वरिष्ठ पत्रकार श्रवण गर्ग की यह कविता जीवन और समय के चक्र पर गहराई से प्रकाश डालती है, जहाँ हर दिन एक नई शुरुआत और हर साल एक नया अवसर लेकर आता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 weeks ago
यह वह क्षण होता है, जब उम्मीदें फिर से आकार लेती हैं, थकी हुई इच्छाओं को नई ऊर्जा मिलती है और मन एक बार फिर बेहतर इंसान बनने का संकल्प करता है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
सर्वश्री वासुदेवशरण अग्रवाल, राधाकुमुद मुखर्जी को पढ़ते हुए पुण्यभूमि भारत के दृश्य साक्षात हो जाते हैं। अनादिकाल से हो रही ये तीर्थ यात्राएं भारत को समझने की ही खिड़कियां रहीं हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
उस समय जवाहरलाल नेहरू की छवि शांति चाहनेवाले नेता के रूप में थी। जब चीन, भारतीय सेना पर भारी पड़ने लगा था तब दिनकर की इस कविता से नेहरू को ललकारा गया था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 9 months ago
बहुमुखी प्रतिभा के धनी पदमजीत सहरावत की प्रेरणादायक कविताओं का संग्रह ‘उड़ान’ का विमोचन 21 जनवरी, 2025 को इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago
दिनकर चाहते थे कि उनकी कृतियों की समग्रता में चर्चा हो लेकिन जब सिर्फ उनकी राष्ट्र आधारित कविताओं की चर्चा होती तो वो झुब्ध हो जाते।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
हठ करती थी बचपन में मैं, लेने को चुनरी रंग बिरंगी। कहती थी मुझको भी है, घूंघट वाला खेल खेलना बस आज अभी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
इस कविता के माध्यम से कवि ने यह बताने का प्रयास किया है कि कोविड-19 ने हमारी दिनचर्या पर किस तरह का प्रतिकूल प्रभाव डाला है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. विनोद पुरोहित ने इस कविता के माध्यम से जीवन के सफर को बहुत ही संजीदगी के साथ बयां किया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
जब नहीं रहेगी बच्चों की मुस्कुराहटें, औरतों की फुसफुसाहटें, बात बे बात पर आने वाली खिलखलाहटें, ये दुनिया किस काम की रहेगी...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago