MSO-LCO रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी पर MIB सख्त, लोगों को किया सतर्क

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने केबल टीवी नेटवर्क से जुड़े ऑपरेटर्स और आवेदकों के लिए एक अहम एडवाइजरी जारी की है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 20 May, 2026
Last Modified:
Wednesday, 20 May, 2026
MIB568


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मल्टी सिस्टम ऑपरेटर (MSO) और लोकल केबल ऑपरेटर (LCO) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लेकर एक अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने लोगों को सतर्क करते हुए कहा है कि कुछ लोग और संस्थाएं खुद को “कंसल्टेंट” बताकर रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल जल्दी कराने के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांग रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से तय फीस के अलावा कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

मंत्रालय ने साफ किया है कि केबल टीवी नेटवर्क चलाने के लिए MSO और LCO का रजिस्ट्रेशन केवल Broadcast Seva Portal के जरिए ही किया जाता है। नए रजिस्ट्रेशन और रिन्युअल दोनों के आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर जरूरी दस्तावेजों और तय प्रोसेसिंग फीस के साथ जमा करने होते हैं।

एडवाइजरी के मुताबिक, MSO रजिस्ट्रेशन या रिन्युअल के लिए 10 साल की वैधता के साथ 1 लाख रुपये फीस तय है, जबकि LCO रजिस्ट्रेशन या रिन्यूअल के लिए 5 साल की वैधता के साथ 5 हजार रुपये फीस रखी गई है।

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी भुगतान केवल Broadcast Seva Portal के ऑनलाइन पेमेंट गेटवे के जरिए ही किए जाएं। किसी भी तरह का कैश पेमेंट, ऑफलाइन ट्रांजैक्शन या किसी तीसरे पक्ष के खाते में भुगतान अधिकृत नहीं है।

MIB ने कहा कि रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से तय नियमों के अनुसार की जाती है और कोई भी बाहरी व्यक्ति या कंसल्टेंट इस प्रक्रिया को तेज नहीं कर सकता। आवेदनकर्ता अपने आवेदन की स्थिति खुद भी Broadcast Seva Portal पर जाकर देख सकते हैं।

मंत्रालय ने सभी आवेदकों से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी कंसल्टेंट्स से सावधान रहें और तय फीस से ज्यादा किसी को भी पैसा न दें। किसी भी तरह की जानकारी या सहायता के लिए मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर 011-23387774 और ईमेल sodas-moiab@gov.in जारी किया है। 

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क्या Smart TV बदल देगा टीवी इंडस्ट्री का पूरा खेल?

जब कोई ऐप बिना केबल कनेक्शन या DTH डिश के आपके स्मार्ट टीवी पर Live TV दिखा रहा है, तो क्या उसे भी वही नियम मानने चाहिए जो केबल या DTH कंपनियों पर लागू हैं?

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 20 May, 2026
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Wednesday, 20 May, 2026
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देश में टेलीविजन देखने का तरीका बदल रहा है और बदलाव इतनी तेजी से है कि नियामक संस्थाएं भी पीछे छूट रही हैं। एक ओर करोड़ों भारतीय अपने Smart TV पर Samsung TV Plus और LG Channels जैसे ऐप्स से मुफ्त में टीवी चैनल देख रहे हैं, दूसरी ओर केबल ऑपरेटर और DTH कंपनियां चिल्ला रही हैं कि यह "रेगुलेटरी वैक्यूम" में चल रहा बिजनेस है। इसी टकराव के बीच 'टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया' यानी कि ट्राई ने अप्रैल 2026 में एक ऐसा कंसल्टेशन पेपर जारी किया है, जो भारतीय मीडिया इंडस्ट्री की दिशा तय कर सकता है।

सवाल सीधा है, जब कोई ऐप बिना केबल कनेक्शन या DTH डिश के आपके स्मार्ट टीवी पर Live TV दिखा रहा है, तो क्या उसे भी वही नियम मानने चाहिए जो केबल या DTH कंपनियों पर लागू हैं?

FAST क्या है और यह क्यों मायने रखता है?

FAST यानी Free Ad-Supported Streaming Television, यह वह मॉडल है जिसमें दर्शक बिना कोई सब्सक्रिप्शन दिए, सिर्फ इंटरनेट के जरिए, Live या Scheduled टीवी चैनल देख सकते हैं, ठीक वैसे जैसे पहले एंटिना से दूरदर्शन देखते थे, लेकिन अब Smart TV ऐप पर Samsung TV Plus, LG Channels, Amazon Fire TV, JioStar और ZEE5, ये सभी किसी न किसी रूप में FAST सेवाएं दे रहे हैं।

