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रूस-यूक्रेन युद्ध की कवरेज को लेकर रंग लाई TV9 भारतवर्ष की ये ‘स्ट्रैटेजी’
‘टीवी9 भारतवर्ष’ के मैनेजिंग एडिटर संत प्रसाद ने बताया कि चैनल पहले भी इस तरह के बड़े और दूरदर्शी फैसले लेता रहा है, जिसे बाकी मीडिया ने फॉलो किया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
रूस और यूक्रेन युद्ध के दो हफ्ते हो रहे हैं, लेकिन अभी तक इसकी समाप्ति का कोई संकेत नहीं मिल रहा है। युद्ध किस मोड़ पर पहुंचा और युद्ध क्षेत्र के वर्तमान में क्या हालात हैं, यह जानने की जिज्ञासा सभी लोगों के मन में है और वे इससे जुड़ा हर अपडेट सबसे पहले जानना चाहते हैं। ऐसे में लोगों तक पल-पल की जानकारी पहुंचाने के लिए मीडिया भी इस युद्ध की व्यापक कवरेज में लगा हुआ है। तमाम देशी-विदेशी मीडिया संस्थानों ने अपने रिपोर्टर्स यूक्रेन में भेजे हुए हैं, जो वहां से अपनी रिपोर्ट भेज रहे हैं और लाइव आकर वहां के ताजा हालात दिखा रहे हैं।
संत प्रसाद के अनुसार, यह हमारे कवरेज का प्रभाव ही है कि अब लगभग हर चैनल अपनी कवरेज का करीब 80 प्रतिशत समय यूक्रेन-रूस युद्ध को दे रहा है। हमारे पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ग्राउंड जीरो तक पहुंचने वाले पहले भारतीय पत्रकार हैं। उन्होंने अरमानिया-अजरबैजान युद्ध को भी कवर किया था। यह पहली बार है जब भारतीय टेलीविजन दर्शक युद्ध की रिपोर्टिंग और कवरेज को इस तरह के विस्तार से और रुचि के साथ देख रहे हैं।
इसके साथ ही संत प्रसाद का यह भी कहना था, ‘टीवी9भारतवर्ष (Tv9 Bharatvarsh) देश का पहला चैनल है, जिसने फरवरी के पहले हफ्ते में ही यह बता दिया था कि यूक्रेन संकट भीषण जंग की शक्ल ले सकता है और रूस की फौज यूक्रेन पर चढ़ाई कर सकती है, लेकिन तमाम मीडिया संस्थानों को हमारी रिपोर्ट गलत लगी और आज स्थिति सबके सामने है।’
संत प्रसाद के अनुसार, ‘रूस और यूक्रेन में, बेलारूस में या नाटो देशों में जो गतिविधियां चल रही थीं, उसके सारे संकेत बता रहे थे कि युद्ध होगा। हमने तो इस चीज को दो महीने पहले ही पहचान लिया था। दरअसल, दो महीने पहले से ही चीजें इस दिशा में इशारा करने लगी थीं, लेकिन किसी का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा था, क्योंकि हमारे यहां की मीडिया को तब लगा ही नहीं कि यह कोई खबर भी हो सकती है। शायद यहां की खबरों पर ज्यादा फोकस रहा हो या और कोई भी वजह रही हो। हमारा फोकस हमेशा से वर्ल्ड न्यूज पर भी रहता है, कोरोना के समय में भी हमने दुनिया के लगभग सभी देशों को कवर किया था, उस लिहाज से हमारी टीम ने रूस-यूक्रेन के बारे में थोड़ा पढ़ना-देखना और एक-एक चीज का मॉनीटर करना शुरू कर दिया था। बाद में हमने इस लिहाज से इसे देखना और दिखाना शुरू कर दिया। 12 फरवरी तक आते-आते दोनों देशों में विवाद ज्यादा बढ़ गया, हमने 14 फरवरी को अपना रिपोर्टर वहां भेज दिया। 14 से 20-22 फरवरी तक हमने पूरे यूक्रेन को एक तरह से छान मारा, हमने वहां का कोना-कोना दिखाया और बताया कि विवाद किस कदर बढ़ गया है और लोग किस तरह से डरे-सहमे हैं और युद्ध कितना नजदीक आ चुका है। तब तक किसी ने यकीन नहीं किया और 24 फरवरी को आखिरकार युद्ध छिड़ गया।’
संत प्रसाद ने बताया कि इसके बाद तो अन्य तमाम मीडिया संस्थानों द्वारा वहां पर अपने रिपोर्टर भेजने की और हमें कॉपी करने की होड़ सी लग गई। लेकिन मुझे व चैनल की टीम को इस तरह की चीजों से कोई फर्क नहीं पड़ता है। कोई हमें कॉपी करे तो करता रहे, हमारी जो स्ट्रैंथ है, यूएसपी है, वह तो बनी रहेगी। हम अपने रास्ते पर चलते हैं और अपनी लीक पर चलना ही सबसे बड़ी चीज है। आप जब अपनी लीक पर होते हैं तो दूसरे हमेशा फॉलोअर ही होते हैं।
इतना बड़ा निर्णय लेने में किसी स्तर पर कोई दिक्कत तो नहीं आई? इस बारे में पूछे जाने पर संत प्रसाद का कहना था, ‘हमने ये फैसला काफी सोच-समझकर और दूरदर्शिता के साथ लिया। 12 फरवरी से हमारी नॉन स्टॉप कवरेज चल रही है। इसके अलावा हमने इस तरह का फैसला पहली बार नहीं लिया है, मेरा तो स्वभाव ही इसी तरह लीक से अलग चलने का और ऐसे फैसले लेने का रहा है। फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत वाले मामले में भी ऐसा ही हुआ था, जब तमाम मीडिया ने खबर की तरह उस मामले को दिखाया, हमने भी दिखाया, लेकिन जब खबर से हटकर कई मीडिया संस्थान ‘ड्रामे’ के स्तर पर पहुंच गए तब हमने उस ड्रामे में पड़ना सही नहीं समझा, हमने उस मामले को छोड़ दिया और बॉर्डर पर जो नाजुक स्थिति थी, उसे दिखाने में व्यस्त हो गए। वह भी इसी तरह का निर्णय था। उस समय गलवान में जो हालात हुए, तब भी बाकी मीडिया बाद में पहुंचा। कहने का मतलब है कि उस समय भी इस खबर को पकड़ने और कवरेज करने का साहस हमारे चैनल ने ही दिखाया। उसे भी अन्य मीडिया ने फॉलो किया।’
संत प्रसाद का कहना था कि इस तरह के फैसले उनके व चैनल द्वारा पूर्व में भी लिए जाते रहे हैं। घर-घर में अब टीवी9 की कवरेज की ही बात हो रही है। सबसे पहले, सबसे तेज और तथ्यात्मक कवरेज हमारा प्लस पॉइंट है और इसके पीछे हमारी पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है।
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