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राहुल को लेकर सुखबीर बादल के मुंह से निकल गया कुछ ऐसा, लगने लगे ठहाके
1984 के सिख दंगों पर संसद में अपनी बात रख रहे थे शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
लोकसभा चुनाव से पहले जब राहुल गांधी से पूछा जाता था कि ‘क्या आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं? तो वह अपनी मुस्कराहट से अपनी इच्छा बयां कर दिया करते थे, लेकिन चुनाव परिणामों ने उनकी हंसी छीन ली। हालांकि, पीएम की कुर्सी पर बैठने की उनकी हसरत कायम है और हो भी क्यों न आखिर वह देश की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के नेता हैं।
इस हसरत की एक झलक चंद रोज पहले संसद में उस वक्त देखने को मिली, जब शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल एक बड़ी गलती कर बैठे। बादल ने जैसे ही भूलवश प्राइम मिनिस्टर राहुल गांधी कहा, गहन सोच-विचार में बैठे राहुल की निगाहें सीधी उन पर जाकर टिक गईं। इस बीच उनकी वह मुस्कराहट भी देखने को मिली, जिसे चुनाव में मिली हार ने बादलों की तरह ढक लिया था। अब चूंकि गलती बड़ी थी और राहुल का नाम एक ऐसी घटना से जोड़ा जा रहा था जो वह शायद कभी देखना नहीं चाहेंगे, लिहाजा वह तुरंत ही गंभीर हो गए। ये बात अलग है कि उनकी इस गंभीरता का सदन में ठहाके लगा रहे सदस्यों पर कोई असर नहीं पड़ा।
दरअसल, हुआ यूं कि सुखबीर बादल सदन में 1984 के सिख दंगों पर बोल रहे थे। वो कहना चाहते थे कि सिखों के नरसंहार का आदेश उस वक़्त प्रधानमंत्री रहे राजीव गांधी ने दिया था, लेकिन उनके मुंह से राजीव की जगह राहुल निकल गया। यानी राहुल गांधी ने सिखों के नरसंहार का आदेश दिया था। बादल के आसपास बैठे उनके साथियों को भी शुरुआत में गलती का आभास नहीं हुआ, क्योंकि उनके चेहरे पहले की माफिक गंभीर थे। कांग्रेसी खेमे की तरफ से किसी ने इस गलती पर बादल का ध्यान आकर्षित किया। कहा गया...‘राहुल नहीं राजीव गांधी’। इसके बाद तो सदन में हंसी गूंजने लगी। इसकी दो वजह रहीं, पहली बादल का भूलवश राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बना देना और दूसरी कांग्रेस द्वारा जाने-अनजाने में खुद यह मान लेना कि सिखों के नरसंहार का आदेश राजीव गांधी ने ही दिया था।
सदन में बैठे अमित शाह भी बादल की इस भूल पर अपनी हंसी नहीं छिपा सके। वैसे इसमें सुखबीर सिंह बादल को भी पूरी तरह दोषी नहीं ठहरा सकते, क्योंकि चुनावी फीवर को उतरने में भी वक्त लगता है। लोकसभा चुनाव के परिणामों को इतना भी समय नहीं हुआ है कि उस दौर में सुनाई देने वाले नारों की गूंज दिलोदिमाग से पूरी तरह मिट जाए। कांग्रेसी चुनाव पूर्व राहुल को भावी प्रधानमंत्री कहते नहीं थकते थे, इसके अलावा पीएम के सवाल पर राहुल की मुस्कान भी टीवी पर छाई हुई थी। इस मेमोरी के जहन से गायब होने से पहले ही बादल 1984 में पहुंच गए और गलती कर बैठे।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ट्वीट के साथ यह विडियो अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जो काफी वायरल हो रहा है। इस विडियो को आप यहां देख सकते हैं-
When Sukhbir ji inadvertently said that @RahulGandhi had ordered the killings, Congressmen quickly corrected him saying that it was Rajiv not Rahul. So proud they are of this gruesome crime of Rajiv that they don't allow even his son to take away its credit from his father ! ?? pic.twitter.com/QgfSpW0pvb
— Harsimrat Kaur Badal (@HarsimratBadal_) August 7, 2019
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