ट्राई ने इस पूरी श्रेणी को एक नया नाम दिया है, Application-based Linear Television Distribution (ALTD)। इसमें वे सभी ऐप्लिकेशन आती हैं जो स्मार्ट टीवी, मोबाइल या वेब ब्राउजर के जरिए Scheduled/Linear TV चैनल दिखाती हैं।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने दिसंबर 2025 में ट्राई को रेफरेंस भेजा कि इन सेवाओं के लिए एक रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बनाया जाए। ट्राई ने अप्रैल 2026 में कंसल्टेशन पेपर जारी किया। शुरुआत में 4 मई 2026 तक कमेंट मांगे गए थे, लेकिन इंडस्ट्री की मांग पर ट्राई ने यह डेडलाइन बढ़ाकर 11 मई 2026 कर दी (counter-comments 25 मई तक)।

आंकड़े बताते हैं, बदलाव असली है

इस पूरी बहस को समझने के लिए पहले यह देखना जरूरी है कि जमीन पर क्या हो रहा है।

Connected TV का विस्फोट: ट्राई के अपने कंसल्टेशन पेपर में दर्ज आंकड़ों के अनुसार, भारत में Connected TV (CTV) दर्शकों की संख्या 2024 में 6.97 करोड़ (69.7 मिलियन) थी, जो 2025 में बढ़कर 12.92 करोड़ (129.2 मिलियन) हो गई, यानी एक साल में 85% की बढ़ोतरी। Nielsen की India Internet Report 2025 के अनुसार, साउथ इंडिया में 25% घरों में, वेस्ट इंडिया में 16%, नॉर्थ इंडिया में 10% और ईस्ट इंडिया में 5% घरों में Smart TV आ चुके हैं। 2026 में भारत में Smart TV और OTT मार्केट का आकार $26.39 अरब (करीब ₹2.2 लाख करोड़) पहुंचने का अनुमान है।

FAST का बढ़ता मार्केट: ट्राई के कंसल्टेशन पेपर में Muvi की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि भारत में FAST सेवाओं के यूजर्स 2023 में 11.64 करोड़ (116.4 मिलियन) थे, जो 2027 तक 14.86 करोड़ (148.6 मिलियन) होने का अनुमान है। FAST राजस्व 2023 में USD 63.69 मिलियन (करीब ₹530 करोड़) था, जो 2027 तक USD 104 मिलियन से अधिक पहुंच सकता है। बेंगलुरू की Amagi Media Labs, जो FAST चैनल डिलीवरी की रीढ़ है, जनवरी 2026 में BSE/NSE पर लिस्ट हुई, उसका FY2025 राजस्व ₹1,162 करोड़ रहा।

DTH की गिरती दुनिया: दूसरी तरफ, पारंपरिक Pay TV का संसार सिकुड़ता जा रहा है। ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, चारों प्रमुख DTH कंपनियों के एक्टिव सब्सक्राइबर्स जून 2024 के 6.217 करोड़ से घटकर दिसंबर 2025 तक 5.099 करोड़ रह गए, 18 महीने में करीब 1.1 करोड़ की गिरावट। EY और AIDCF की रिपोर्ट के अनुसार, Pay TV सब्सक्राइबर्स 2018 के 15.1 करोड़ से घटकर 2024 में 11.1 करोड़ रह गए। इस गिरावट का असर सीधे राजस्व पर भी दिख रहा है, Dish TV की कुल आय Q1 FY26 में 27.7% घटकर ₹329.4 करोड़ रह गई।

विज्ञापन का रुख बदला: WPP की TYNY 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में Linear TV का विज्ञापन राजस्व 1.5% घटकर ₹47,740 करोड़ रहा। जबकि उसी साल CTV विज्ञापन खर्च करीब 20% बढ़ा। 2026 में CTV एडवर्टाइजिंग करीब ₹8,000 करोड़ (लगभग $1 अरब) तक पहुंचने का अनुमान है, 2025 के करीब $760 मिलियन से 32% अधिक। भारत का कुल विज्ञापन मार्केट 2026 में ₹2,01,891 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है और इसमें CTV और Retail Media सबसे तेज बढ़ते सेगमेंट हैं।

केबल और DTH कंपनियों की दलील, 'एक ही काम, दो तराजू'

Dish TV ने ट्राई को सबमिशन में कहा कि FAST और ALTD प्लेटफॉर्म "रेगुलेटरी वैक्यूम" में काम कर रहे हैं। Tata Play ने तर्क दिया कि कंटेंट को या तो सभी टेक्नोलॉजी पर समान रूप से रेगुलेट किया जाए, या सबको डीरेगुलेट किया जाए, "रेगुलेटरी आर्बिट्रेज" बंद होनी चाहिए।

इनकी शिकायत का सार यही है: एक केबल या DTH ऑपरेटर को लाइसेंस लेना होता है, कंटेंट कोड मानने होते हैं, टैरिफ ऑर्डर का पालन करना होता है, Interconnect Regulations का हिसाब देना होता है, लेकिन एक Smart TV ऐप उन्हीं चैनलों को बिना किसी लाइसेंस के मुफ्त में दिखा देती है। Zee Entertainment ने भी कहा कि FAST और Linear TV फंक्शनली एक जैसे हैं, दर्शक दोनों को एक ही तरह देखते हैं, इसलिए एक ही नियम होने चाहिए।

OTT और टेक कंपनियों का पलटवार, 'इनोवेशन मत दबाओ'

