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रुबिका लियाकत की हुंकार: भाईचारा किसी गुंडा या माफिया की आरती उतारने से नहीं आता
तमाम विपक्षी नेता बीजेपी पर हमलावर हैं। वहीं कुछ लोगों ने असद अहमद के धर्म पर भी अपनी राजनीति करना शुरू कर दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ में ढेर हुए गैंगस्टर अतीक अहमद के बेटे असद अहमद को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। सबसे पहले यूपी के पूर्व सीएम और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि ये मुठभेड़ फर्जी है।
इसके बाद तमाम विपक्षी नेता बीजेपी पर हमलावर हैं। वहीं कुछ लोगों ने असद अहमद के धर्म पर भी अपनी राजनीति करना शुरू कर दी है। वरिष्ठ पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत ने एक ट्वीट कर ऐसे लोगों को आईना दिखाने का काम किया है।
उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि और खेल शुरू हो गया। माफिया का मजहब लाया गया.. किसी ने लोकतंत्र की हत्या बताया। न न करते जुबान पर अतीक का गम भी आ ही गया, लेकिन सनद रहे लोकतंत्र की हत्या तब हुई जब सरेआम माफिया का बेटा, एक वकील, दो पुलिसकर्मियों को गोलियों से छलनी कर रहा था।भाईचारा किसी गुंडा या माफिया की आरती उतारने से नहीं उसे नेस्तनाबूद करके कायम होता है। अब ये राजनेता योगी को हिंदू और अतीक को मुसलमान बना देंगे। इससे फायदा इन को हो न हो, मुसलमानों को नुकसान जरूर होगा।
आपको बता दें, अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की जल्दी ही सगाई होने वाली थी। उसकी सगाई अपनी बुआ आएशा नूरी की बेटी से होनी थी। आएशा नूरी भी फिलहाल अपनी दो बेटियों के साथ फरार है। 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या के मामले में आएशा नूरी और उसकी दो बेटियों के भी प्रयागराज पुलिस ने आरोपी बनाया है।
वरिष्ठ पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत के द्वारा किए गए इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-
और खेल शुरू हो गया… माफ़िया का मज़हब लाया गया.. किसी ने लोकतंत्र की हत्या बताया..न न करते ज़ुबान पर अतीक का ग़म भी आ ही गया..लेकिन सनद रहे लोकतंत्र की हत्या तब हुई जब सरेआम माफ़िया का बेटा, एक वकील, दो पुलिसकर्मियों को गोलियों से छलनी कर रहा था.. भाईचारा किसी गुंडा या माफ़िया की…
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) April 13, 2023
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