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रकम पर बड़ा मुनाफा कमाने से पहले जरूर देखें ‘जी बिजनेस’ का ये स्टिंग
एक बार पैसा जमा करने के बाद लोग इनके जाल में फंस जाते हैं, क्योंकि पैसा मिलते ही इस तरह की कंपनियां गायब हो जाती हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले कई लोगों को फर्जी एडवाइजरी कंपनियां चपत लगा रही हैं। भोले-भाले लोग इन कंपनियों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। ऐसे में इस तरह की फर्जी कंपनियों के खिलाफ हाल ही में ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के बिजनेस न्यूज चैनल ‘जी बिजनेस’ (Zee Business) ने एक स्टिंग ऑपरेशन चलाया। इस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर ‘जी बिजनेस’ के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने अपने शो ‘मार्केट माफिया’ के जरिये बताया कि शेयर मार्केट में सक्रिय धोखेबाज किस तरह से छोटे और मंझोले निवेशकों को लालच देकर उनकी मेहनत की कमाई को लूट लेते हैं। हालांकि, सिंघवी ने इस शो में पहले ही स्पष्ट कर दिया कि यह शो सही और वास्तविक स्टॉक मार्केट एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ नहीं है और इसमें सिर्फ फर्जी और धोखा देने वाली कंपनियों को ही निशाना बनाया गया।
बताया जाता है कि यह पहली बार है जब किसी बिजनेस चैनल ने स्टॉक मार्केट की फर्जी एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ इस तरह का स्टिंग ऑपरेशन किया है। तीन पार्ट्स की सीरीज में इस शो का प्रसारण ‘जी बिजनेस’ चैनल पर 26 नवंबर की सुबह 9.56 बजे और 27 व 28 नवंबर की सुबह 10.26 बजे किया गया।
चैनल ने ‘मार्केट माफिया’ में इंदौर की एक एडवाइजरी कंपनी का खुलासा किया। ‘जी बिजनेस’ की टीम ने अपने शो में दिखाया कि कैसे इस कंपनी ने निवेशकों से वादा किया कि यदि वे 20000 रुपए निवेश करेंगे तो उन्हें एक हफ्ते में चार लाख रुपए तक मिल सकते हैं। कैसे मात्र 20000 रुपयों से एक हफ्ते में चार लाख रुपए कमाए जा सकते हैं, इस बारे में बताने के लिए कंपनी ने निवेशकों से 25000 रुपए मासिक सलाह शुल्क देने के लिए कहा था। ऐसा करना बाजार नियामक ‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (SEBI) के नियमों के खिलाफ है। यही नहीं, विभिन्न कारणों से निवेशकों से ज्यादा से ज्यादा धन मांगा जाता है। लेकिन फायदा होने के स्थान पर निवेशकों को 30 से 50 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।
इसके अलावा यह भी खुलासा किया गया कि इस तरह की एडवाइजरी कंपनियां अच्छी तरह जानती हैं कि वे क्या कर रही हैं और वे खुलेआम दावा कर रही हैं कि ‘सेबी’ इस मामले में उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता है। इन कंपनियों के अनुसार, ‘यदि कोई सेबी के पास जाता भी है तो इस धोखाधड़ी को साबित करने के लिए कोई सबूत ही नहीं है।’ इस तरह की कंपनियां निवेशकों से मेंबर बनने के साथ ही उनके खाते में पैसा जमा करने के लिए कहती हैं। एक बार पैसा जमा करने के बाद लोग इनके जाल में फंस जाते हैं, क्योंकि पैसा मिलते ही इस तरह की कंपनियां गायब हो जाती हैं।
‘मार्केट माफिया’ कार्यक्रम के जरिये ‘जी बिजनेस’ ने स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों को इस तरह के जालसाजों से दूर रहने की सलाह देने के साथ-साथ टेलिफोन पर रिकॉर्ड की गई बातचीत को भी प्रसारित किया, ताकि लोगों को इस तरह की कंपनियों की कार्यप्रणाली के बारे में पता चल सके। इस तरह का उद्देश्य यह था कि यदि लोगों को किसी एडवाइजरी फर्म से इस तरह का ऑफर मिलता है तो वे आसानी से इस तरह की फर्जी एडवाइजरी कंपनियों को पहचान सकें। ‘जी बिजनेस’ ने फर्जी और धोखाधड़ी में लिप्त स्टॉक मार्केट एडवाइजरी कंपनियों के नाम भी इस शो में प्रसारित किए, जिससे निवेशकों को इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने में काफी मदद मिलेगी।
‘जी बिजनेस’ के स्टिंग ऑपरेशन ‘मार्केट माफिया’ के बाद इंदौर पुलिस ने कार्रवाई कर 40 ऐसे धोखेबाजों को गिरफ्तार भी किया है। इसके अलावा ‘जी बिजनेस’ ने यह भी सुनिश्चित किया कि निवेशकों की आवाज ‘सेबी’ तक जरूर पहुंचे। यह ‘जी बिजनेस’ की पहल का ही असर है कि सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने इस तरह के धोखेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
'जी बिजनेस' द्वारा किए गए 'मार्केट माफिया' शो को आप यहां भी देख सकते हैं।
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