JioStar, भारत की सबसे बड़ी टेलीविजन और स्ट्रीमिंग कंपनी, ने ट्राई को बताया कि FAST सेवाएं इंटरनेट के "ऐप्लिकेशन लेयर" पर काम करती हैं और इन्हें टेलीकॉम या ब्रॉडकास्टिंग कैरिज सेवा नहीं माना जाना चाहिए। Sony-owned Culver Max ने कहा कि दुनिया भर में FAST प्लेटफॉर्म को डिजिटल सॉफ्टवेयर सेवाओं की तरह ट्रीट किया जाता है।

Internet and Mobile Association of India (IAMAI) ने तो सीधे कहा कि ट्राई के पास FAST और ALTD को रेगुलेट करने का अधिकार क्षेत्र ही नहीं है, क्योंकि ये ओपन इंटरनेट पर चलती हैं। IAMAI ने चेतावनी दी कि टेलीकॉम-स्टाइल ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क से "रेगुलेटरी ओवररीच" होगी और इनोवेशन को नुकसान पहुंचेगा।

Tata Communications ने बीच का रास्ता सुझाया, ALTD को पुरानी केबल TV रेगुलेशन में मत घसीटो, लेकिन Piracy control, कंटेंट accountability, Consumer grievance और Service transparency पर हल्के नियम जरूर बनाओ।

ट्राई का असली सवाल, 'फंक्शन देखो, टेक्नोलॉजी नहीं'

ट्राई का कंसल्टेशन पेपर खुद मानता है कि FAST और ALTD सेवाएं "consumer के नजरिए से पारंपरिक टेलीविजन से अलग नहीं दिखतीं।" रेगुलेटर ने Italy के AGCOM का उदाहरण दिया जहां FAST चैनलों को अब रेगुलेटरी ऑथराइजेशन लेनी पड़ती है।

ट्राई के कंसल्टेशन पेपर में 15 से ज्यादा बड़े सवाल उठाए गए हैं:

  • ALTD की परिभाषा, क्या हर Linear Streaming App इसमें आती है?
  • लाइसेंसिंग, क्या FAST ऐप्स को DTH जैसा लाइसेंस लेना होगा?
  • Pay Channels का मुफ्त वितरण, क्या Pay TV चैनलों को FAST प्लेटफॉर्म पर मुफ्त दिखाया जा सकता है?
  • विदेशी कंपनियाँ, क्या Samsung TV Plus जैसी ओवरसीज़ इकाइयों को भारत में Local Compliance Presence रखनी होगी?
  • App Certification, क्या Smart TV निर्माताओं पर सिर्फ Authorised Apps Pre-install करने की बाध्यता होगी?
  • Audience Measurement, क्या FAST Viewership को BARC (TV Rating) सिस्टम में शामिल किया जाएगा?

होम स्क्रीन की असली जंग, कौन तय करेगा क्या दिखेगा?

इस पूरी बहस की जड़ में एक और बड़ा सवाल है जिसे अभी तक खुलकर नहीं कहा गया: Smart TV की Home Screen का कंट्रोल किसके पास होगा?

जब आप अपना Samsung, LG या Xiaomi Smart TV ऑन करते हैं, तो सबसे पहले जो दिखता है वह उस TV OEM का होम स्क्रीन है। Samsung TV Plus सीधे उस होम स्क्रीन पर पहला बटन है। LG Channels का भी यही हाल है। यानी जो कंपनी TV बनाती है, वही तय करती है कि दर्शक को पहले क्या दिखेगा और इसमें केबल ऑपरेटर या ब्रॉडकास्टर का कोई रोल नहीं।

यही वह "डेटा और एल्गोरिद्म" की जंग है जिसके बारे में इंडस्ट्री के जानकार बात कर रहे हैं। Samsung और LG के पास Automatic कंटेंट Recognition (ACR) तकनीक है जो यह जानती है कि आप कब क्या देख रहे हैं, यह डेटा विज्ञापन टार्गेटिंग के लिए बेहद कीमती है। पारंपरिक केबल या DTH ऑपरेटर के पास ऐसा डेटा नहीं है।

विज्ञापन मार्केट का समीकरण बदला

परंपरागत टीवी विज्ञापन के लिए यह दौर कठिन है। WPP के अनुसार 2025 में Linear TV Ad Revenue ₹47,740 करोड़ रहा, 1.5% की गिरावट के साथ। वहीं, CTV पर विज्ञापन खर्च 2025 में 20% और 2026 में 22% बढ़ने का अनुमान है।

ZEE5 ने August 2025 में LG Channels पर पांच FAST चैनल लॉन्च किए। Samsung TV Plus पर भारत में NDTV, Republic, Zee News, Times Now, ABP News जैसे बड़े नाम पहले से मौजूद हैं। इसका मतलब यह है कि ब्रॉडकास्टर खुद FAST इकोसिस्टम में उतर रहे हैं, भले ही वे ट्राई के सामने ALTD को रेगुलेट करने की मांग कर रहे हों।

यह द्वंद्व भारतीय मीडिया इंडस्ट्री की असली जटिलता है: एक तरफ ब्रॉडकास्टर FAST को Level Playing Field की दृष्टि से रेगुलेट करवाना चाहते हैं, दूसरी तरफ वे खुद FAST प्लेटफॉर्म पर अपने चैनल चला रहे हैं क्योंकि वहां दर्शक हैं।

क्या भारत में अमेरिका जैसा FAST बूम आएगा?

