होम / टीवी / 'आप की अदालत' में बोले हरदीप सिंह पुरी, कनाडा सरकार की बुद्धि पर तरस आता है
'आप की अदालत' में बोले हरदीप सिंह पुरी, कनाडा सरकार की बुद्धि पर तरस आता है
पन्नू ने इसी साल जून में कनाडा में भारतीय राजनयिकों की तस्वीरों और उनके नाम के साथ पोस्टर लगवाये और उन्हें मार डालने की धमकी दी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस बार 'आप की अदालत' में रजत शर्मा के मेहमान थे। हरदीप पुरी 39 साल तक भारतीय विदेश सेवा में रहे। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिध रहे। अब नरेन्द्र मोदी की सरकार में मंत्री हैं। पुरी ने 'आप की अदालत' में कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू पाकिस्तान का पिट्ठू है, ISI के इशारे पर काम करता है, इस्लामाबाद से उसे पैसा मिलता है, उसका एक पाकिस्तानी बिजनेस पार्टनर मुहम्मद सलमान युनुस है, और दोनों मिल कर आईएसआई के इशारे पर काम करते हैं। पन्नू भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की लिस्ट में है। पन्नू अमृतसर के पास एक गांव खानकोट का रहने वाला है।
1990 के दशक में वो वकालत करने अमेरिका गया था लेकिन वहां जाकर भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया। पन्नू ने सिख फॉर जस्टिस के नाम से एक संगठन बनाया। ISI से उसे पैसा मिलता है और ISI के इशारे पर कभी कनाडा में सिखों की छोटी मोटी रैलियां निकालता है, तो कभी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में पैसा बांटकर भारत के खिलाफ प्रदर्शन करवाता है। जैसा हरदीप पुरी कह रहे थे कि वो कनाडा में सड़क पर खड़े होकर भारत के ख़िलाफ पर्चियां बांटता है। 2020 में पन्नू को वैंकूवर में खालिस्तान पर जनमतसंग्रह के नाम पर लोगों को पर्चियां बांटते देखा गया था।
'आप की अदालत' में हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि उन्हें तो कनाडा सरकार की बुद्धि पर तरस आता है, ट्रूडो की मति मारी गई है। हरदीप पुरी ने कहा कि ट्रुडो जिस तरह से आंतकवादियों को पनाह दे रहे हैं, उनका समर्थन करते हैं, उससे तो लगता है कि खालिस्तान अगर कभी बने, तो कनाडा में ही बनना चाहिए। हरदीप पुरी ने अपने 39 साल लंबे डिप्लोमैटिक करियर के बहुत सारे अनुभव शेयर किए, कई राज़ खोले।
हरदीप पुरी ने बताया कि जब उनकी पोस्टिंग कोलंबो में थी, तो कैसे वो उत्तरी श्रीलंका के जाफना के जंगलों में जाकर LTTE के चीफ प्रभाकरण से मिले, रात के अंधेरे में लैंडमाइन के बीच उन्हें जाना पड़ा। कैसे प्रभाकरण को शांति समझौते के लिए तैयार कराया, फिर जान पर खेलकर प्रभाकरण को हेलीकॉप्टर में बैठाकर भारत लाए, राजीव गांधी से उनकी मुलाकात करवाई।
'आप की अदालत' में हरदीप पुरी की पत्नी लक्ष्मी पुरी भी मौजूद थीं। लक्ष्मी उस समय कोलंबो में भारतीय उच्चायोग में प्रेस सचिव थीं। उन्होंने बताया कि जब हरदीप जाफना के जंगलों में गए तो उन्हें डर तो लगा पर उन्हें भगवान पर भरोसा था। हरदीप पुरी ने बताया कि उन्होंने गुरु गोविंद सिंह को याद किया। गुरु की वाणी से उन्हें हिम्मत मिली।
टैग्स रजत शर्मा ब्लॉग रजत शर्मा ब्लॉग खालिस्तान रजत शर्मा हरदीप पुरी