ऐसा तो कभी नही हुआ। भारतीय लोकतंत्र की एक बुजुर्ग पार्टी करीब करीब साल भर से खुले आम मीडिया को कटघरे में खड़ा कर रही है। पत्रकारों और संपादकों के पास उसका कोई उत्तर नहीं है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago


पत्रकारों के लिए वकील या डॉक्टर की तरह पेशेवर डिग्री कितनी जरूरी है? यह सवाल दशकों से भारतीय पत्रकारिता और बौद्धिक गलियारों में तैरता रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


संस्था के नाम पर भले ही एनडीटीवी (NDTV) मौजूद रहे, लेकिन पत्रकारिता के क्षेत्र में अनेक सुनहरे अध्याय लिखने वाले इस संस्थान का विलोप हो रहा है।

राजेश बादल 3 years ago


चार दिन हो गए। तबसे चुप्पी बरकरार है। टीवी पत्रकारिता के किसी घराने, संपादक, पत्रकार, एंकर और टीवी पत्रकारिता के संगठनों ने मुंह नहीं खोला।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने अमेरिका के सेन फ्रांसिस्को के एक समारोह में शिरकत करते हुए अपनी निराशा प्रकट की है।

राजेश बादल 3 years ago


पत्रकारिता की आड़ में वैचारिक जंग पर उतारू इन महारथियों को समझना होगा कि उनके व्यवहार से समूचे पेशे की बदनामी होती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


पांच प्रदेशों में चुनाव हैं। कोरोना की तीसरी लहर तेजी से फैल रही है। मासूम निर्वाचन आयोग कर ही क्या सकता है। रैलियों, सभाओं और रोड शो के जरिए प्रचार अभियान पर बंदिश लगा सकता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


विडंबना तो यह है कि इस झूठ को दबंगी के साथ फैलाने के बाद लोकतंत्र के कमोबेश सारे प्रतीकों की खामोशी रहस्यमय है। एक अपात्र से पद्म सम्मान वापस लेने का साहस भी नहीं दिखाया गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


अनुभव से बड़ा कोई ज्ञान नहीं है। जब कोई उमरदराज बूढ़ा इस लोक से जाता है तो अपने साथ एक विशाल पुस्तकालय ले जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago


पेगासस मामले पर सर्वोच्च न्यायालय की उलझन समझ में आने वाली है। हुक़ूमते हिन्द ने अपना उत्तर देने से इनकार कर दिया है। सॉलिसिटर जनरल का एक तर्क किसी के पल्ले नहीं पड़ा।

राजेश बादल 4 years ago