अमेरिका में Tubi, Pluto TV और Roku Channel जैसे FAST प्लेटफॉर्म ने पारंपरिक केबल TV को बड़ी चुनौती दी है। (Peacock का Free FAST टियर 2023 में बंद हो चुका है, वह अब paid subscription सेवा है।) Pluto TV के करीब 8 करोड़ Monthly Active Users हैं। Pew Research (2025) के अनुसार, अमेरिका में अब सिर्फ 36% वयस्क केबल या सैटेलाइट TV के subscriber हैं, जबकि 55% Americans streaming-only हैं।

भारत में FAST का बूम जरूर आएगा, लेकिन कुछ फर्क के साथ। MiQ की Advanced TV Report India के अनुसार, भारत में 93% दर्शक mobile पर और 71% TV स्क्रीन पर वीडियो देखते हैं, यानी यह exclusive नहीं, बल्कि multi-screen मार्केट है। FAST का "lean-back" यानी सोफे पर बैठकर TV देखने का अनुभव Smart TV पर ज्यादा Natural है। जैसे-जैसे Smart TV घरों में पहुंचेगी, FAST का भारतीय मार्केट और बड़ा होगा।

APAC FAST मार्केट 2033 तक $38.77 अरब तक पहुंचने का अनुमान है, जो 15.2-16.5% CAGR पर बढ़ेगा।

उपभोक्ता के लिए क्या मायने रखता है?

अभी उपभोक्ता के नजरिए से FAST सेवाएं फायदेमंद हैं, मुफ्त, बिना सब्सक्रिप्शन, सिर्फ इंटरनेट चाहिए। लेकिन समस्याएं भी हैं:

कंटेंट जवाबदेही का अभाव: यदि किसी FAST ऐप पर गलत या भड़काऊ कंटेंट आता है, तो कोई स्पष्ट Grievance System नहीं है।

Pay Channels का मुफ्त वितरण: कुछ FAST प्लेटफॉर्म वे चैनल मुफ्त दे रहे हैं जिन्हें DTH पर सब्सक्रिप्शन लेकर देखना पड़ता, यह Market Distortion का मामला है।

डेटा की निजता: ACR जैसी तकनीक से OEM आपकी Viewing Habits Track कर रहे हैं और यह डेटा Ad-Targeting में इस्तेमाल हो रहा है।

रेगुलेशन इन्हीं समस्याओं का हल दे सकता है, बशर्ते वह इनोवेशन को दबाने वाला न हो।

रेगुलेशन बनाम इनोवेशन, कहां खींचें लकीर?

ट्राई के सामने सबसे कठिन काम यही है। यदि FAST ऐप्स को DTH जैसे भारी लाइसेंस नियमों में बांधा गया, तो Startup-friendly FAST Ecosystem का विकास रुक जाएगा। अगर बिल्कुल नहीं बांधा, तो पारंपरिक ऑपरेटर नाइंसाफी का शोर मचाते रहेंगे और Consumer Protection के मुद्दे अनसुलझे रहेंगे।

ABC Live के विश्लेषण के अनुसार, भारत को एक अलग ALTD फ्रेमवर्क चाहिए, न DTH का Copy-Paste, न IT Rules 2021 की सीमित छाया। इसमें Local Compliance Presence अनिवार्य हो, Grievance Officer हो, केवल MIB-Approved Channels FAST पर दिखें और Audience Measurement BARC में Integrate हो।

Tata Communications ने जो "Light-Touch, Technology-Neutral" नजरिया सुझाया है, वह सबसे व्यावहारिक लगता है: कंटेंट Accountability, Piracy Control और Consumer Protection पर नियम हों, लेकिन पुराने ढांचे का बोझ न लादा जाए।

टीवी का अगला मॉडल कैसा होगा?

सभी संकेत एक ही दिशा में इशारा कर रहे हैं, Hybrid TV का युग। वह युग जिसमें DTH Set-Top Box और Smart TV App एक ही स्क्रीन पर साथ चलेंगे। Tata Play और Airtel पहले से Hybrid STB ला चुके हैं जो DTH के साथ OTT Apps को Integrate करते हैं। IPTV तेजी से बढ़ रहा है, Airtel के पास दिसंबर 2025 तक 25.4 लाख Active IPTV Subscribers थे।

पारंपरिक केबल और DTH खत्म नहीं होंगे, लेकिन उनकी भूमिका बदलेगी। जहां Broadband कमजोर है, वहां Satellite TV काम आएगा। जहां Smart TV और Fast Internet है, वहां FAST और OTT राज करेंगे।

