खत्म हुआ इंतजार, BARC इंडिया ने फिर शुरू की न्यूज चैनल्स की रेटिंग

बार्क इंडिया ने गुरुवार को इस साल के दसवें हफ्ते के डेटा को जारी करने के साथ न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स फिर से शुरू कर दी है।

Last Modified:
Thursday, 17 March, 2022
News Ratings

देश में टेलीविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ‘ब्रॉडकास्टर्स ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) इंडिया ने गुरुवार को इस साल के दसवें हफ्ते के डेटा को जारी करने के साथ न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स फिर से शुरू कर दी है।

बार्क द्वारा दर्शकों के अनुमानों के लिए YUMI सॉफ्टवेयर के साथ सभी चैनल्स के लिए एक समान प्लेटफॉर्म (A level playing field) उपलब्ध कराया गया है। नई व्यवस्था के अंतर्गत न्यूज और विशिष्ट वर्ग के लिए रेटिंग चार सप्ताह की रोलिंग औसत परिकल्पना (four-week rolling average concept) पर आधारित होगी।

पिछले 13 हफ्तों (Week 49, 2021 to Week 9, 2022) का डेटा जारी करने पर बार्क का कहना है कि पिछला रोलिंग किया हुआ डेटा उन चैनल्स के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्होंने इस डेटा को प्राप्त करने के लिए ऑप्ट-आउट का विकल्प नहीं चुना है। यह डेटा अगले तीन कार्य दिवसों में जारी किया जाएगा। बार्क ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले 13 हफ्तों के लिए चैनल्स को केवल चार सप्ताह का रोलिंग औसत डेटा प्रदान किया जाएगा।

साप्ताहिक डेटा रिलीज जारी करने की योजना को सही से मूर्त देने के लिए इसकी तारतम्यता (cadence) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गौरतलब है कि सात फरवरी को 'बार्क इंडिया' ने कहा था कि वह 17 मार्च से न्यूज चैनल्स के लिए चार सप्ताह का रोलिंग औसत डेटा जारी करना शुरू करेगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने नाविका कुमार को दी ये बड़ी राहत

टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी किए जाने के मामले में एंकर नाविका कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 23 September, 2022
Last Modified:
Friday, 23 September, 2022
Navika Kumar

टीवी डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी किए जाने के मामले में एंकर नाविका कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। शीर्ष अदालत ने नाविका कुमार के खिलाफ 8 सप्ताह तक किसी ऐक्शन पर रोक लगा दी है। इसके अलावा उनके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज केसों को भी दिल्ली ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। अब नाविका कुमार पर दर्ज सभी मामलों की जांच अब दिल्ली पुलिस की ‘इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (आईएफएसओ) इकाई ही करेगी। 

इसके पहले आठ अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने नाविका कुमार के खिलाफ देश के तमाम हिस्सों में दर्ज एफआईआर को लेकर उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रूप से रोक लगा दी थी। साथ ही जस्टिस कृष्णा मुरारी और हेमा कोहली की बेंच ने नाविका कुमार की उस याचिका पर केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भी जारी किया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की है।

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता (अब निलंबित) नुपुर शर्मा द्वारा कुछ माह पूर्व पैगंबर मोहम्मद पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में देश-विदेश में आग भड़क उठी थी। भारत और विदेशों में मुस्लिम समुदाय में भारी आक्रोश को देखते हुए बीजेपी ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया था। इस आग की चिंगारी नाविका कुमार तक भी पहुंच गई थी और उनके खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में एफआईआर कराई गई थीं। इन एफआईआर में नाविका कुमार पर जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया था।

इन एफआईआर में आरोप लगाया गया कि 25 मई की रात नौ बजे जब नाविका कुमार अपने प्राइम टाइम शो ‘द न्यूज ऑवर’ को होस्ट कर रही थीं, तब नुपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपशब्द कहे थे, जिससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। हालांकि, ‘टाइम्स नाउ’ ने नुपुर की टिप्पणी से खुद को दूर करने की कोशिश करते हुए दावा किया था कि यह उनका समर्थन नहीं करता है।

चैनल द्वारा एक बयान में कहा गया था, ‘हम अपनी बहस के प्रतिभागियों से संयम बनाए रखने और साथी पैनलिस्टों के खिलाफ असंसदीय भाषा में शामिल नहीं होने का आग्रह करते हैं।’

 

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सीनियर न्यूज एंकर निधि वासंदानी ने Republic Bharat को कहा अलविदा

वह इस चैनल की शुरुआत से ही इसके साथ जुड़ी हुई थीं और इन दिनों बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर/सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 23 September, 2022
Last Modified:
Friday, 23 September, 2022
Nidhi Vasandani

टीवी जर्नलिस्ट और सीनियर न्यूज एंकर निधि वासंदानी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharat) में अपनी करीब साढ़े तीन साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वह इस चैनल की शुरुआत से ही इसके साथ जुड़ी हुई थीं और इन दिनों बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर/सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।  

समाचार4मीडिया से बातचीत में निधि वासंदानी ने बताया कि 24 सितंबर इस संस्थान में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा। निधि ने बताया कि वह जल्द ही अपनी नई पारी शुरू करेंगी। ‘रिपब्लिक भारत’ को जॉइन करने से पहले निधि वासंदानी ‘इंडिया न्यूज’ में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर और न्यूज एंकर की जिम्मेदारी निभा रही थीं। हालांकि, यहां उनका सफर महज आठ महीने ही रहा था।

निधि वासंदानी को मीडिया में काम करने का करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। ‘इंडिया न्यूज’ से पहले वह ’एबीपी न्यूज’ का चिर-परिचित चेहरा रही हैं। उन्होंने इस न्यूज चैनल के साथ करीब चार साल की पारी खेली। निधि वर्ष 2014 में ’एबीपी न्यूज’ के साथ जुड़ी थीं। वह 2014 के फीफा वर्ल्ड कप से लेकर ’एबीपी न्यूज’ के लोकप्रिय शो ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री’ तक कवर कर चुकी हैं। इसके साथ ही वह महाराष्ट्र और आस पास के राज्यों की खबरों वाला शो ‘मुंबई लाइव’ कवर कर चुकी हैं। निधि ये शो खुद ही बनाती थीं और इसकी एंकरिंग भी खुद ही करती थीं। नोटबंदी के दौरान निधि के काम को कई बार सराहा गया, क्योंकि उन्होंने कई ऐसे रिपोर्ट्स तैयार की थीं, जिसमें कैशलैस इंडिया की तस्वीर को उजागर किया गया था।

’एबीपी न्यूज’ से पहले निधि ’जी बिजनेस’ में कार्यरत थीं। यहां अप्रैल 2009 से मार्च  2014 तक अपनी पारी के दौरान उन्होंने प्रड्यूसर के साथ-साथ एंकरिंग की भी जिम्मेदारी संभाली। वह ‘जी मीडिया’ के अन्य न्यूज चैनलों में भी दे अपना योगदान दे चुकी हैं, जिनमें ‘जी’ यूपी/उत्तराखंड व ‘जी संगम’ शामिल है। इसके पहले वह मई 2007 से अप्रैल  2009 तक ‘सहारा समय’ में रही हैं। उन्होंने कुछ समय तक भोपाल में ‘राज न्यूज‘ और ‘भास्कर टीवी‘ के साथ भी काम किया है।  

निधि ने इकनॉमिक्स (ऑनर्स) में ग्रेजुएशन किया है और वह डबल पोस्ट ग्रेजुएट  (मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस) हैं। निधि एक ट्रेंड क्लासिकल डांसर भी हैं, जिन्होंने कथक में ग्रेजुएशन किया है। वह कई स्टेज शो भी कर चुकी हैं। वह बच्चों को डांस भी सिखाती हैं। चूंकि उनका नाता भोपाल से हैं, लिहाजा वह भोपाल के दूरदर्शन में कई बार परफॉर्मेंस भी दे चुकी हैं। भोपाल की सर्वश्रेष्ठ क्लासिकल डांसर के तौर पर निधि को शिवराज सिंह चौहान सम्मानित भी कर चुके हैं।इसके अलावा निधि को वर्ष 2004 में सिंधि प्रतिभा के लिए नेशनल अवॉर्ड समेत कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है।

समाचार4मीडिया की ओर से निधि वासंदानी को उनके नए सफर के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

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संकेत उपाध्याय ने बताया, कौन हैं मीडिया में नफरत के 'असली कारोबारी' और कैसे लगेगी लगाम

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि 'हेट स्पीच पूरी तरह से जहर बोने का काम करती है। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Sanket Upadhyay

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया और टीवी एंकरों को लेकर केंद्र सरकार पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सीधे शब्दों में इसकी निंदा करते हुए कहा है कि हेट स्पीच यानी कि अभद्र भाषा का जब टीवी डिबेट्स में इस्तेमाल होता है तो सरकार 'मूकदर्शक' क्यों बनी हुई है ?

कोर्ट ने कहा कि टीवी एंकर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। जैसे ही कोई गलत या विवादित बयान देता है तो यह काम एंकर का होता है कि उन्हें तुरंत टोका जाए या आगे बोलने से रोका जाए।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ ने कहा कि 'हेट स्पीच पूरी तरह से जहर बोने का काम करती है। इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती है। हमारे पास जब तक एक उचित कानूनी ढांचा नहीं होगा तब तक लोग ऐसा करना जारी रखेंगे। '

इस पूरे वाकये पर एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार संकेत उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट का समर्थन किया है। संकेत उपाध्याय ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट ने नफ़रती TV एंकरों पर अच्छी टिप्पणी की। लेकिन पीछे बैठे आकाओं को भी नहीं बख्शना चाहिए। मीडिया में नफ़रत के असली कारोबारी तो पर्दे के पीछे बैठे लोग हैं। वहाँ से टूँटी बंद होगी तो अपने आप स्क्रीन पर नफ़रत का प्रवाह बंद हो जाएगा।'

 

 

इस मामले को लेकर एंकर संकेत उपाध्याय ने अपने शो में  देश के पहले टीवी न्यूज़ एंकर शम्मी नारंग से भी बात की है। इस मसले पर बोलते हुए शम्मी नारंग ने कहा कि गाज सिर्फ एंकर पर ही क्यों गिरनी चाहिए ? वर्तमान में चैनलों की आपसी होड़ ने भी नफरत को बढ़ावा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को नकारात्मकता परोसी जा रही है लेकिन ये दौर मंथन का भी है, एक समय ऐसा भी आएगा जब ज़हर और अमृत दोनों अलग अलग हो जाएंगे।

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वक्फ की जमीन को लेकर अमिश देवगन ने उठाए सवाल, किया ये बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के ऐलान के बाद अब वक्फ संपत्तियों के सर्वे का फैसला लिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Amish Devgan

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के ऐलान के बाद अब वक्फ संपत्तियों के सर्वे का फैसला लिया है। दरअसल, योगी सरकार ने प्रदेश में बंजर, ऊसर आदि सार्वजनिक संपत्तियों को वक्फ के तौर पर दर्ज करने के 1989 के शासनादेश को रद्द कर दिया है। सरकार ने इसी के साथ प्रदेश में वक्फ की संपत्तियों का सर्वे शुरू कर दिया है।

सरकार के इन फैसलों पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इन फैसलों का विरोध किया है। अखिलेश यादव का साफ कहना है कि हम सर्वे के खिलाफ हैं, सर्वे नहीं होना चाहिए। एआईएमआईएम ने भी वक्फ की संपत्तियों के सर्वे पर योगी सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने योगी सरकार पर हमला बोलते हुए पूछा कि वह केवल वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण क्यों कर रहे हैं? उन्हें हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड की संपत्तियों की भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने मदरसों के सर्वे कराने को सरकार की साजिश करार देते हुए यूपी सरकार पर अनुच्छेद 300 (संपत्ति का अधिकार) के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

इस बीच ‘न्यूज18 इंडिया’ (हिंदी) के मैनेजिंग एडिटर और सीनियर एंकर अमिश देवगन ने अपने शो ‘आर-पार’ में इस पूरे मुद्दे को जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा है कि देश में रेलवे और सेना के बाद वक्फ बोर्ड के पास सबसे ज्यादा आठ लाख एकड़ जमीन है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर वक्फ बोर्ड के पास ये लाखों एकड़ की जमीन कैसे आई।    

इसके साथ ही अमिश देवगन ने इस शो में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ‘कारगुजारियों’ को लेकर काफी बड़ा खुलासा भी किया है। अपने शो में अमिश देवगन ने बताया है कि वर्ष 2014 में जब लोकसभा चुनाव को लेकर देश में आचार संहिता लगी थी, उससे कुछ ही घंटों पहले तत्कालीन मनमोहन सिंह की सरकार ने काफी बड़ा ‘खेल’ किया था।  

अमिश देवगन ने बताया कि पांच मार्च 2014 को जारी शासनादेश में तत्कालीन मनमोहन सरकार द्वारा दिल्ली में 123 वक्फ संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को गिफ्ट में दे दिया गया था।  इनमें लोदी रोड और मिंटो ब्रिज जैसे वीवीआईपी इलाकों में भी जमीन दी गई। इसके बाद कनॉट प्लेस, अशोक रोड और मथुरा रोड पर भी जमीन दी गई।

अमिश देवगन ने सवाल उठाया कि क्या आपने कहीं देखा है कि सरकार में कोई अर्जी लगाएं और एक हफ्ते में उसका रिजल्ट आ जाए, लेकिन वक्फ बोर्ड की अर्जी पर सरकार ने तुरत-फुरत में एक हफ्ते के अंदर यह फैसला ले लिया। अमिश देवगन ने इन संपत्तियों की कीमत 120 करोड़ रुपये से 150 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया है।   

अमिश देवगन ने सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा कभी हुआ है कि आप एक अर्जी लगाएं और मात्र एक हफ्ते में उसका रिजल्ट आ जाए। क्या ये तुष्टिकरण की पराकाष्ठा थी?  इस पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। अमिश देवगन ने अपने शो में इस शासनादेश की कॉपी भी दिखाई और कहा कि इसमें पूरा विवरण है कि दिल्ली में कहां-कहां पर और कितनी प्रॉपर्टी दिल्ली वक्फ बोर्ड को दी गई।

यही नहीं, अमिश देवगन ने 1995 में तत्कालीन पीवी नरसिम्हा राव की सरकार का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे इस एक्ट को अमलीजामा पहनाया गया। उन्होंने कहा कि 1995 में इस वक्फ एक्ट को पूरे एक्शन के साथ लाया गया। इस वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 के अनुसार किसी संपप्ति को वक्फ घोषित करने का अधिकार दिया गया। यानी यदि किसी संपत्ति पर वक्फ बोर्ड अपना दावा कर देता है तो दूसरे पक्ष को अपना मालिकाना हक साबित करना होगा। इस एक्ट के सेक्शन 54 के तहत वक्फ बोर्ड डीएम के जरिये संपत्ति से अतिक्रमण हटवा सकता है। यही नहीं, सेक्शन चार और पांच में यह भी कहा गया है कि वक्फ की संपत्ति का सर्वे राज्य सरकार के खर्चे से होगा। अमिश देवगन के अनुसार, उस समय किसी ने भी इस एक्ट को लेकर सवाल खड़े नहीं किए। अब जब सर्वे की बात हो रही है तो इसका विरोध हो रहा है।

‘आर-पार’ के इस एपिसोड को आप यहां देख सकते हैं।

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फिर iTV नेटवर्क से जुड़े युवा पत्रकार चेतन सेठ, निभाएंगे यह भूमिका

युवा पत्रकार चेतन सेठ ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के साथ पत्रकारिता में अपने नए सफर की शुरुआत की है। पूर्व में भी वह यहां अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Chetan Tripathi

युवा पत्रकार चेतन सेठ ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के साथ पत्रकारिता में अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने इस नेटवर्क के चैनल ‘इंडिया न्यूज’ (मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़) में बतौर असाइनमेंट हेड जॉइन किया है। ‘इंडिया न्यूज‘ के साथ चेतन सेठ की यह दूसरी पारी है। पूर्व में भी वह यहां अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

बता दें कि चेतन सेठ ने पिछले दिनों ‘वनइंडिया‘ चैनल से इस्तीफा दे दिया था। वह करीब दस महीने से ग्वालियर-चम्बल में बतौर डिप्टी क्लस्टर हेड के तौर पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

मूल रूप से शिवपुरी (मध्य प्रदेश) के रहने वाले चेतन सेठ को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का पांच साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने दिल्ली, नोएडा और ग्वालियर, भोपाल सहित तमाम जगह काम किया है। वह डिप्टी क्लस्टर हेड होने के साथ इनपुट, आउटपुट, रिपोर्टर रह चुके हैं। पूर्व में वह ‘भारत न्यूज टीवी‘ और ‘सहारा समय‘ में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

चेतन सेठ ने बताया कि उन्होंने ‘सहारा समय‘ में रहते हुए कोविड काल के दौरान हो रहे ‘पीडीएस घोटाले‘ का खुलासा किया। सरकार की ओर से शुरू हुई जनसम्पर्क विभाग की मदद की पोल खोली। मध्य प्रदेश में चल रहे ऑपरेशन लोटस कवरेज में भी उन्होंने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही ‘इंडिया न्यूज‘ में रहते हुए नकली प्लाज्मा मामले का भी खुलासा किया, जो देश-दुनिया में काफी चर्चित हुआ और सरकार सहित तमान सामाजिक संस्थाओं ने उनके इस कार्य की सराहना की एवं सम्मान किया था।

समाचार4मीडिया की ओर से चेतन सेठ को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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‘टाइम्स नाउ नवभारत’ के बाद वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे ने तलाशी नई मंजिल

वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे ने ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वे यहां नोटिस पीरियड पर हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 September, 2022
Last Modified:
Thursday, 22 September, 2022
Piyush Pandey

वरिष्ठ टीवी पत्रकार पीयूष पांडे को लेकर एक बड़ी खबर है कि वह अब ‘आजतक’ के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, अगले महीने वह यहां किसी सीनियर पद पर जॉइन करेंगे। ‘आजतक’ के साथ ये इनकी तीसरी पारी होगी।

बता दें कि उन्होंने ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में कुछ समय पहले ही इस्तीफा दे दिया था। फिलहाल वे यहां नोटिस पीरियड पर हैं। करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुए ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ की लॉन्चिंग टीम का वे अहम सदस्य थे और बतौर सीनियर एडिटर प्राइम टाइम शो ‘ओपिनियन इंडिया का’ के अलावा हाल तक डिजिटल का प्रभार देख रहे थे।

पीयूष पांडे ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ से पहले ‘सूर्या टीवी’ के साथ थे, जहां वे एग्जिक्यूटिव एडिटर (आउटपुट) के पद पर कार्यरत थे और इसके पहले वे ‘एबीपी न्यूज’ और उससे पहले ‘आजतक’ में थे। ‘आजतक’ में वरिष्ठ पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेयी के चर्चित शो ‘दस्तक’  के प्रड्यूसर थे।

पत्रकारिता में करीब ढाई दशक का अनुभव रखने वाले पीयूष देश के उन चुनिंदा पत्रकारों में हैं, जिन्हें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, वेब मीडिया के साथ फिल्मी दुनिया में काम करने का खासा अनुभव है और उनकी पहचान उनका वर्सेटाइल होना ही है। इतना ही नहीं, पीयूष की एक पहचान व्यंग्यकार की भी है। उनके तीन व्यंग्य संग्रह 'छिछोरेबाजी का रिजोल्यूशन' 2012 में राजकमल प्रकाशन से और 'धंधे मातरम' 2017 में और फिर कबीरा बैठा डिबेट में 2020 में प्रभात प्रकाशन से प्रकाशित हो चुका है। फेसबुक पर उनके वन लाइनर खासे चर्चित हैं। इसके बाद, इस साल उनकी चौथी किताब ‘कुछ पाने की जिद- मनोज वाजपेयी’ ने मार्केट में दस्तक दी, जो मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी है।

