बुक रिव्यू: यथार्थ की जमीन पर अनुभव का ताना-बाना है 'मैं गली हूं' काव्य संग्रह

वरिष्ठ पत्रकार विवेक पांडेय का काव्य संग्रह 'मैं गली हूं' पूरी तरह अनुभवजन्य यथार्थ पर आधारित लगता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 18 August, 2022
Last Modified:
Thursday, 18 August, 2022
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- देवेन्द्र प्रसाद सिंह, वरिष्ठ पत्रकार-साहित्यकार वरिष्ठ पत्रकार विवेक पांडेय का काव्य संग्रह 'मैं गली हूं' पूरी तरह अनुभवजन्य यथार्थ पर आ...
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