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AIDCF vs TRAI: कुछ और केबल ऑपरेटर्स ने मानी ब्रॉडकास्टर्स की बात, एग्रीमेंट पर किए साइन
ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 3.0) को अब कुछ और केबल ऑपरेटर्स ने रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) पर साइन कर दिए हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 3.0) को अब कुछ और केबल ऑपरेटर्स ने रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) पर साइन कर दिए हैं और वह भी तब जब नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 3.0) को चुनौती देने वाली याचिका पर अभी भी केरल हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है। बता दें कि जिन लोगों ने साइन कर दिए हैं, इनमें से कुछ ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) के सदस्य भी हैं।
इंडस्ट्री के सूत्रों की मानें तो, केरल के प्रमुख केबल ऑपरेटर्स में से एक ने 22 फरवरी को सब्सक्राइबर्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए। 21 फरवरी को इस मामले में ट्राई के वकील राकेश द्विवेदी ने कोर्ट को बताया कि AIDCF के प्रमुख सदस्यों में से एक ने यानी सिटी केबल ने भी 2022 नियमों के तहत इंटरकनेक्शन समझौते पर साइन कर दिए हैं।
वहीं मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, थमिझागा केबल टीवी, तमिलनाडु अरासु केबल टीवी और KAL केबल्स अन्य प्रमुख मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) में से हैं, जिन्होंने NTO 3.0 को स्वीकार कर लिया है।
केबल फेडरेशन से जुड़े एक सूत्र ने कहा, 'ऐसे दबाव की स्थिति में कारोबार चलाना मुश्किल है।' उन्होंने कहा कि फेडरेशन से जुड़े कुछ केबल ऑपरेटर्स ने समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, हालांकि अन्य अभी भी आज की अदालत की सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं।
इस बीच, केरल हाई कोर्ट आज फिर से मामले की सुनवाई करेगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस शाजी पी. चाली की सिंगल जज की बेंच कर रही है।
सुनवाई के तीसरे दिन 22 फरवरी को राकेश द्विवेदी ने अपनी दलीलें पूरी कीं। अपने सबमिशन के दौरान, उन्होंने कहा कि AIDCF ने खुद कहा था कि 2020 का फ्रेमवर्क काम करने योग्य नहीं है, लेकिन अब वे कोर्ट से इसे बहाल करने के लिए कह रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ट्राई ने ब्रॉडकास्टर्स को लोकप्रिय चैनलों की कीमत 19 रुपए से कम करने के लिए मजबूर किया है। इसलिए, कोई भी भ्रम नहीं है और साफ है कुछ भी मनमाना नहीं है, जबकि याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यह (संशोधन) स्पष्ट रूप से मनमाना है।
उन्होंने आगे कहा, ‘वे सभी चैनलों की कीमत तय करने की मांग कर रहे हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर्स की आजादी खत्म हो रही है। लेकिन यह बिल्कुल नई मांग है। मैं यह दिखाने की कोशिश कर रहा हूं कि उनकी मांगें 2020 के फ्रेमवर्क से बाहर है।
द्विवेदी ने कहा, ‘यह मेरा निवेदन है कि अंतरिम रोक लगाने को लेकर कुछ भी नहीं है। लिहाजा इस पर स्टे लगाने का नतीज ये होगा कि 2020 का रेगुलेशन प्रभावी हो जाएगा, जिस पर सभी स्टेकहोल्डर्स ने सहमति व्यक्त की थी कि यह व्यावहारिक नहीं है।
द्विवेदी की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि चूंकि मामले पर विस्तार से बहस की जा चुकी है, इसलिए इसका अंतिम रूप से निस्तारण किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, 'मैं याचिकाकर्ताओं से भी इस बारे में पूछूंगा।'
अंत में, स्टार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कोर्ट से अनुरोध किया कि क्या वह अगले दिन (23 फरवरी) अपना पक्ष रख सकते हैं।
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