पीयूष ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1998 में ‘अमर उजाला’ अखबार से की थी। 2001 में ‘नवभारत टाइम्स’ ऑनलाइन की लॉन्चिंग टीम में रहे और फिर करीब तीन साल उसे संभाला भी। ‘आजतक’ में टीवी पत्रकारिता का लंबा अनुभव लेने के बाद उन्होंने 2007 में ‘सहारा समय’ में आउटपुट हेड की जिम्मेदारी संभाली। ‘जी न्यूज’ में बतौर एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर काम किया, तो आईबीएन-7 (न्यूज18 इंडिया) में उन्होंने बतौर सोशल मीडिया एडिटर काम किया। हालांकि, आईबीएन-7 की उनकी पारी खासी छोटी रही। इसके बाद ‘आजतक’, ‘एबीपी न्यूज’, ‘सूर्या टीवी’ होते हुए वे ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में आए थे।

पीयूष की एक पहचान सोशल मीडिया एक्सपर्ट की भी है। ‘दैनिक भास्कर’, ‘दैनिक जागरण’, ‘प्रभात खबर’, ‘कादम्बिनी’ समेत कई पत्र पत्रिकाओं में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर उनके कॉलम प्रकाशित होते रहे हैं। ‘जी न्यूज’ में सोशल मीडिया से जुड़ा देश का पहला दैनिक शो ‘ट्रेंडिंग न्यूज’ शुरू कराने का श्रेय इन्हीं को जाता है। पीयूष ने 'ब्लू माउंटेंस' फिल्म में बतौर एसोसिएट डायरेक्टर काम किया और स्टार प्लस पर प्रसारित सीरियल ‘महाराज की जय हो’ के संवाद उन्होंने लिखे। उनकी फिल्मों की जानकारी व दिलचस्पी अकसर फेसबुक पोस्ट में दिखायी देती रहती है। फेसबुक के जरिए ही पता चलता है कि हाल में उन्होंने एक शॉर्ट फिल्म ‘पार्ट टाइम जॉब’ निर्देशित की है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण मुख्य भूमिका में हैं।

मूल रूप से आगरा के रहने वाले पीयूष पांडे ने पत्रकारिता और सूचना तकनीक में मास्टर्स डिग्री ली है। आगरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता के कोर्स के दौरान गोल्ड मेडलिस्ट रहे पीयूष पांडे को सीएसडीएस समेत कई अहम संस्थानों की फेलोशिप भी मिल चुकी है।

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अब इस न्यूज चैनल से नई पारी शुरू कर सकती हैं वरिष्ठ टीवी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी

सीनियर टीवी जर्नलिस्ट और जानी-मानी न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी के बारे में खबर है कि वह अब अपनी नई पारी की शुरुआत ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) से कर सकती हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 21 September, 2022
Last Modified:
Wednesday, 21 September, 2022
Chitra Tripathi

सीनियर टीवी जर्नलिस्ट और जानी-मानी न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी के बारे में खबर है कि वह अब अपनी नई पारी की शुरुआत ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) से कर सकती हैं। अंदरखाने के सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, इस बारे में चैनल प्रबंधन से उनकी बातचीत चल रही है। हालांकि, इस बारे में न तो एबीपी प्रबंधन और न ही चित्रा त्रिपाठी ने किसी तरह की पुष्टि की है।

बता दें कि हाल ही में विश्वस्त सूत्रों के हवाले से खबर मिली थी कि चित्रा त्रिपाठी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ से इस्तीफा दे दिया है और प्रबंधन ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है। चित्रा त्रिपाठी इस चैनल से करीब साढ़े तीन साल से जुड़ी हुई थीं और बतौर एडिटर व सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। चित्रा ‘आजतक’ पर शाम पांच बजे का डिबेट शो ‘दंगल’ कर रही थीं। शाम पांच बजे तकरीबन सभी न्यूज चैनल्स पर डिबेट का कार्यक्रम होता है, जिसमें ‘दंगल’ TRP में नंबर वन है। इसके अलावा चित्रा शाम सात बजे न्यूज बुलेटिन ‘शंखनाद’ कर रही थीं। फिलहाल वह लंदन में हैं।

चित्रा त्रिपाठी इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान उनका फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है। कई-कई घंटों तक नॉनस्टॉप काम करके चित्रा ने अपनी अलग पहचान बनाई है।

बता दें कि ‘आजतक’ से पहले भी चित्रा त्रिपाठी ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ी हुई थीं। ‘एबीपी न्यूज’ में ‘2019 कौन जीतेगा’ शो करती थीं, साथ ही उनके पास 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' जैसा बड़ा वीकली प्रोग्राम भी था। ‘एबीपी’ में उन्हें सियाचिन में की गई रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि #कौनबनेगामुख्यमंत्री, #मोदीकेचारसाल और #बिहारकानेता कैसा हो, जैसे फ्लैगशिप शो जो लोगों के बीच जाकर किए गए, के जरिये उन्हें बड़ी पहचान मिली और एबीपी प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया।

