पत्रकारिता की दुनिया के तमाम ऐसे किस्से इतिहास के पन्नों में दफन पड़े हैं, जो आज की पीढ़ी के लिए काफी दिलचस्प हो सकते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


जिस वंशवाद की आज बात होती है उसका सबसे पहला किरदार विष्णु शर्मा के अनुसार इंदिरा गांधी थीं। इसलिए उन्होंने पहले ही अध्याय में इस पर बात की है।

आनंद पाराशर 1 year ago


वर्तमान में पीएम मोदी को 'तानाशाह' कहकर पुकारा जा रहा है। इस किताब में लेखक इस झूठ का भी पर्दाफाश करते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


यह किताब आपको एक ऐसे जीवन की यात्रा पर ले जाएगी जो न सिर्फ सच्चे और आदर्श मनुष्य से रूबरू कराएगी, बल्कि सच्चे धर्म से भी मिलवाएगी और उस सच्चे समाज से भी, जिसके निर्माण के लिए कोशिश हो रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago


विष्णु शर्मा की 'इंदिरा फाइल्स' युवा पत्रकारों के लिए इसलिए काम की है, क्योंकि सोशल मीडिया के साये में पल रही ये पीढ़ी कम शब्दों में, स्पष्ट और टू-द-पॉइंट जानकारी चाहती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago


बचपन से ही मुझे पढ़ने का शौक रहा है। राम चरित मानस से लेकर महाभारत और रामचंद्र गुहा से लेकर मस्तराम कपूर तक की किताबें।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


वरिष्ठ पत्रकार विवेक पांडेय का काव्य संग्रह 'मैं गली हूं' पूरी तरह अनुभवजन्य यथार्थ पर आधारित लगता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


प्रो. संजय द्विवेदी की उदार लोकतांत्रिक चेतना का प्रमाण उनकी सद्यः प्रकाशित पुस्तक ‘न हन्यते’ है। इस पुस्तक में दिवंगत हुए परिचितों, महापुरुषों के प्रति आत्मीयता से ओत-प्रोत संस्मरण और स्मृति लेख हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


'औरंगजेब नायक या खलनायक' सीरीज के तीसरे खंड में उसके राजपूतों के साथ संबंधों का जो विश्लेषण किया गया है उससे पता चलता है कि औरंगजेब का झगड़ा सिर्फ सत्ता का था

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago


गुरुवार को जयंती रंगनाथन जी का उपन्यास ‘शैडो’ मेरे पास आया था। मैंने इसी दिन इसे पकड़ा तो आधा खत्म कर दिया। फिर शुक्रवार को भीमताल चला गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago