शुद्ध मनोरंजन और दिल थामकर रखने वाली है जयंती रंगनाथन की ‘शैडो’: संजीव पालीवाल

गुरुवार को जयंती रंगनाथन जी का उपन्यास ‘शैडो’ मेरे पास आया था। मैंने इसी दिन इसे पकड़ा तो आधा खत्म कर दिया। फिर शुक्रवार को भीमताल चला गया।

Last Modified:
Monday, 25 April, 2022
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संजीव पालीवाल,  वरिष्ठ पत्रकार व सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर, आजतक ।। गुरुवार को जयंती रंगनाथन जी का उपन्यास ‘शैडो’ मेरे पास आया...
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