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MIB की जानकारी में है न्यूज रेटिंग को लेकर BARC का प्लान: नकुल चोपड़ा
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के सीईओ नकुल चोपड़ा ने कहा है कि बार्क न्यूज रेटिंग जारी करने को लेकर सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) के साथ नियमित संपर्क में है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के सीईओ नकुल चोपड़ा ने कहा है कि बार्क न्यूज रेटिंग जारी करने को लेकर सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) के साथ नियमित संपर्क में है। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय बार्क की योजनाओं के साथ पूरी तरह से जुड़ा हुआ है।
वेबिनार में भाग लेने वाले मीडिया इंडस्ट्री के विश्वसनीय सूत्रों ने एक्सचेंज4मीडिया को बताया कि चोपड़ा ने गुरुवार को वेबिनार के दौरान न्यूज चैनलों से कहा कि हम एमआईबी के साथ नियमित संपर्क में हैं। बार्क की योजनाओं से मंत्रालय को पूरी तरह अवगत कराया गया है और वे इसके साथ जुड़े हुए हैं।
पिछले तीन महीनों के डेटा का लाभ उठाने के लिए ऑप्ट-इन और ऑप्ट-आउट विकल्प प्रदान करने के मुद्दे पर चोपड़ा ने कहा कि विकल्प प्रदान करने का निर्णय सब्सक्राइबर्स के अभ्यावेदन (representations) के बाद लिया गया है।.
उन्होंने कहा, ‘हमसे ऑप्ट-इन और ऑप्ट-आउट के विकल्प प्रदान करने की जरूरत के बारे में पूछा गया है। हम सब्सक्राइबर्स की एक बड़ी संख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और वैसे भी इतने लंबे समय तक चैनल की रेटिंग को ब्लैक आउट किए जाने को लेकर हम यहां चर्चा करने नहीं जा रहे हैं। स्पष्ट रूप से कहूं तो यह आपकी वजह से हैं, हमारी नहीं। आप चाहते हैं कि आपका डेटा जारी नहीं किया जाए, इसलिए बोर्ड ने एक ऑप्ट-इन, ऑप्ट-आउट विकल्प देने का फैसला किया है।’
बार्क इंडिया के सीईओ ने यह भी कहा कि बार्क ब्लैकआउट किए जाने की पूरी समयावधि का न्यूज व्युअरशिप डेटा जारी नहीं कर रही है क्योंकि 17 मार्च से न्यूज रेटिंग को फिर से शुरू करने से पहले वह एमआईबी के निर्देश के तहत पिछले केवल तीन महीनों का डेटा जारी करने के लिए बाध्य है।
चोपड़ा ने कहा, ‘वैसे तो हमारे पास बैन की गई पूरी समयावधि का डेटा है। सही मायने में तो बार्क बोर्ड को उन सभी चैनलों के लिए बैन किए गए अवधि का पूरा डेटा जारी करने में कोई दिक्कत नहीं थी, जो इसे चाहते हैं। न कि उनके लिए, जो इसे नहीं चाहते हैं। लेकिन हम एमआईबी के निर्देशों के तहत विवश हैं, जिसमें हमें केवल तीन महीने का डेटा ही जारी करने को कहा गया है।’
सूत्रों ने बताया कि चोपड़ा ने बार्क इंडिया के लिए सब्सक्राइबर्स से डेटा का भुगतान करने को कहा है, जो जारी ही नहीं किया जा रहा है क्योंकि यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो सब्सक्राइबर्स के रेवेन्यू पर ही निर्भर है। चोपड़ा ने कहा, ‘बार्क ने डेटा एकत्रित किया है और हम एक जॉनर स्तर पर डेटा की रिपोर्ट कर रहे हैं। आप जानते हैं कि हम एक संयुक्त उद्योग निकाय (joint industry body) हैं, जो एक गैर-लाभकारी कंपनी है, इसलिए हमें सब्सक्राइबर्स के भुगतान की जरूरत है।’
अपने शुरुआती वक्तव्य में चोपड़ा ने कहा कि यह वेबिनार स्टेकहोल्डर्स को न्यूज व विशेष रुचि वाले जॉनर के संवर्धित डेटा रिपोर्टिंग मानकों (Augmented Data Reporting Standards) को समझने में मदद करने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने कहा, ‘यह महत्वपूर्ण है कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की ठीक से जानकारी दी जाए और इन मानकों की उचित समझ हो ताकि जब ये रेटिंग जारी की जाए, तो उन्हें सार्थक तरीके से उपयोग में लाया जा सके।’
12 जनवरी को सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने बार्क को तत्काल प्रभाव से न्यूज चैनलों की रेटिंग जारी करने का निर्देश दिया था। साथ ही, मंत्रालय ने न्यूज चैनलों की बीते तीन महीने की रेटिंग मासिक आधार पर भी जारी करने को कहा था, ताकि वास्तविक रुझान को निष्पक्ष व न्यायसंगत तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। नई व्यवस्था के अंतर्गत, न्यूज और विशिष्ट वर्ग के लिए रेटिंग चार सप्ताह की रोलिंग औसत परिकल्पना (four-week rolling average concept) पर आधारित होगी।
सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकसभा में यह जानकारी दी थी कि बार्क इंडिया ने मंत्रालय को यह अवगत कराया है कि वह संशोधित और संवर्धित डेटा रिपोर्टिंग मानकों के बारे में सभी घटकों को सूचित कर रहा है और इस प्रकार इसे अलग-अलग न्यूज चैनल रेटिंग की रिपोर्टिंग को फिर से शुरू करने के लिए उसे आठ सप्ताह (मंत्रालय की अनुमति की तारीख से) का समय चाहिए।’
पिछले 13 हफ्तों का डेटा जारी करने पर बार्क ने कहा कि पिछला रोलिंग किया हुआ डेटा उन चैनलों के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, जो इस डेटा को प्राप्त करने के लिए ऑप्ट- आउट का विकल्प चुनते हैं। बार्क ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 13 हफ्तों के लिए चैनलों को केवल चार सप्ताह का रोलिंग औसत डेटा प्रदान किया जाएगा।
उन चैनलों का व्यक्तिगत डेटा YUMI सॉफ्टवेयर पर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, जो बार्क से अपने पिछले 13-सप्ताह का डेटा प्रकाशित नहीं करने का अनुरोध करते हैं। इसके बजाय, इन चैनलों के डेटा को 'अन्य चैनल' श्रेणी के तहत जोड़ा जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कुल टीवी या कुल न्यूज का अनुमान पहले जारी किए गए डेटा से अपरिवर्तित रहे।
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