जो नहीं बदलेगा वह है, कंटेंट की भूख। और उस भूख को कौन किस तरह, किस कीमत पर, किस प्लेटफॉर्म पर पूरा करता है, यही तय करेगा कि अगले 5 साल में भारतीय टेलीविजन का नक्शा कैसा दिखेगा।

ट्राई का FAST/ALTD कंसल्टेशन पेपर सिर्फ एक रेगुलेटरी दस्तावेज नहीं है, यह उस बड़े युद्ध की अगली कड़ी है जिसमें केबल, DTH, OTT, Smart TV OEM और Big Tech कंपनियां भारत के 90 करोड़ TV दर्शकों (23 करोड़ TV households) की स्क्रीन पर कब्जे के लिए लड़ रही हैं। जो आंकड़े सामने हैं वे साफ बोलते हैं, Connected TV का उभार रोकना किसी के बस में नहीं। सवाल सिर्फ यह है कि इस नई दुनिया के नियम कौन और कैसे लिखेगा।

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Zee Media में स्वेता गोपालन फिर बनेंगी स्वतंत्र निदेशक, बोर्ड ने दी मंजूरी

ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कंपनी की स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) स्वेता गोपालन को दोबारा नियुक्त करने का फैसला किया है।

Vikas Saxena by
Published - Wednesday, 20 May, 2026
Last Modified:
Wednesday, 20 May, 2026
Swetha

ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड ने कंपनी की स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) स्वेता गोपालन को दोबारा नियुक्त करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने 18 मई 2026 को हुई बैठक में उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी। अब शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद स्वेता गोपालन 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2031 तक अगले पांच साल के लिए स्वतंत्र निदेशक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगी।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि स्वेता गोपालन का मौजूदा कार्यकाल 31 जुलाई 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बाद उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया है। कंपनी के बोर्ड ने यह भी रिकॉर्ड पर लिया कि स्वेता गोपालन पर सेबी या किसी अन्य प्राधिकरण की ओर से निदेशक पद संभालने पर कोई रोक नहीं है।

स्वेता गोपालन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत मानी जाती है। उन्होंने अन्ना यूनिवर्सिटी से इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक किया है। इसके अलावा उन्होंने अमेरिका के Kellogg School of Management से MBA किया है और Quantitative Finance में भी सर्टिफिकेशन हासिल किया है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2010 में Johns Hopkins Medicine International, USA से की थी। इसके बाद वह Parkway Health Singapore, Noble Group Singapore और Tata Consultancy Services USA जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुकी हैं। Zee Media ने कहा कि उनके अनुभव का लाभ कंपनी को आगे भी मिलेगा।

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शताब्दी शर्मा पाठक ने रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क को कहा अलविदा

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) की नेशनल हेड और साउथ ब्रांच हेड शताब्दी शर्मा पाठक (Satabdi Sharma Pathak) ने इस्तीफा दे दिया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 19 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
republictv

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) की वरिष्ठ अधिकारी शताब्दी शर्मा पाठक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक वह नेटवर्क में नेशनल हेड और साउथ ब्रांच हेड की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

शताब्दी शर्मा पाठक रिपब्लिक टीवी (Republic TV), रिपब्लिक भारत (Republic Bharat), रिपब्लिक कन्नड़ (Republic Kannada) और रिपब्लिक बांग्ला (Republic Bangla) के लिए मोनेटाइजेशन और रणनीतिक साझेदारियों की जिम्मेदारी देख रही थीं। रिपब्लिक कन्नड़ को “Nimma Dhwani” पोजिशनिंग के साथ राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

करीब सात वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने विज्ञापन बिक्री, ब्रांडेड कंटेंट, रीजनल मार्केट विस्तार और डिजिटल व कनेक्टेड टीवी प्लेटफॉर्म्स पर रेवेन्यू पार्टनरशिप को मजबूत करने में अहम योगदान दिया। दक्षिण भारत के बाजार में नेटवर्क की रणनीति और विज्ञापनदाताओं के साथ संबंध मजबूत करने में भी वह प्रमुख चेहरों में शामिल थीं।

उनके नेतृत्व में रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने कई ब्रांडेड कंटेंट और चुनाव आधारित अभियानों को विस्तार दिया, साथ ही दक्षिण भारतीय बाजारों में विज्ञापनदाताओं का दायरा भी बढ़ाया।

रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क से जुड़ने से पहले शताब्दी शर्मा पाठक 'The Chernin Group, HISTORY TV18, Times Network, TV Today Network और Magna Publishing' जैसी संस्थाओं के साथ काम कर चुकी हैं।

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BAG Films को BSE व NSE से मिली ये बड़ी मंजूरी

B.A.G. Films and Media Limited को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से बड़ी मंजूरी मिल गई है।

Vikas Saxena by
Published - Tuesday, 19 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
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प्रतिष्ठित न्यूज चैनल 'न्यूज24' के स्वामित्व वाली कंपनी BAG Films and Media Limited को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से बड़ी मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने जानकारी दी है कि उसे 98 लाख इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग और ट्रेडिंग के लिए दोनों स्टॉक एक्सचेंजों से अंतिम मंजूरी मिल गई है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि ये शेयर प्रमोटर ग्रुप को प्रेफरेंशियल बेसिस पर जारी किए गए थे। यह शेयर पहले जारी किए गए 98 लाख वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद अलॉट किए गए हैं।

