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एमजे अकबर के खिलाफ आगे आए 150 से ज्यादा पत्रकार, उठाई ये मांग
वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के ‘जी’ मीडिया ग्रुप के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'विऑन' (WION) से जुड़ने की खबरों के साथ ही उनका विरोध शुरू हो गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
वरिष्ठ पत्रकार और पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के ‘जी’ मीडिया ग्रुप के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'विऑन' (WION) से जुड़ने की खबरों के साथ ही उनका विरोध शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 150 से ज्यादा पत्रकारों ने 'विऑन' और ‘जी न्यूज’ (Zee News) को संबोधित एक लेटर पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें एम.जे अकबर को 'विऑन' में उनके पद से हटाने की मांग की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस अपील को शेयर करने वालों में ‘एशियन ऐज’ की रेजिडेंट एडिटर सुपर्णा शर्मा भी शामिल हैं। इस लेटर में एडिटर्स गिल्ड से भी आवाज उठाने और कार्यवाही करने की मांग की गई है। इस अपील पर जिन 158 पत्रकारों ने हस्ताक्षर किए हैं, उनमें अकबर पटेल, बरखा दत्त, निधि राजदान, पल्लवी गोगोई, रघु कर्नाद और सुचरिता त्यागी जैसे नाम शामिल हैं।
इस अपील में कहा गया है, ‘कार्यस्थलों पर यौन उत्पीड़न के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। WION और Zee अकबर को अपने न्यूज रूम में अनुमति देकर ‘पत्रकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी’ का उल्लंघन कर रहे हैं। एमजे अकबर को महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करने से अपने और अन्य पत्रकारों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर प्रभाव पड़ेगा।’
150+ journalists, writers, artists appeal to @WIONews & @ZeeNewsEnglish to make their newroom a safe place for women and remove @MJAkbar who has been accused of sexual assault by 20+ women.
— Suparna Sharma (@SuparnaSharma) September 9, 2021
We also ask @IndEditorsGuild to speak up, take action.#MeToo
Statement, signatories ? pic.twitter.com/bWB83qk8jD
देश में 'मी-टू' (#metoo) से जुड़े मामलों में जिन हाई प्रोफाइल लोगों का नाम सामने आया था, उनमें एमजे अकबर भी शामिल थे। बता दें कि #MeToo कैंपेन के तहत पत्रकार प्रिया रमानी ने एमजे अकबर पर तकरीबन 20 साल पहले उनके साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। हालांकि, अकबर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद अकबर ने प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में 15 अक्टूबर 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इस साल फरवरी में कोर्ट ने एमजे अकबर की मानहानि के मामले में प्रिया रमानी को बरी कर दिया था। हालांकि उन्होंने इस फैसले के खिलाफ अपील की और एमजे अकबर की याचिका पर अगस्त 2021 में दिल्ली हाई कोर्ट ने रमानी को नोटिस जारी किया था।
बता दें कि अकबर पूर्व में टेलिग्राफ (Telegraph), एशियन ऐज (Asian Age) और संडे गार्डियन (Sunday Guardian) जैसे प्रमुख प्रतिष्ठानों में वरिष्ठ संपादकीय पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। कई महिला पत्रकारों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद एमजे अकबर ने वर्ष 2018 में विदेश राज्य मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वह राज्य सभा सदस्य हैं। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि एमजे अकबर ने 'विऑन' (WION) में बतौर एडिटोरियल कंसल्टेंट जॉइन किया है। इसके बाद उनके खिलाफ तमाम पत्रकारों ने अपनी आवाज उठाई है।
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