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बदलने की कोशिश हुई।'
शिकायत के बाद NBDSA ने 28 अक्टूबर, 2021 को दोनों पक्षों को सुनवाई के लिए बुलाया था। इस दौरान जी न्यूज की ओर से एडवोकेट विजय अग्रवाल और युगंत शर्मा, एनबीडीएसए के सामने पेश हुए। दोनों वकीलों ने CJP द्वारा की गई शिकायत का विरोध किया था।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद NBDSA ने CJP की शिकायत को खारिज करते हुए अपने फैसले में कहा, 'न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी के नियमों के तहत, प्राधिकरण को तीन स्तरों पर शिकायतों को दर्ज करने में देरी को माफ करने की शक्ति है। सबसे पहले, ब्रॉडकास्टर के स्तर पर, दूसरा निवारण के स्तर पर और तीसरी बार तब जब प्राधिकरण रेगुलेशन 8.7 के तहत प्रसारणकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करता है।
इस मामले में NBDSA ने आगे कहा कि सभी मानकों को ध्यान में रखते हुए कि उससे पास शिकायत करने में हुई देरी को माफ करने का अधिकार नहीं है इसलिए NBDSA इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता है, लिहाजा CJP द्वारा दायर की गई शिकायत को खारिज किया जाता है।
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