कंपनी के मुताबिक, हर शेयर का फेस वैल्यू 2 रुपये है, जबकि इस पर 6.25 रुपये प्रति शेयर का प्रीमियम लगाया गया है। यानी कुल इश्यू प्राइस 8.25 रुपये प्रति शेयर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपने पत्र में कहा है कि ये नए शेयर 19 मई 2026 से एक्सचेंज पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। वहीं BSE Limited ने भी कंपनी को लिस्टिंग और ट्रेडिंग की मंजूरी दे दी है।

कंपनी ने बताया कि इन शेयरों पर 27 नवंबर 2027 तक लॉक-इन रहेगा। यानी इस अवधि तक प्रमोटर ग्रुप इन शेयरों को बेच नहीं सकेगा।

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Zee मीडिया का बड़ा फंड जुटाने का प्लान, विदेशी निवेशकों को जारी होंगे वारंट

जी मीडिया ने बड़ा फंड जुटाने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने 18 मई 2026 को हुई बैठक में करीब 119 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 14 करोड़ वारंट जारी करने को मंजूरी दे दी।

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Published - Tuesday, 19 May, 2026
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Tuesday, 19 May, 2026
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जी मीडिया (Zee Media Corporation Limited) ने बड़ा फंड जुटाने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने 18 मई 2026 को हुई बैठक में करीब 119 करोड़ रुपये जुटाने के लिए 14 करोड़ वारंट जारी करने को मंजूरी दे दी। ये वारंट प्रेफरेंशियल बेसिस पर विदेशी निवेशकों (FPI) को दिए जाएंगे।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि हर वारंट की कीमत 8.50 रुपये तय की गई है। बाद में हर वारंट को कंपनी के एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकेगा। इस पूरी फंडरेजिंग के जरिए कंपनी अधिकतम 119 करोड़ रुपये जुटाएगी।

यह वारंट तीन विदेशी निवेशक संस्थाओं को जारी किए जाएंगे। इनमें Magnifica Global Opportunities VCC-MGO High Conviction Fund, Minerva Ventures Fund और Sun India Opportunities Investing Fund शामिल हैं। ये सभी निवेशक कंपनी की नॉन-प्रमोटर कैटेगरी में आएंगे।

कंपनी के मुताबिक, वारंट लेने वाले निवेशकों को शुरुआत में 25% रकम जमा करनी होगी, जबकि बाकी 75% रकम वारंट को शेयर में बदलते समय देनी होगी। निवेशकों को यह अधिकार 18 महीने के भीतर इस्तेमाल करना होगा। अगर तय समय में वारंट शेयर में नहीं बदले गए तो वारंट रद्द हो जाएंगे और जमा रकम जब्त कर ली जाएगी।

जी मीडिया के बोर्ड ने इसके साथ ही स्वतंत्र निदेशक स्वेता गोपालन की दोबारा नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। उन्हें 1 अगस्त 2026 से 31 जुलाई 2031 तक दूसरे कार्यकाल के लिए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर बनाया जाएगा। हालांकि इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

स्वेता गोपालन इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉजी में बीटेक कर चुकी हैं और अमेरिका के Kellogg School of Management से MBA भी कर चुकी हैं। उन्होंने Johns Hopkins Medicine International, Parkway Health Singapore, Noble Group और Tata Consultancy Services जैसी कंपनियों में काम किया है।

इन सभी प्रस्तावों को मंजूरी दिलाने के लिए कंपनी 13 जून 2026 को एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) भी आयोजित करेगी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

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न्यूज18 इंडिया से रुबिका लियाकत ने दिया इस्तीफा

विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो वह जल्द ही एक बड़े न्यूज नेटवर्क में शामिल हो सकती हैं और अहम जिम्मेदारी संभाल सकती हैं।

Samachar4media Bureau by
Published - Monday, 18 May, 2026
Last Modified:
Monday, 18 May, 2026
Rubika Liyaquat..

देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘नेटवर्क18’ (Network18) के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) से जुड़ी एक बड़ी खबर है। दरअसल, लोकप्रिय न्यूज एंकर और चैनल की कंसल्टिंग एडिटर रुबिका लियाकत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। फिलहाल उनकी अगली पारी को लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ सामने नहीं आया है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि वह जल्द ही किसी बड़े न्यूज नेटवर्क के साथ नई भूमिका में नजर आ सकती हैं।

रुबिका लियाकत हिंदी टीवी पत्रकारिता का एक चर्चित और प्रभावशाली चेहरा हैं। अपनी तेज-तर्रार एंकरिंग, धारदार सवालों और बेबाक प्रस्तुति शैली के दम पर उन्होंने देशभर के दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई है। न्यूज18 इंडिया में शाम पांच बजे का उनका शो ‘गूंज’ (Goonj) काफी लोकप्रिय रहा।