यूपी के एक गांव में आधी रात को की गई उनकी एक बड़ी स्टोरी, जिसमें बीजेपी विधायक के घर बिजली और पूरे गांव में अंधेरे पर रिपोर्टिंग थी, जिसके बाद यूपी सरकार के बिजली मंत्री ने तीन दिन के अंदर गांव में खंभे लगवाए और आजादी के बाद वहां पहली बार लोगों के घरों में बिजली आई। सपा सरकार के बिजली मंत्री के गांव में भी उन्होंने बिजली पर रात के अंधेरे में रिपोर्टिंग की तो पता चला मंत्रीजी ने अपने धर्म के लोगों के घरों में बिजली पहुंचाई और दूसरे घरों में अंधेरा-कार्यक्रम का नाम था हिंदुओं के घर में अंधेरा। जहां बाद में बिजली पहुंची। फेसबुक के माध्यम से अयोध्या की एक बूढ़ी अम्मा के साथ भोजपुरी में की गई राम मंदिर पर उनकी बातचीत को तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा था।

एबीपी न्यूज के पहले चित्रा ‘इंडिया न्‍यूज’ चैनल में एसोसिएट एडिटर/प्राइम टाइम न्‍यूज एंकर थीं। चित्रा ने खास उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय युवा महिलाओं पर आधारित शो ‘बेटियां’ का भी सफलतापूर्वक संचालन किया था। उनका ये शो चैनल के फ्लैगशिप शो में गिना जाता था, जिसके 65 एपिसोड्स प्रसारित हुये थे और उनके द्वारा फेसबुक के माध्यम से भानुमति नाम की यूपी के एक गांव की महिला को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया गया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में सम्मानित किया था।

इसके अलावा चित्रा को उनकी स्‍टोरी ‘हिन्‍दुस्‍तान का मिशन जय हिन्‍द’ के लिए भारतीय सेना की ओर से प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। ‘इंडिया न्‍यूज’ से पहले ‘सहारा समय’ (Sahara Samay) में न्‍यूज एंकर/प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थीं। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से रहने वाली चित्रा त्रिपाठी को मीडिया में काम करने का करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। उन्होंने अपना करियर गोरखपुर दूरदर्शन से शुरू किया था। इसके बाद वह विभिन्‍न चैनल जैसे ‘ETV’ उत्‍तर प्रदेश एवं उत्‍तराखंड और ‘न्यूज 24’ में भी काम कर चुकी हैं। चित्रा ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से ‘डिफेंस स्‍टडीज’ में स्नातकोत्तर किया है और इसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। एनसीसी सी सर्टिफिकेट प्राप्‍त चित्रा को वर्ष 2001 में रिपब्लिक डे गॉर्ड ऑफ ऑनर में कमांड करने के लिये गोल्ड मेडल मिल चुका है और उन्हें इसी उपलब्धि के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी उनके आवास जाकर मिलने का मौका मिला था। चित्रा त्रिपाठी को कश्मीर में आई बाढ़ पर रिपोर्टिंग के लिए प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका’ अवॉर्ड भी मिल चुका है।

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दिल्ली HC ने रजत शर्मा व इंडिया टीवी को दिया निर्देश, इस मामले में दायर करें हलफनामा

‘जी मीडिया' की ओर से दायर मुकदमे के मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट ने 'इंडिया टीवी' के चैयरमैन रजत शर्मा व 'इंडिया टीवी' को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 20 September, 2022
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‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Ltd) की ओर से दायर मुकदमे के मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट ने 'इंडिया टीवी' के चैयरमैन रजत शर्मा और 'इंडिया टीवी' को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें 1992 से 05.01.1997 के दौरान ‘जी टेलीफिल्म्स लिमिटेड’ द्वारा निर्मित और ‘जी टीवी’ पर प्रसारित ‘आप की अदालत’ के 141 एपिसोड प्रसारित नहीं करने की बात कही गयी हो। जी मीडिया ने अपने एक बयान में यह दावा किया है।

‘जी मीडिया’ की ओर से सीनियर एडवोकेट जॉय बसु के नेतृत्व में ट्रस्ट लीगल की पार्टनर रित्विका नंदा और एसोसिएट पार्टनर रूपाली गुप्ता ने अपनी बात रखी, जबकि रजत शर्मा और इंडिया टीवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा।

बता दें कि इससे पहले हाई कोर्ट के समझ रजत शर्मा व इंडिया टीवी की ओर से अंडरटेकिंग दी गयी थी कि वह बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत’ के एपिसोड को तमाम प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे और आगे इसका प्रसारण नहीं करेंगे।

‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से जनवरी 1997 के दौरान ‘जी टीवी‘ द्वारा निर्मित और प्रसारित ‘आप की अदालत‘ के 141 एपिसोड के संबंध में 13 सितंबर को एक मुकदमा दायर किया था और रजत शर्मा व इंडिया टीवी पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट से निषेधाज्ञा की मांग की थी।

‘जी मीडिया’ ने कोर्ट में एक अवमानना ​​याचिका भी दायर की थी जिसमें कहा गया था कि रजत शर्मा और इंडिया टीवी के स्पष्ट हलफनामे के बावजूद कि शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे के साथ इंटरव्यू का लिंक हटा दिया गया है, वही यू-ट्यूब जैसे प्लेटफार्मों पर यह तब तक दिखाई देता रहा और अवमानना ​​के आवेदन की तामील के बाद ही इसे हटा लिया गया।

