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इस मामले में वरिष्ठ पत्रकार अरनब गोस्वामी को बॉम्बे हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत
वरिष्ठ पत्रकार और ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
वरिष्ठ पत्रकार और ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (Republic Media Network) के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी से जुड़े मामले में कांग्रेस को एक और झटका लगा है। दरअसल, बॉम्बे हाई कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को बड़ी राहत देते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता और विधान परिषद सदस्य भाई जगताप (Bhai Jagtap) और महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस के वाइस प्रेजिडेंट सूरज ठाकुर द्वारा ‘रिपब्लिक टीवी’ पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका खारिज कर दी है। इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांग्रेस को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
इन कांग्रेसी नेताओं की ओर से दायर की गई याचिका में अरनब गोस्वामी पर पिछले महीने की पालघर लिंचिंग की घटना पर एक टीवी बहस के दौरान कथित तौर पर सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने का प्रयास करने और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को बदनाम का आरोप लगाया गया था।
बॉम्बे हाई कोर्ट में कांग्रेस नेताओं की ओर से दायर याचिका में मांग की गई थी अरनब गोस्वामी पर किसी भी टीवी चैनल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बोलने पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए, साथ ही उनके चैनल ‘रिपब्लिक टीवी’ को किसी भी प्रोग्राम को प्रसारित करने से रोक देना चाहिए अथवा बंद कर देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं द्वारा अरनब गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग भी की गई थी। लेकिन न्यायमूर्ति पीसी चव्हाण ने यह कहते हुए कि अरनब गोस्वामी के खिलाफ पहले ही एक एफआइआर दर्ज की जा चुकी है और जांच चल रही है, याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि महाराष्ट्र पुलिस ने चैनल प्रबंधन के कुछ बड़े अधिकारियों से पूछताछ की थी। इसके अलावा हाई कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता सूरज ठाकुर सुप्रीम कोर्ट में पहले ही याचिका में पक्षकार हैं, इसलिए हाई कोर्ट ने कहा कि वह इस मांग को वहां रख सकते हैं। हाई कोर्ट का कहना था कि अरनब गोस्वामी ने उनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए याचिका दायर की हुई है। ऐसे में इस स्टेज पर कोई भी आदेश पारित करना सही नहीं होगा।
गौरतलब है कि अरनब गोस्वामी के खिलाफ छत्तीसगढ़, राजस्थान, पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र और जम्मू एवं कश्मीर में कई मामले दर्ज कराए गए हैं, जिनके खिलाफ अरनब ने पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय देते हुए तीन सप्ताह तक उनकी गिरफ्तारी या किसी अन्य तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक भी लगा दी थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने अरनब गोस्वामी के खिलाफ एक एफआईआर को छोड़कर सभी एफआईआर पर रोक लगा दी थी। यह एक एफआईआर नागपुर में दर्ज की गई थी, जिसे अब मुंबई स्थानांतरित कर दिया गया है।
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