रुबिका लियाकत का पत्रकारिता सफर बेहद शानदार और प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2007 में ‘लाइव इंडिया’ चैनल से की थी। इसके बाद वह ‘न्यूज24’ से जुड़ीं और फिर ‘जी न्यूज’ में रिपोर्टिंग और एंकरिंग के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। ‘जी न्यूज’ के चर्चित शो ‘ताल ठोक के’ से उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली।

इसके बाद रुबिका ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ीं, जहां उन्होंने प्राइम टाइम शो ‘मास्टर स्ट्रोक’ के जरिए दर्शकों के बीच अलग मुकाम हासिल किया। उनकी प्रस्तुति शैली, राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहरी पकड़ और सवाल पूछने के स्पष्ट अंदाज ने उन्हें हिंदी न्यूज इंडस्ट्री की अग्रणी महिला एंकर्स में शामिल कर दिया।

साल 2022 में उन्होंने ‘भारत24’ के साथ नई पारी शुरू की, जहां वह वाइस प्रेजिडेंट और एंकर की भूमिका में नजर आईं। इसके बाद उन्होंने जनवरी 2024 में ‘न्यूज18 इंडिया’ जॉइन किया, जहां वह कंसल्टिंग एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं और अब उन्होंने यहां से इस्तीफा दे दिया है।

मूल रूप से राजस्थान के उदयपुर से ताल्लुक रखने वाली रुबिका लियाकत अपनी बेबाक राय और दमदार भाषा शैली के लिए जानी जाती हैं। हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषा पर उनकी मजबूत पकड़ उनकी प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाती है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।

रुबिका की पत्रकारिता की सबसे बड़ी खासियत यह रही है कि वह हमेशा जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती हैं। टीवी डिबेट्स के दौरान उनका आत्मविश्वास, तथ्यों के साथ तैयारी और तेज प्रतिक्रिया उन्हें अन्य एंकर्स से अलग पहचान दिलाती है।

पत्रकारिता में तेज, स्पष्ट और सशक्त प्रस्तुति शैली ने उन्हें भारतीय टीवी पत्रकारिता की दुनिया में एक प्रमुख स्थान दिलाया है। उनके शब्दों का चयन, भाषा कौशल और बेबाक दृष्टिकोण विशेष रूप से दर्शकों को आकर्षित करते हैं। समाचार4मीडिया की ओर से रुबिका लियाकत को उनके आगामी सफर के लिए शुभकामनाएं।

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'जी एंटरटेनमेंट' से लक्ष्मी शेट्टी ने दिया इस्तीफा

लक्ष्मी शेट्टी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज से इस्तीफा दे दिया है। वह पिछले 21 साल से इस कंपनी के साथ काम कर रही थीं।

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Published - Monday, 18 May, 2026
Last Modified:
Monday, 18 May, 2026
Laxmi8451

लक्ष्मी शेट्टी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज से इस्तीफा दे दिया है। वह पिछले 21 साल से इस कंपनी के साथ काम कर रही थीं।

सूत्रों के मुताबिक, लक्ष्मी शेट्टी पिछले दो दशकों से जी एंटरटेनमेंट के विज्ञापन और रेवेन्यू कारोबार से जुड़ी हुई थीं। पिछले साल ही उन्हें ब्रॉडकास्ट और डिजिटल विज्ञापन राजस्व विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह जिम्मेदारी उन्हें आशीष सहगल के कंपनी छोड़ने के बाद मिली थी।

कंपनी के भीतर लक्ष्मी शेट्टी को लंबे समय से रेवेन्यू रणनीति से जुड़े अहम चेहरों में माना जाता था। उन्होंने टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन कारोबार बढ़ाने, सेल्स प्लानिंग, प्राइसिंग मॉडल और विज्ञापनदाताओं के साथ साझेदारी मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई।

इससे पहले वह कंपनी में Chief Sales Strategy & Maximisation Officer के पद पर भी काम कर चुकी थीं। ज़ी से जुड़ने से पहले उन्होंने Bennett, Coleman & Co. Ltd. में भी काम किया था।

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न्यूज18 इंडिया में सुशांत सिन्हा की एंट्री की चर्चा, शो लाइनअप में हो सकता है बदलाव!

आजतक से अलग होकर न्यूज एंकर अर्पिता आर्या की इस नेटवर्क में एंट्री की चर्चाओं के बीच अब वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुशांत सिन्हा को लेकर भी कयासों का दौर जारी है।

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Published - Monday, 18 May, 2026
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Monday, 18 May, 2026
New18 India

देश के प्रमुख न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘नेटवर्क18’ (Network18) के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) को लेकर मीडिया इंडस्ट्री में इन दिनों चर्चाओं का दौर तेज है। आजतक से अलग होकर न्यूज एंकर अर्पिता आर्या की इस नेटवर्क में एंट्री की चर्चाओं के बीच अब वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुशांत सिन्हा को लेकर भी कयासों का दौर जारी है।