बता दें कि 25 जून 2022 और 26 जून 2022 को महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ‘इंडिया टीवी‘ ने बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत‘ का एक एपिसोड प्रसारित किया, जिसे ‘जी टीवी‘ द्वारा वर्ष 1993 में निर्मित और प्रसारित किया गया था।

अपनी याचिका में ‘जी मीडिया‘ ने आरोप लगाया कि ‘आप की अदालत’ के एपिसोड का प्रसारण ‘जी मीडिया‘ के कॉपीराइट का उल्लंघन था। इसके साथ ही ‘जी मीडिया‘ ने रजत शर्मा और ‘इंडिया टीवी‘ के खिलाफ आगे के एपिसोड का प्रसारण रोकने और वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने व हर्जाने का निर्देश देने की मांग की थी। इसी मुकदमे के मामले में ‘इंडिया टीवी’ ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी कि वह बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत’ के एपिसोड को तमाम प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे और आगे इसका प्रसारण नहीं करेंगे।

‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से पांच जनवरी 1997 तक ‘जी टेलिफिल्म्स लिमिटेड’ द्वारा निर्मित और  ‘जी टीवी’ पर प्रसारित हुए ‘आपकी अदालत’ के 141 एपिसोड का सभी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारण और प्रकाशन रोकने के लिए ‘इंडिया टीवी’ के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग की है। उस दौरान रजत शर्मा ‘जी समूह’ के लिए काम करते थे।

रजत शर्मा और इंडिया टीवी के वकील ने शेष 140 एपिसोड के संबंध में उचित निर्देश लेने के लिए समय मांगा। मामले में अगली सुनवाई अब 20 सितंबर 2022 को की जाएगी।

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टीवी एंकर नैना यादव की फिर हुई इस न्यूज चैनल में वापसी

टीवी एंकर नैना यादव ने जाने-माने पत्रकार जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में 15 अगस्त को लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) को अलविदा कह दिया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 20 September, 2022
Naina Yadav

टीवी एंकर नैना यादव ने जाने-माने पत्रकार जगदीश चंद्रा के नेतृत्व में 15 अगस्त को लॉन्च हुए हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत24’ (Bharat24) को अलविदा कह दिया है। उन्होंने यहां पर एडिटर कम एंकर जॉइन किया था। वह चैनल में मैनेजमेंट और जगदीश चंद्रा की कोर टीम का हिस्सा थीं।

नैना यादव ने अब ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के हिंदी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत एचडी’ (Times Now Navbharat HD) को फिर जॉइन कर लिया है। वह इस चैनल की शुरुआत से ही बतौर प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट/एंकर इससे जुड़ी हुई थीं, लेकिन पिछले महीने यहां करीब एक साल पुरानी पारी को विराम देकर ‘भारत24’ चली गई थीं, लेकिन अब वह वापस इस चैनल में लौट आई हैं।

गौरतलब है कि नैना यादव ‘टाइम्स नाउ नवभारत एचडी’ से पहले करीब ढाई साल तक ‘न्यूज नेशन‘ (News Nation) में बतौर एंकर अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वह ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) से नाता तोड़कर ‘न्यूज नेशन’ चैनल में आई थीं।

मध्यप्रदेश के इंदौर की रहने वाली नैना यादव को एंकरिंग का काफी अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2007 से मीडिया में एंकरिंग की शुरुआत की थी। पूर्व में वह btv news, जी24 घंटे छत्तीसगढ़,  बंसल न्यूज (मप्र-छत्तीसगढ़), न्यूज़18इंडिया (IBN7) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुकी हैं।

पत्रकारिता के अलावा नैना यादव सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं और ‘Koshish-एक बदलाव की' संस्था की डायरेक्टर भी हैं। यह संस्था समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय है।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो नैना यादव ने ‘माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय’, भोपाल से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से नैना यादव को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने ‘आजतक’ से दिया इस्तीफा

चित्रा त्रिपाठी इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 September, 2022
Last Modified:
Tuesday, 20 September, 2022
Chitra Tripathi

हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ में एडिटर और जानी-मानी न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी के बारे में खबर है कि उन्होंने चैनल प्रबंधन को अपना इस्तीफा दे दिया है। अंदरखाने के विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार, प्रबंधन द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। 

चित्रा त्रिपाठी इस चैनल के साथ करीब साढ़े तीन साल से जुड़ी हुई थीं। वह इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान उनका फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है। कई-कई घंटों तक नॉनस्टॉप काम करके चित्रा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2019 में पाकिस्तान से विंग कमांडर अभिनंनदन की घर वापसी पर उन्होंने सुबह नौ बजे से रात के बारह बजे तक लगातार एंकरिंग/रिपोर्टिंग की थी। उस समय  चित्रा को आजतक जॉइन किए हुए सिर्फ 20 दिन हुए थे।

