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नई गाइडलाइंस के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचा Whatsapp, कही ये बात
फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ ने नई इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
फेसबुक के स्वामित्व वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप ‘वॉट्सऐप’ (WhatsApp) ने नई इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड (new Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) के खिलाफ कानूनी शिकायत दर्ज कराते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई गाइडलाइंस में एक नियम का हवाला देते हुए वॉट्सऐप का कहना है कि यह यूजर्स की प्राइवेसी का उल्लंघन कर सकता है, क्योंकि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से सूचना के प्रथम स्रोत्र (first originator of information) की जानकारी देने की मांग करता है। नई गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियों को उस यूजर्स की पहचान बतानी होगी, जिसने सबसे पहले किसी मैसेज को पोस्ट या शेयर किया है।
अपनी याचिका में वॉट्सऐप ने 26 मई से लागू होने वाली नई गाइडलाइंस पर रोक लगाने की मांग की है। इसके साथ ही वॉट्सऐप का यह भी कहना है कि वह सिर्फ उन लोगों के लिए नियमन चाहता है जो प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करते हैं। वॉट्सऐप प्लेटफॉर्म एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड (end-to-end encrypted) है, इसलिए कानून का पालन करने के लिए वॉट्सऐप को इस एन्क्रिप्शन का उल्लंघन करना पड़ेगा। ऐसे में वॉट्सऐप यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में आ जाएगी।
बता दें कि भारत सरकार की नई आईटी गाइडलाइंस को 25 फरवरी 2021 को पेश किया गया था। इन नियमों का उद्देश्य देश में डिजिटल संस्थाओं के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना है। प्लेटफार्म्स को दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था, वहीं नियम न मानने पर सरकार की ओर से कार्रवाई की बात कही गई थी। यह डेडलाइन 26 मई को खत्म हो रही है। सरकार की नई सोशल मीडिया गाइडलाइंस में साफ लिखा गया है कि देश में सोशल मीडिया कंपनियों को कारोबार की छूट है, लेकिन इस प्लेटफॉर्म के हो रहे दुरुपयोग को रोकना जरूरी है।
नए नियमों में सोशल मीडिया कंपनियों को कोई भी कंटेंट या मैसेज सबसे पहले कहां से जारी किया गया, इसकी पहचान करने की जरूरत होती है, जब भी इस बारे में जानकारी मांगी जाए। नए नियम के अनुसार भारत में 50 लाख से ज्यादा यूजर वाले किसी भी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म को यूजर्स की शिकायत सुनने और निवारण के लिए कम से कम तीन अधिकारियों को नियुक्त करना होगा। नए नियम लागू होने के बाद इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किए गए किसी भी कंटेंट से अगर किसी यूजर को आपत्ति है, तो वह इसकी शिकायत कर सकेंगे।
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