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, सुशांत सिन्हा का टाइम्स नेटवर्क के साथ मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट इसी महीने समाप्त हो रहा है और उन्होंने इसे आगे रिन्यू नहीं करने का फैसला किया है। ऐसे में उनके जल्द ‘न्यूज18 इंडिया’ के साथ नई पारी शुरू करने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि वह जून से नई भूमिका में नजर आ सकते हैं और चैनल पर रात 9 बजे के प्राइम टाइम स्लॉट की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं।

यदि मीडिया गलियारों में चल रही चर्चाओं की मानें तो सुशांत सिन्हा के आने के बाद न्यूज18 इंडिया में प्राइम टाइम स्लॉट को लेकर बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। सुशांत सिन्हा के संभावित तौर पर रात 9 बजे आने की खबरों के बाद इंडस्ट्री में यह सवाल भी उठने लगा है कि चैनल में मैनेजिंग एडिटर और सीनियर न्यूज एंकर किशोर अजवाणी की भूमिका और स्लॉट में क्या बदलाव हो सकता है।

फिलहाल चैनल पर शाम 5 बजे रुबिका लियाकत ‘गूंज’ शो होस्ट करती हैं, जबकि रात 8 बजे अमन चोपड़ा का शो ‘देश नहीं झुकने देंगे’ प्रसारित होता है। सूत्रों के मुताबिक, अर्पिता आर्या को शाम 5 बजे का स्लॉट दिए जाने की चर्चा है।

हालांकि, फिलहाल चैनल प्रबंधन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। बावजूद इसके, मीडिया इंडस्ट्री में इन चर्चाओं ने न्यूज18 इंडिया के संभावित नए प्राइम टाइम स्ट्रक्चर को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ा दी है।

इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए समाचार4मीडिया की टीम ने संबंधित पक्षों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।

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PM मोदी के बयान के बाद 'CNBC TV-18' ने वापस ली अपनी रिपोर्ट, जताया खेद

प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा पर टैक्स या सेस लगाए जाने की खबरों को खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

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Published - Saturday, 16 May, 2026
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Saturday, 16 May, 2026
Pmmodi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश यात्रा पर टैक्स या सेस लगाए जाने की खबर को 'पूरी तरह गलत' बताए जाने के बाद बिजनेस न्यूज चैनल CNBC-TV18 ने अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है। चैनल ने स्वीकार किया कि उसकी खबर सटीक नहीं थी और इसके लिए खेद भी जताया।

दरअसल, CNBC-TV18 ने शुक्रवार को एक ‘एक्सक्लूसिव’ रिपोर्ट में दावा किया था कि केंद्र सरकार विदेश यात्राओं पर अस्थायी टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और युद्ध संबंधी वित्तीय दबावों से निपटने के लिए उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है।

रिपोर्ट सामने आने के बाद बिजनेस, शिक्षा और पर्यटन के सिलसिले में विदेश यात्रा करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इन दावों को खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री ने लिखा, 'यह पूरी तरह गलत है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। विदेश यात्रा पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाने का सवाल ही नहीं उठता।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘Ease of Doing Business’ और ‘Ease of Living’ को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद CNBC-TV18 ने अपनी रिपोर्ट सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा ली। चैनल ने बयान जारी करते हुए कहा, 'सरकार द्वारा विदेश यात्रा पर टैक्स/सेस लगाने पर विचार किए जाने संबंधी हमारी खबर सटीक नहीं थी। हम यह खबर वापस लेते हैं और गलती के लिए खेद जताते हैं।'

उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले एक वर्ष तक अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने की अपील जरूर की थी। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने से जोड़ा था।

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अभिजीत चौधरी ने ‘आजतक’ को कहा अलविदा : लिखी भावुक पोस्ट

पत्रकार अभिजीत चौधरी ने करीब पांच साल बाद हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ को अलविदा कह दिया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपने अनुभव साझा करते हुए टीम और संस्थान का आभार जताया।

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Published - Friday, 15 May, 2026
Last Modified:
Friday, 15 May, 2026
Abhijeet Chaudhary

पत्रकार अभिजीत चौधरी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (Aaj Tak) और ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह से अपनी पारी समाप्त कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस जानकारी को सार्वजनिक किया।

अपनी पोस्ट में अभिजीत चौधरी ने लिखा कि “अलविदा” भाषा के सबसे भारी शब्दों में से एक है और अब उन्हें यही शब्द लिखना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 27 मई 2021 को उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के अपने सफर की शुरुआत ‘आजतक’ से की थी।

उन्होंने अपने लगभग पांच साल के कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि इस न्यूजरूम ने उन्हें सिर्फ काम करना नहीं, बल्कि खबरों को समझना, महसूस करना और हर दिन कुछ नया सीखना सिखाया। अभिजीत ने कहा कि कैमरे के पीछे बिताया हर पल, हर बुलेटिन, डेडलाइन और साथियों के साथ काम करने का अनुभव हमेशा उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहेगा। उन्होंने संस्थान और सहकर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वह नई यात्रा की ओर बढ़ रहे हैं।

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