यूपी चुनाव 2022 में बुलेट रिपोर्टर के तौर पर 100 दिन की कवरेज करने वाली मीडिया इंडस्ट्री की पहली पत्रकार हैं, जिन्होंने 22000 किलोमीटर की यात्रा तय करके अपनी रिपोर्टिंग का लोहा मनवाया।  इसी महीने जब नोएडा में ट्विन टॉवर को गिराया जा रहा था तो चित्रा त्रिपाठी ने दिन में 11:30 बजे से एंकरिंग शुरु की थी और उस समय सोशल मीडिया पर लाखों लोग ‘आजतक’ देख रहे थे। कोरोना काल के दौरान चित्रा त्रिपाठी की ओर से की गई रिपोर्टिंग के कारण ‘आजतक’ प्रबंधन ने उन्हें अपने नौ रत्नों के अवॉर्ड में शामिल किया था।

चित्रा त्रिपाठी द्वारा हफ्ते भर की गई हाथरस की रिपोर्टिंग ने भी उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं, जब उन्होंने एक अधिकारी को काफी फटकार लगाई थी। लोगों ने धाकड़ पत्रकार की जमकर तारीफ की थी। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से रहने वाली चित्रा त्रिपाठी उन चुनिंदा एंकर्स में हैं, जो डेडिकेशन के साथ लगातार काम में जुटी रहती हैं। चित्रा त्रिपाठी को कश्मीर में आई बाढ़ पर रिपोर्टिंग के लिए प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका’ अवॉर्ड भी मिल चुका है।
बता दें कि ‘आजतक’ से पहले चित्रा त्रिपाठी करीब ढाई साल से ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ी हुई थीं। ‘एबीपी न्यूज’ में ‘2019 कौन जीतेगा’ शो करती थीं, साथ ही उनके पास 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' जैसा बड़ा वीकली प्रोग्राम भी था। ‘एबीपी’ में उन्हें सियाचिन में की गई रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि #कौनबनेगामुख्यमंत्री, #मोदीकेचारसाल और #बिहारकानेता कैसा हो, जैसे फ्लैगशिप शो जो लोगों के बीच जाकर किए गए, के जरिये उन्हें बड़ी पहचान मिली और एबीपी प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया। सोशल मीडिया पर भी उनके फॉलोवर की अच्छी खासी संख्या है।

यूपी के एक गांव में आधी रात को की गई उनकी एक बड़ी स्टोरी, जिसमें बीजेपी विधायक के घर बिजली और पूरे गांव में अंधेरे पर रिपोर्टिंग थी, जिसके बाद यूपी सरकार के बिजली मंत्री ने तीन दिन के अंदर गांव में खंभे लगवाए और आजादी के बाद वहां पहली बार लोगों के घरों में बिजली आई। सपा सरकार के बिजली मंत्री के गांव में भी उन्होंने बिजली पर रात के अंधेरे में रिपोर्टिंग की तो पता चला मंत्रीजी ने अपने धर्म के लोगों के घरों में बिजली पहुंचाई और दूसरे घरों में अंधेरा-कार्यक्रम का नाम था हिंदुओं के घर में अंधेरा। जहां बाद में बिजली पहुंची। फेसबुक के माध्यम से अयोध्या की एक बूढ़ी अम्मा के साथ भोजपुरी में की गई राम मंदिर पर उनकी बातचीत को तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा था।

एबीपी न्यूज के पहले चित्रा ‘इंडिया न्‍यूज’ चैनल में एसोसिएट एडिटर/प्राइम टाइम न्‍यूज एंकर थीं। करीब डेढ़ दशक से पत्रकारिता में सक्रिय चित्रा ने खास उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय युवा महिलाओं पर आधारित शो ‘बेटियां’ का भी सफलतापूर्वक संचालन किया था। उनका ये शो चैनल के फ्लैगशिप शो में गिना जाता था, जिसके 65 एपिसोड्स प्रसारित हुये थे और उनके द्वारा फेसबुक के माध्यम से भानुमति नाम की यूपी के एक गांव की महिला को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में सम्मानित किया था।

इसके अलावा चित्रा को उनकी स्‍टोरी ‘हिन्‍दुस्‍तान का मिशन जय हिन्‍द’ के लिए भारतीय सेना की ओर से प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। ‘इंडिया न्‍यूज’ से पहले ‘सहारा समय’ (Sahara Samay) में न्‍यूज एंकर/प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थीं। चित्रा त्रिपाठी ने अपना करियर गोरखपुर दूरदर्शन से शुरू किया था। इसके बाद वह विभिन्‍न चैनल जैसे ‘ETV’ उत्‍तर प्रदेश एवं उत्‍तराखंड और ‘न्यूज 24’ में भी काम कर चुकी हैं। चित्रा ने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से ‘डिफेंस स्‍टडीज’ में स्नातकोत्तर किया है और इसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। एनसीसी सी सर्टिफिकेट प्राप्‍त चित्रा को वर्ष 2001 में रिपब्लिक डे गॉर्ड ऑफ ऑनर में कमांड करने के लिये गोल्ड मेडल मिल चुका है और उन्हें इसी उपलब्धि के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी उनके आवास जाकर मिलने का मौका मिला था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
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