वर्ष 2020 की शुरुआत में जब वुहान, चाइना से आती महामारी की खबरों को अखबारों में लिखा व टीवी चैनल्स में दिखाया जा रहा था तो इसे अधिकांश लोगों ने सामान्य खबर ही समझा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
इस परिभाषा के मुताबिक देश का मीडिया आज दुनिया में सबसे ज्यादा हिम्मती और आजाद होना चाहिए। लेकिन ‘विश्व प्रेस फ्रीडम इंडेक्स’ में भारत लगातार नीचे गिरता जा रहा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
वर्ष 2022 को यदि हम मीडिया की दृष्टि से देखें तो मैं ऐसा समझता हूं कि यह सामान्य रहा। असामान्य नहीं था। सामान्य इसलिए था, क्योंकि मीडिया की जो भारत में जरूरत है, उस दृष्टि से कोई नई पहल नहीं हुई है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
न्यूज चैनल्स पर होने वाली टेलिविजन डिबेट किसी की जिंदगी भी बर्बाद कर सकती हैं, ये हमने साल 2022 में देखा। मुझे लगता है कि मीडिया के माथे पर लगा ये कलंक साल की सबसे बड़ी खबर है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
2022 बीतते-बीतते देश के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योग घराने अडानी समूह ने एनडीटीवी को खरीद लिया। अचानक कुछ ऐसे स्वर कर्कश राग गाने लगे कि अब भारत से पत्रकारिता पूरी तरह से खत्म हो गई।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
साल 2022 में हम सभी के मन में एक सवाल था कि कोरोना के बाद की पत्रकारिता कैसी होगी? असल में इस सवाल का जवाब कोरोना काल में हुई पत्रकारिता में ही छिपा हुआ था।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
पत्रकारिता का पेशा सदैव चुनौतीपूर्ण रहा है। कल भी था, आज भी है और कल भी रहेगा। शायद आने वाल कल में और अधिक चुनौतियां होंगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
मीडिया की दृष्टि से वर्ष 2022 बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है। मैं ये कहूंगा कि पिछले दो-तीन साल मीडिया के संक्रमण काल के साल हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
कोई भी साल सभी के लिए अच्छा या बुरा नहीं होता। 50 वर्षों में माना जाता है कि कोरोना काल सबसे बुरा समय था, लेकिन यही समय दवा कंपनियों के लिए और कुछ डॉक्टरों के लिए पैसे कमाने का सबसे अच्छा समय बन गया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
2023 में मुझे तो समाचार-जगत से जुड़ी कोई ख़ास गुलाबी उम्मीद नज़र आ नहीं रही। लेकिन कुछ ख़्वाहिशें ज़रूर हैं। पूरी न सही, आधी-अधूरी भी, पूरी हो जाएं तो अयोध्या जाकर प्रसाद चढ़ाऊंगा।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago