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MIB ने केबल टेलीविजन नेटवर्क को किया अपराधमुक्त
मंत्रालय ने कहा है कि इन संशोधनों से कठोर दंड का सहारा लिए बिना और छोटे या अनपेक्षित उल्लंघनों के प्रति संवेदनशीलता के बिना अधिनियम के अनुपालन को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम-1994 में संशोधनों को अधिसूचित किया है। ये संशोधन केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन अधिनियम-1995 के गैर-आपराधिक प्रावधानों के कार्यान्वयन के लिए परिचालन तंत्र के बारे में है।
मंत्रालय ने कहा कि इस अधिनियम को और अधिक व्यवसाय हितैषी बनाने और इस क्षेत्र में निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिए, अधिनियम के अंतर्गत निर्दिष्ट दंड की फिर से जांच की गई और जन विश्वास-प्रावधान संशोधन अधिनियम-2023 के माध्यम से इसे अपराधमुक्त कर दिया गया है।
बता दें कि केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियम अधिनियम 1995 की धारा 16 किसी भी प्रावधान के तहत उल्लंघन के लिए सजा से संबंधित है। इस धारा में कारावास का प्रावधान था, जिसे पहली बार के मामले में 2 साल तक और प्रत्येक बाद के अपराध के लिए 5 साल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है।
कारावास के इन प्रावधानों की जगह अब मौद्रिक दंड और सलाह, चेतावनी, निंदा जैसे अन्य गैर-मौद्रिक उपायों को लाया गया है। इन उपायों को आज अधिसूचित नियमों में परिभाषित "नामित अधिकारी" के माध्यम से लागू किया जाएगा। इसके अलावा, धारा 16 अब नामित अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ अपील तंत्र की व्यवस्था भी करती है। धारा 17 और 18 को निरर्थक होने के कारण हटा दिया गया।
केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के तहत प्रावधानों को अपराधमुक्त करने के कुछ लाभ:
- इन संशोधनों से संभावना है कि छोटे या गैर-इरादतन उल्लंघनों के प्रति संवेदनशील होकर कठोर दंड देने के बजाय ये इस अधिनियम के अनुपालन को बढ़ावा देंगे। दंड का जो दायरा है उसमें सलाह, निंदा और चेतावनियों को शामिल करने से पता चलता है कि केवल उल्लंघनों को दंडित करने के बजाय अनुपालन के प्रति शिक्षित करने और प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया गया है।
- ये संशोधित प्रावधान दंडों की एक शृंखला का इस्तेमाल करने की इजाजत देते हैं, जो विभिन्न प्रकार के उल्लंघनों के जवाब में लचीलापन प्रदान करते हैं। यह उल्लंघन की प्रकृति, विशिष्टता और गंभीरता के प्रति ज्यादा आनुपातिक प्रतिक्रिया की अनुमति देता है।
- इन नियमों में यह संशोधन जुर्माना लगाने के लिए एक "नामित अधिकारी" को परिभाषित करता है। यह प्रवर्तन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करता है और आपराधिक न्याय प्रणाली को बोझ से मुक्त करने के अलावा इसे सरल बनाता है।
- यह संशोधित प्रावधान स्पष्ट रूप से बाद के उल्लंघनों को संबोधित करता है और भारी दंडों का प्रावधान करने के अलावा, पंजीकरण को निलंबित या रद्द करने के प्रावधान भी शामिल करता है। यह निरंतरता को बढ़ावा देता है और आदतन या बार-बार होने वाले उल्लंघनों को हतोत्साहित करता है।
- इसमें अपील तंत्र को शामिल किए जाने से व्यक्तियों या संस्थाओं को संबंधित दंड या फैसलों को चुनौती देने का अवसर मिलता है। यह तंत्र एक निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करता है और सत्ता के संभावित दुरुपयोग के खिलाफ सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करता है।
- केबल उद्योग में "प्लेटफ़ॉर्म सेवाएं" और "स्थानीय केबल ऑपरेटर" जैसे सामान्य शब्दों की परिभाषा को पहली बार नियमों में परिभाषित किया गया है ताकि उनके उपयोग में एकरूपता लाई जा सके।
वर्तमान में, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के साथ 1400 से अधिक मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर पंजीकृत हैं। केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम, 1995 के प्रावधानों के उल्लंघन को अपराध की श्रेणी से हटाने और उनकी जगह सिविल पैनल्टी लाने से हितधारकों का विश्वास बढ़ेगा और 'ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा मिलेगा।
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