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'अरासु केबल टीवी' के भुगतान संबंधी मुद्दों से परेशान हैं ब्रॉडकास्टर्स
तमिलनाडु सरकार के स्वामित्व वाली अरासु केबल टीवी (Arasu Cable TV) पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया भुगतान कई प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स के बीच चिंता का विषय है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
तमिलनाडु सरकार के स्वामित्व वाली अरासु केबल टीवी (Arasu Cable TV) पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया भुगतान कई प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स के बीच चिंता का विषय है।
सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु अरासु केबल टीवी (TACTV) ने पिछले एक साल से सोनी, स्टार, जी, वायकॉम और अन्य सहित कई ब्रॉडकास्टर्स के टेलीविजन चैनलों की सदस्यता शुल्क से संबंधित बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है।
सूत्रों ने बताया कि इस साल मार्च में, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर तमिलनाडु अरासु केबल टीवी द्वारा सदस्यता शुल्क के भुगतान में हस्तक्षेप करने की मांग की थी, लेकिन तमिलनाडु सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
IBDF में सदस्य के तौर पर 56 ब्रॉडकास्टर्स शामिल हैं, जो लगभग 450 न्यूज व नॉन-न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो देश में टेलीविजन दर्शकों की 90% संख्या है।
तमिल अखबार के 29 जून के अंक में छपी खबर के मुताबिक, राज्य के आईटी मंत्री के अनुसार, सरकारी केबल सेवा TACTV, जिस पर टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों का 525 करोड़ रुपये बकाया है, गंभीर परिस्थितियों में है, उसके पास आवश्यक संसाधन नहीं हैं और वह बिजली की आपूर्ति के लिए ठेकेदारों पर निर्भर है।
ब्रॉडकास्टर्स को आशंका है कि यदि राज्य सरकार TACTV का चैनल एक्सेस रद्द करती है, तो इससे क्षेत्र में उनकी समग्र व्यावसायिक गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं।
हालांकि, ब्रॉडकास्टर्स के पास दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) में कंपनी के खिलाफ लंबित बकाया के लिए अपील करने का विकल्प है।
सूत्रों के अनुसार, केबल नेटवर्क 2022 में केंद्र सरकार की सलाह का भी पालन नहीं कर रहा है, जिसमें केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों से सीधे प्रसारण या प्रसारण गतिविधियों के वितरण में शामिल न होने के लिए कहा गया है। प्रसारण के राजनीतिकरण को रोकने के उद्देश्य से ऐसा किया गया था।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भी प्रसारण विधेयक के मसौदे में यही प्रावधान जोड़ा है।
मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि MIB ने TACTV के साथ बैठक कर चिंताओं को समझा, लेकिन मामला अभी विचाराधीन है और उसी के अनुसार निपटा जाएगा।
ट्राई के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2024 तक TACTV के सक्रिय ग्राहक लगभग 1.57 मिलियन हैं।
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