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सन टीवी की मिल्कियत को लेकर दयानिधि मारन ने भाई कलानिधि को भेजा कानूनी नोटिस: रिपोर्ट
देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया घरानों में से एक सन टीवी नेटवर्क में वर्षों से दबी पारिवारिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
देश के सबसे प्रभावशाली मीडिया घरानों में से एक सन टीवी नेटवर्क में वर्षों से दबी पारिवारिक कलह अब सार्वजनिक हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने अपने भाई और सन टीवी नेटवर्क के चेयरमैन कलानिधि मारन को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस 10 जून 2025 को जारी किया गया, जिसमें धोखाधड़ी, गबन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप लगाए गए हैं।
दयानिधि मारन की ओर से जारी नोटिस में मांग की गई है कि सन टीवी नेटवर्क की शेयरहोल्डिंग संरचना को 2003 की स्थिति में वापस लाया जाए। यह दावा दिवंगत पिता मुरासोली मारन और उनकी मां एमके दयालु की पारिवारिक विरासत के संदर्भ में किया गया है।
इस मामले में सिर्फ कलानिधि ही नहीं, बल्कि उनकी पत्नी कावेरी मारन समेत कुल आठ लोगों को नोटिस में प्रतिवादी बनाया गया है। कानूनी कार्यवाही चेन्नई स्थित रिसर्च-बेस्ड लॉ फर्म लॉ धर्मा के वकील के. सुरेश के माध्यम से की गई है।
2003 से शुरू हुआ विवाद, गंभीर आरोपों की लंबी फेहरिस्त
नोटिस के अनुसार, कलानिधि और कावेरी मारन ने सितंबर 2003 में एक पूर्व नियोजित योजना के तहत उस समय कंपनी में गड़बड़ी की शुरुआत की, जब उनके पिता की तबीयत बेहद नाजुक थी और परिवार उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित था। इस स्थिति का लाभ उठाकर, नोटिस के मुताबिक, उन्होंने परिवार की जानकारी और सहमति के बिना शेयर ट्रांसफर और गोपनीय सौदे शुरू किए।
दयानिधि का आरोप है कि पिता की मृत्यु के तुरंत बाद, मॉलिका मारन (उनकी मां) के नाम शेयर ट्रांसफर कर दिए गए, बिना डेथ सर्टिफिकेट या लीगल हीर सर्टिफिकेट के, जो बाद में जारी किए गए। यह कदम एक रणनीतिक चाल के रूप में देखा जा रहा है जिससे अंततः कंपनी के नियंत्रण को कलानिधि मारन की ओर स्थानांतरित किया जा सके।
मात्र ₹10 के मूल्य पर मिले 12 लाख शेयर
नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि 15 सितंबर 2003 को कलानिधि मारन ने खुद को ₹10 प्रति शेयर की दर से 12 लाख इक्विटी शेयर अलॉट किए, जबकि उस समय बाजार में इन शेयरों की कीमत ₹2,500 से ₹3,000 प्रति शेयर आंकी गई थी। इसे "विश्वासघात और आपराधिक धोखाधड़ी" बताया गया है, जिससे कलानिधि ने कंपनी के 60% हिस्सेदारी पर एकतरफा कब्जा जमा लिया, बिना किसी पारिवारिक सहमति या बोर्ड अप्रूवल के।
यह भी कहा गया है कि उस समय सन टीवी आर्थिक रूप से पूरी तरह स्थिर थी और किसी नई पूंजी की आवश्यकता नहीं थी, जिससे यह शेयर आवंटन पूरी तरह अनावश्यक और अनुचित साबित होता है। इससे पहले तक कलानिधि मारन के पास कंपनी में कोई शेयर नहीं थे। लेकिन इस कदम के बाद वे कंपनी के नियंत्रक शेयरधारक बन गए और अन्य पारिवारिक सदस्यों की हिस्सेदारी 50% से घटकर 20% रह गई।
आज 75% हिस्सेदारी और $2.9 बिलियन नेट वर्थ
वर्तमान में कलानिधि मारन के पास सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध सन टीवी नेटवर्क में 75% हिस्सेदारी है और वे देश के सबसे धनी मीडिया उद्यमियों में शुमार होते हैं, जिनकी संपत्ति $2.9 बिलियन (लगभग ₹24,000 करोड़) बताई जाती है।
इन गंभीर आरोपों के मद्देनजर, दयानिधि मारन ने इस मामले की गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे कॉर्पोरेट गवर्नेंस के उल्लंघन, आपराधिक आचरण और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बताया है।
इस मामले ने न सिर्फ सन टीवी नेटवर्क बल्कि तमिलनाडु की एक बेहद प्रभावशाली राजनीतिक-पारिवारिक इकाई को भी सुर्खियों में ला दिया है। अब सबकी नजर इस हाई-प्रोफाइल पारिवारिक टकराव की कानूनी लड़ाई पर है, जिसका असर कंपनी के प्रबंधन और प्रतिष्ठा दोनों पर पड़ सकता है।
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